एक अकेले हिंदुस्तानी ने बचाई थी 1,70,000 हिंदुस्तानियों की जान...
dabwalinews.com
इन दिनों अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म "एयरलिफ्ट " काफी सुर्खियों में है। लेकिन उसके पीछे की कहानी काफी दिलचस्प और अद्भूत है। फिल्म में जिस व्यक्ति रणजीत कत्याल का किरदार अक्षय कुमार निभा रहे हैं, उसके बारे में जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है।
रणजीत की ही बदौलत भारत ने 1990 में दुनिया के सबसे बड़े मिशन को अंजाम दिया था। आपको यह बात जानकार सबसे ज्यादा आश्चर्य होगा कि इस पूरे मिशन को जिस एक व्यक्ति ने अंजाम देने में भारत सरकार की मदद की थी, वह कोई सेना या फिर सरकारी कर्मचारी नहीं बल्कि कुवैत में हिंदुस्तान का सबसे बड़ा व्यापारी था।
रंजीत कत्याल ही वह शख्स थे, जिन्होंने अपनी जिंदगी को खतरे में डालकर कुवैत से 1,70,000 भारतीयों को भारत भेजने में अहम भूमिका निभाई थी। रंजीत ने ईराक के सैनिक तानाशाह सद्दाम हुसैन से भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री इंद्रकुमार गुजराल की मुलाकात करवाई थी, जिसके बाद भारत सरकार ने दुनिया के इस सबसे बड़े मिशन को अंजाम दिया था।
भारत सरकार ने इस पूरे मिशन को अंजाम देने के लिए केवल और केवल 59 दिन लगाये। इतना ही नहीं भारत सरकार की तरफ से 1,70,000 हिन्दुस्तानियों को कुवैत के रणक्षेत्र से बाहर निकालने 488 बार एयर इंडिया को उड़ान भरनी पड़ी थी। 1990 के दशक में ईराक और कुवैत में हुए युद्ध के दौरान जब वहां रह रहे भारतीय फंस गए थे तो रंजीत ने उन्हें भारत पहुंचाने का जिम्मा उठाया। रंजीत के बारे में कहा जाता था कि वह अपने आपको भारतीय से ज्यादा कुवैती मानता था, लेकिन एक दिन जब भारत माता के बच्चों पर खतरा मंडराया तो वही रंजीत पूरे 1 लाख 70 हजार हिन्दुस्तानियों के लिए ढाल बन गया।
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