देवीलाल परिवार की की राजनीतिक जंग देवर - भाभी आमने सामने


कभी भाइयों, तो कभी पुत्रवधू और चाचा ससुर का हो चुका है आमना-सामना
Dabwalinews.com
डबवाली। हरियाणा की राजनीति के भीष्म पितामह दिवंगत देवीलाल का परिवार पिछले उन्नीस वर्षों से राजनीतिक जंग लड़ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की बड़ी पुत्रवधू के नक्शेकदम पर छोटी पुत्रवधू भी निकल गई है। जिला परिषद के जोन नंबर चार से नामांकन दाखिल किया है। उनका मुकाबला अपने देवर से होगा।
देवीलाल परिवार में असल राजनीतिक जंग की शुरूआत वर्ष 2000 में हुई थी। रोड़ी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने कांग्रेस प्रत्याशी अपने छोटे भाई रणजीत सिंह को हराया था। उस चुनाव में चौटाला को 60.10 फीसदी वोट मिले थे। जबकि रणजीत सिंह को 36.43 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे। वर्ष 2009 में प्रदेश में कांग्रेस सत्ता के दौरान इनेलो का गृह क्षेत्र हलका डबवाली ही परिवार की जंग का मैदान बन गया। देवीलाल परिवार के तीन सदस्यों ने एक साथ चुनाव में ताल ठोंकी। कांग्रेस की ओर से डॉ. केवी सिंह मैदान में उतरे थे।
इनेलो की ओर से देवीलाल के पौत्र अजय सिंह चौटाला खड़े हुए। कांग्रेस की ओर से टिकट न मिलने से बागी हुए पूर्व उपप्रधानमंत्री के पौत्र रवि चौटाला पुत्र प्रताप सिंह चौटाला ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा। अपने चचेरे भाई तथा चाचा का हराकर अजय सिंह चौटाला विजयी बने। बात यहीं खत्म नहीं हुई।
जेबीटी भर्ती घोटाले में सजा काट रहे अजय सिंह चौटाला की पत्नी नैना सिंह चौटाला ने वर्ष 2014 में राजनीति में कदम रखा। देवीलाल परिवार की किसी महिला की राजनीति में एंट्री से प्रदेश का राजनीतिक जगत हिल उठा। इस बार भी मुकाबला देवीलाल परिवार के दो मजबूत प्रत्याशियों में हुआ। विधानसभा चुनाव 2014 में नैना सिंह चौटाला के मुकाबले कांग्रेस ने डॉ. केवी सिंह को उतारा। पुत्रवधू-चाचा ससुर में जबरदस्त मुकाबला हुआ। नैना चौटाला ने अपने चाचा ससुर को मात दी। नैना चौटाला के नक्शे कदम पर चलते हुए चौटाला परिवार की छोटी बहू कांता चौटाला ने इस बार जिला परिषद चुनाव में ताल ठोकी है। ऐलनाबाद से विधायक तथा वरिष्ठ इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला की पत्नी कांता चौटाला ने शुक्रवार को जोन चार से अपना नामांकन दाखिल किया।
उनके सामने भाजपा नेता आदित्य चौटाला पुत्र जगदीश चौटाला ने अपना नामांकन भरा है। देवर का मुकाबला भाभी से होने जा रहा है।
कर्ण चौटाला भी लड़ेंगे चुनाव
जिला परिषद के एक जोन के लिए चचेरे भाईयों अभय सिंह चौटाला तथा रवि चौटाला में भी घमासान हो चुका है। जिसमें अभय चौटाला ने रवि को हराया था। उल्लेखनीय यह भी है कि अजय सिंह चौटाला के बेटे दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला के बाद अभय सिंह चौटाला के बड़े बेटे कर्ण चौटाला ने भी सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में बेशक कर्ण चौटाला ने सरगर्मी दिखाई। राजनीतिक तौर पर पहली बार अपना नामांकन दाखिल किया। वे जोन नं 12 से चुनाव लडे़ंगे।
देवीलाल का गुणगान
आदित्य अपना नाम आदित्य देवीलाल चौटाला लिखते हैं। वर्ष 2014 में विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा से टिकट मांगी थी। अपनी जनसभाओं में अधिकतर वे देवीलाल का गुणगान करते हुए वोटरों को आकर्षित करते हैं। इस बार मामला थोड़ा टेड़ा रहने की आशंका है। चूंकि उनकी भाभी कांता चौटाला भी देवीलाल के नाम पर वोट मांगेंगी। उनका साथ बड़ी भाभी विधायक नैना चौटाला देंगी। ऐसे में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है।

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