बिना पित्ता निकाले निकाल दी 18 mm की पथरी
डबवाली। होम्योपेथिक दवा से पित्ते की पथरी को जड़मूल से खत्म किया जा सकता है। यह करिश्मा बठिण्डा रोड़ पर स्थित पाल होम्यो हॉस्पीटल ने कर दिखाया है।
गांव डबवाली निवासी 65 वर्षीय गुरदेव कौर के पित्ते में पथरी थी। उसने दिसंबर 2012 में एक अल्ट्रासाऊंड केन्द्र से रिपोर्ट प्राप्त की। जिसमें उसके पित्ते में 18 एमएम पथरी आई। परिजन उसे उपचार के लिए बठिण्डा, बीकानेर सहित कई अन्य संस्थानों में लेकर गए, लेकिन निराशा ही हाथ लगी ।
क्या बोले चिकित्सक
पाल होम्यो हॉस्पीटल के संचालक डॉ. सुखपाल सिह तथा डॉ. राजेन्द्र कौर ने बताया कि चिकित्सकों के पित्ता निकाले जाने की बात सुनकर गुरदेव कौर तथा उसके परिजनों के होश उड़ गए। जीटी रोड़ पर जग्गा रिपेयरिंग वक्र्स के नाम से वर्कशॉप चलाने वाले जगसीर सिंह अपनी वृद्ध माता को लेकर हॉस्पीटल में आया। उन्होंने होम्यो पद्धति से गुरदेव कौर का उपचार शुरू किया। मार्च 2013 में उनका पुन: अल्ट्रासाऊंड करवाया गया। पित्ते में पथरी का नामोनिशान तक नहीं था। चिकित्सक ने बताया कि भविष्य में पथरी पुन: न बने, इसके लिए वृद्धा को अगस्त माह तक उपचार दिया गया। अब गुरदेव कौर पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं।
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