मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में निकाला रोष मार्च, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन



डबवाली। 31 जनवरी
शहर की कबीर बस्ती में एक साढ़े चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में पुरा शहर एक जुट होकर बच्ची के हत्यारों को फांसी की सजा की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आया। जिसके लिए आज प्रात: 10 बजे कबीर बस्ती में नवगठित संस्था जनसंघर्ष समिति के आह्वान पर हजारों पुरुष और महिलाएं रोष मार्च में शामिल होने पहुंची। जिसमें पुरुषों के बराबर महिलाओं की संख्या देख कर कोई गुस्से की स्थिति को समझ सकता है। रोष मार्च कबीर बस्ती से मेन बाजार, जीटी रोड रेलवे फाटक, गोल चौक, न्यू बस स्टेंड रोड, रेलवे स्टेशन, कॉलोनी रोड, चौटाला रोड से होते हुए तहसील कॉम्पलेक्स पहुंचे और एसडीएम सुभाष श्योराण की मार्फत मुख्यमंत्री भूपेंन्दर सिंह हुड्डा के नाम ज्ञापन सौंपा। एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में जन संघर्ष समित ने मांग की कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए, आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने, बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चत करने, मृतक बच्ची के परिवार को आर्थिक मदद की मांग की गई।
रोष मार्च में करीब दो हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी ने आमजन का ऐसी घटनाओं के प्रति गुस्से का प्रतिबिंब दिखा दिया है। मार्च में वृद्ध, महिलाएं, कामगार व बच्चों की संपूर्ण भागीदारी थी। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के इलावा कांग्रेस, इनेलो, भाजपा, हजकां सहित सभी राजनीतिक पाॢटयों के लोगों ने भी रोष मार्च में शामिल होकर आरोपियों के लिए फांसी की मांग की।
मार्च में शामिल लोगों ने अपने हाथों में तख्तियां उठाई हुई थी। जिन पर सभी आगे आओ, बच्चों और महिलाओं को बचाओ, महिलाएं सुरक्षित नहीं तो कोई सुरक्षा नहीं, महक के आरोपियों को फांसी दो और आरोपियों को घिनौने कृत्य की रुह कांपने वाली सजा मिले आदि नारे लगाए। इस दौरान रोष मार्च में भाग ले रही महिलाओं ने  कहा कि पुलिस प्रशासन व ड्रग विभाग द्वारा मेडिकल नशे का काला धंधा करने वाले व्यापारियों पर पुलिस शिकंजा कसे। उन्होंने कहा कि माह जुलाई में पुलिस प्रशासन व ड्रग विभाग द्वारा नशे के व्यापारियों पर शिकंजा कसने के उपरांत शहर वासियों ने राहत महसूस की थी लेकिन अब फिर नशे का व्यापार शहर में फल फूल रहा है इस पर पुलिस तत्परता से कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि देशभर में महिलाओं के प्रति अत्याचार और यौन शोषण के मामले बढ़ते जा रहे हैं लेकिन सरकार इसकों कतई गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली से लेकर डबवाली जैसे कस्बों में भी महिलाएं और बच्चियां घर से बाहर निकलने में डरती है चूंकि उन्हेें कही भी सुरक्षित माहौल उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि महक की जिंदगी छीनने वाले दंरिदों को फांसी पर लटाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की न सोचे। इसी प्रकार समिति अध्यक्ष बृजलाल, कृष्ण कुमार, जगदीश, अमर बागड़ी आदि लोगों ने कहा कि रोष मार्च में शामिल लोगों ने प्रशासनिक ढिलाई और आमजन के रोष को इंगित करता है। रोष मार्च में शामिल लोगों ने आह्वान किया कि शहर मेें मेडिकल नशे की बिक्री जोरों पर जो ऐसी मानसिकता वाले लोगों को उकसाने का काम कर रहा है इसके खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर सघन अभियान चलाकर सभी मेडिकल स्टोर की जांच करते हुए नशे का कारोबार करने वाले लोगों पर नकेल कसनी चाहिए। रोष मार्च के दौरान लोग गुस्से में नजर आए लेकिन मार्च शांतिपूर्वक रहा।
 इस दौरान चंद मिनट के लिए लोग गोल चौक पर रुके भी लेकिन यातायात अव्यवस्थित होने की स्थिति को देखते हुए सभी लोग आगे निकल पड़े। इस दौरान तहसीलदार परमजीत सिंह चहल, शहर थाना प्रभारी रवि खुंडिया, सदर थाना प्रभारी विक्रम नेहरा, ओढ़ां थाना प्रभारी भारतेंद्र कुमार के नेतृत्व में सैंकड़ों पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाले रखा। तहसीलदार परमजीत ङ्क्षसह चहल ने कहा कि रोष मार्च शांतिपूर्वक रहा और आपराधिक तत्व गलत हरकत न करे इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थिति नियंत्रणपूर्वक रही।

शीघ्र फैंसला होगा अपके सामने-एसडीएम
रोष प्रदर्शन में आए जनसमूह को एसडीएम सुभाष श्योराण ने कहा कि उनके द्वारा आरोपियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की मांग पर जिला पुलिस अधिक्षक डॉ. राजश्री द्वारा इस संबंध में जिला सैशन जज से  बातचीत की गई है। उन्होंने कहा कि इस बाबत जल्द ही फैंसला आप सबके सामने आ जाएगा। श्री श्योराण ने कहा कि वह 24 घंटें उनके साथ है और आप सब का सहयोग बहुत जरूरी है। ताकि इस तरह का घिनौना कार्य दोबारा न दोहराया न जा सके। 

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