नई रूट पॉलिसी से कई गांवों का सफर हुआ लंबा

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 नई रूट पॉलिसी ने कई गांवों से परिवहन का साधन छीन लिया है। जिन रूटों पर पहले प्राइवेट बसें चलती थी, वहां अब बसें चलाने के लिए रोडवेज पर बोझ बढ़ गया है। वहीं रोडवेज के पास पहले से ही बसों और स्टाफ की कमी होने से खाली हुए रूटों पर बसें दौड़ना मुश्किल हो गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी जनता को उठानी पड़ रही है। कई गांवों के तो ऐसे हालात हो गए हैं, जहां एक बस जाने के बाद दूसरी के लिए चार से पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। कहीं सुबह की बस बंद हो गई तो कहीं शाम को जाने के लिए निजी साधनों का प्रयोग करना पड़ता है।1अभी तक पूरा नहीं हुआ चौथा चरण1आरटीए अथॉरिटी की ओर से नई परिवहन पॉलिसी के तहत रूट आवंटित किए गए थे। पहले चरण में तो सीधा परिवहन समिति संचालकों को ही रूट चुनने की छूट दे दी गई थी। जिस पर समिति संचालकों ने मुनाफेदार रूटों का चयन कर लिया। उसके बाद भी दो चरणों में समिति संचालकों को रूट बांटे गए। तीनों चरणों में बहुत से रूट पर प्राइवेट बसों के संचालन में बदलाव हो गया है। इन स्थानों पर फिलहाल रोडवेज को ही बसें चलानी पड़ रही है। हालांकि बसों और स्टाफ की कमी से जूझ रहे रोडवेज प्रशासन को सभी गांवों में निर्धारित समय पर बसें पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।अथॉरिटी की ओर से अभी चौथे चरण के रूट आवंटित नहीं किए गए हैं। शेष बचे रूटों को इसी चरण में बांटना है। जिन स्थानों पर प्राइवेट बसें बंद हुई है, वहां रोडवेज की बसें चलाकर व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं।1मनोज कुमार, कार्यवाहक ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज सिरसा।संवाद सूत्र,कालांवाली : शिक्षा विभाग की एक टीम ने कालांवाली के नायब तहसीलदार दयाल सिंह की देखरेख में कालांवाली के निजी स्कूलों की बसों की जांच की। टीम का नेतृत्व बड़ागुढ़ा के खंड शिक्षा अधिकारी पवन सुधार ने किया। इस टीम के साथ निर्मल सिंह, पूर्ण चंद आदि उपस्थित थे। शिक्षा विभाग की टीम ने मंडी के देसू रोड पर स्थित डीएवी स्कूल, सुखचैन रोड पर स्थित एवरग्रीन पब्लिक स्कूल, स्वेट आर्य हाई स्कूल, एसएसडी हाई स्कूल आदि में जाकर स्कूल संचालकों द्वारा बच्चों के लिए चलाई जा रही बसों की स्थिति की जांच की। वह कुछ दिनों बाद फिर से बसों की जांच करेंगे।








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