सरकार बढ़ाए गांव में खेल सुविधाएं ,फिर और भी मिलेंगे बरिंदर ,नहीं आई कोई सरकारी बधाई
dabwalinews.com : प्रदेश सरकार गांव में खेल स्टेडियम बनवाकर सुविधाएं बढ़ाए तो एक नहीं सैकड़ों बरिंदर सरां तैयार किए जा सकते हैं। फिलहाल यहां से13 किलोमीटर दूर डबवाली में ही स्टेडियम है। बच्चों को खेलने के लिए गल्र्स स्कूल में ही पिच तैयार करके काम चलाना पड़ता है। बरिंदर के पिता बलबीर सिंह तो यहां तक कहते हैं कि सरकार स्टेडियम व अभ्यास की अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाए, तो अकेला उनका गांव पूरी भारतीय टीम तैयार कर सकता है। आज तो हालात यह है कि गांव में जाने के लिए बसों का भी अभाव है।ग्रामीणों ने कहा कि गांव में बच्चों का बेस तैयार हो सके, इसके लिए सबसे जरूरी खेल स्टेडियम है। स्टेडियम बनने के बाद युवाओं को नियमित अभ्यास के लिए एक निश्चित स्थान मिल जाएगा।

पूरे हरियाणा से कई सालों बाद एकमात्र खिलाड़ी का भारतीय क्रिकेट टीम में चुने जाने के बावजूद भी सरकार या प्रशासन के किसी भी प्रतिनिधि द्वारा सुध नहीं लेने से ग्रामीणों में नाराजगी भी दिखी। ग्रामीणों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के युवा के परिवार को वहां के मुख्यमंत्री ने विशेष सम्मान दिया। लेकिन यहां कुछ नहीं मिला।बरिंदर सिंह की बुलंदियों ने युवाओं में जबरदस्त आत्मविश्वास बढ़ाया है। सरकार जल्दी से जल्दी गांव में स्टेडियम की सौगात दे।बलविंद्र सिंह, गांव वासी गांव के बच्चों में खेल का हुनर है। इस हुनर को निखारने के लिए सरकार को खेल स्टेडियम बनाकर उसमें अच्छे कोच की नियुक्ति करनी चाहिए। प्रधान गुरप्रीत सिंह गांव में अनेक युवा खेलों के प्रति रुचि रखते हैं। सैंकड़ों की संख्या में खिलाड़ी हर रोज स्कूल ग्राउंड में अभ्यास करते हैं। गांव के युवाओं की अच्छी डाइट व कद-काठी होने से वो खेलों में नाम कमा सकते हैं। काजलदीप सिंह, ग्रामीण पन्नीवाला मोरिकां के ज्यादातर युवा पहले से ही खेलों से जुड़े हुए हैं। टेलेंट को बढ़ाने के लिए स्टेडियम बनवाएं। राजेंद्र सिंह पन्नीवाला मोरिकां अब खेल के क्षेत्र में मशहूर हो गया है। सरकार को खेल सुविधाएं बढ़ानी चाहिए।
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