होप - एक उम्मीद एनजीओ ने बांटे 200 जरूरतमंद व्यक्तियों को कपड़े ,
डबवाली,

होप- एक उम्मीद एनजीओ द्वारा मंगलवार व बुधवार को 200 जरूरतमंद व्यक्तियों को संस्था द्वारा इलाके के लोगों से एकत्रित किये गये नये और पुराने कपड़े वितरित किये। सिरसा रोड , बसस्टैंड ,रेलवे सटेशन , डी ए वी स्कूल व सरस्वती स्कूल चौटाला रोड के पास झुग्गी झोपडिय़ों में एनजीओ •े सदस्य जब कपड़े लेकर पहुंचे जो जैसे तैसे अपना जीवन व्यतीत कर रहे ये लोग कपड़े पा कर खुशी से फुले नहीं समा रहे थे। संस्था के प्रवक्ता मास्टर इंद्रजीत सिंह और अमन भरद्वाज ने बताया कि सदस्य संजीव भरद्वाज, डा.सुखपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह एडवोकेट, मनदीप जोड़ा, सुच्चा सिंह भुल्लर,ज़ीटी रोड़ पर स्थित विश्वकर्मा मंदिर गुरुद्धारा साहिब में स्थित एनजीओं के कार्यालय में एकत्रित हुए और उन्होंने लोगों द्वारा सहयोग स्वरूप दिये गये कपड़ों को एकत्रित कर उन्हें व्यवस्थित रूप दिया। इसके उपरांत एनजीओं के सदस्य सिरसा रोड , बसस्टैंड ,रेलवे सटेशन , डी ए वी स्कूल व सरस्वती स्कूल चौटाला रोड के पास कालोनी में स्थित गरीब बस्ती में गये और वहां पर जरूरतमंद व्यक्तियों को कपड़े वितरित किये। इसके उपरांत एनजीओं के सदस्य मालवा बाई पास पर पहुंचे और उन्होंने वहां पर झुग्गी झोंपडियों में रह रहे लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से कपड़ेे दिये। संस्था के प्रवक्ता अमन भरद्वाज ने बताया उनका यह कपड़ा बैंक का प्रकल्प आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की है कि वे मजबूर और गरीब लोगों की सहायता के लिए आगे आये और पेटियों और अलमारियों में बंद पड़े पुराने कपड़े किसी गरीब के तन ढांपने के लिए दान में दे। उन्होंने बताया कि उपरोक्त प्रकल्प को जारी रखने के अलावा संस्था सदस्यों ने बैठक में दीवाली पर्व अनोखे ढंग से समाजसेवा कर मनाने का निर्णय लिया। इसके तहत दीवाली के नजदीक सबकी दीवाली
नाम से प्रकल्प लगाया जाएगा जिसमें गरीब व जरूरतमंद लोगों के घरों में मिठाई के डिब्बे, फल व बच्चों के नए कपड़े पहुंचाए जाएंगे। इस प्रकल्प के अंतर्गत संस्था द्वारा लोगों को विभिन्न तरीकों से पटाखे नहीं चलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। संस्था सदस्य लोगों को इस बात के लिए जागरूक करेंगे कि पटाखों पर होने वाली पैसों की बर्बादी को कम कर वे जरूरतमंदों के लिए सहयोग करें ताकि गरीब परिवार भी सबके साथ दीवाली की खुशियों में शामिल हो सकें।
सिरसा रोड पर मनसा दास डेरा के पास खुले आसमान में एक पेड़ के निचे अपना जीवन व्यतीत कर रहे मानसिक रूप से कमजोर एक अधेड़ उम्र के शख्श व इसी तरह रेलवे स्टेशन पर एक विकलांग को जब होप एक उम्मीद एनजीओं के सदस्यों ने नये जैसे कपड़े दिये तो उस की खुशी का पारावार न रहा। उन्होंने तुरंत चित्थड़े बन चुके अपने पुराने कपड़ों को उतार कर एनजीओं द्वारा दिये गये कपड़े पहन लिये। संस्था के संथापक डॉ सुखपाल सिंह ने बताया कि उनके चेहरों पर खिली मुस्कान ने संस्था के सदस्यों को और ऊर्जा से इस कार्य को आगे बढ़ाने की प्ररेणा दी है।


नाम से प्रकल्प लगाया जाएगा जिसमें गरीब व जरूरतमंद लोगों के घरों में मिठाई के डिब्बे, फल व बच्चों के नए कपड़े पहुंचाए जाएंगे। इस प्रकल्प के अंतर्गत संस्था द्वारा लोगों को विभिन्न तरीकों से पटाखे नहीं चलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। संस्था सदस्य लोगों को इस बात के लिए जागरूक करेंगे कि पटाखों पर होने वाली पैसों की बर्बादी को कम कर वे जरूरतमंदों के लिए सहयोग करें ताकि गरीब परिवार भी सबके साथ दीवाली की खुशियों में शामिल हो सकें।
कपडे पाकर चेहरों पर खिली मुस्कान

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