छेड़छाड़ उठा ले जाने की कोशिश की घटना के एक माह बाद भी नहीं हुई गरफ्तारी
लोहगढ़ की बहनों ने दी थी शिकायत, चौटाला पुलिस ने दबाया था मामला, एसपी को शिकायत के 15 दिन बाद दर्ज हुआ था केस
#dabwalinews.com
गांव लोहगढ़ में बहनों से सरेआम छेड़छाड़ उठा ले जाने की कोशिश की घटना के एक माह बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए। मामले में पहले ही पुलिस ने ढिलाई बरती और एसपी को शिकायत के 15 दिन बाद केस दर्ज हुआ जबकि पीड़िता के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पूरे बयान दर्ज होने पर मामला अपडेट किया गया था।पीड़िताओं ने कहा कि उनसे 24 जुलाई काे गांव में सरेआम बाइक सवार युवकों बब्बी सतपाल उर्फ सत्तू ने रास्ता रोककर गंदी गाली गलौज करते हुए उठाकर ले जाने की कोशिश की जबकि इससे 10 दिन पहले भी उसके साथ बब्बी ने इससे भी बढ़कर हरकत की थी। इस दौरान वह अकेली होती तो बचाव भी नहीं कर पाती जबकि बहनें साथ होने से बहनों ने बचा लिया था। पीड़िताआें ने कहा कि चौटाला पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद मामला दबाए जाने के पूरे प्रयास किए गए जबकि अाज भी पुलिस उनकी सुनवाई करने की बजाय आरोपियों को बचाने के लिए ढिलाई बरत रही है। पीड़िताओं ने कहा कि घटना के एक माह बाद भी आरोपी गांव में सरेआम घूम रहे हैं जबकि घटना के दिन जिस बाइक पर दोनों युवक आए थे उसका नंबर प्लेट उतारकर गांव में चलाया जा रहा है। साथ ही उन्हें अप्रत्यक्ष तौर पर डराया जा रहा और जनप्रतिनिधि अपनी ऊंची पहुंच का दबाव दिखाकर पुलिस प्रशासन को गुमराह करने में आरोपियों को शह दे रहे हैं। इससे एसपी सत्येंद्र गुप्ता को बताया कि आरोपी युवक अब उनकी गली में आना तो बंद हो गए लेकिन गांव में घूम रहे हैं। इससे एसपी से आरोपियों के तुरंत गिरफ्तार कर गंभीरता से कार्रवाई मांग की है। साथ ही मामले को दबाने में लगे लोगों पर भी कार्रवाई की मांग की है।
सख्ती के आदेश: प्रवक्ता
इस बारे में पुलिस प्रवक्ता सुरजीत सहारण ने कहा कि सदर थाना प्रभारी विनोद काजला काे मामला गंभीरता से लेकर जांच गिरफ्तारी के आदेश एसपी साहब ने दिए हैं। पीड़िताओं को निराश होने की जरूरत नहीं है, मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
10 अगस्त को दर्ज की गई एफआईअार
मामले में बीती 10 अगस्त को सदर थाना प्रभारी विनोद काजला महिला आईओ पालो रानी पीड़िता के घर गए और बयान दर्ज किए लेकिन इस दौरान आरोपियों को शह देने वाले युवक को ही पीड़िता के घर साथ ले जाने से पूरी कहानी नहीं बता पाई। हालांकि घटनास्थल के मुआयना कर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर बब्बी पुत्र बनीराम सत्तू उर्फ सतपाल पुत्र बूटा सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। बाद में पीड़िता ने डीएसपी सत्यपाल यादव से बताया कि बयान लेने के दौरान पुलिस अपने साथ गांव में आरोपियों का साथ देने वाले जनप्रतिनिधि के बेटे को को लेकर आई। इससे पूरे बयान दर्ज कराने से डर गई और उनकी पूरी शिकायत एफआईआर में दर्ज नहीं हुई। इस पर डीएसपी के आदेश पर थाना प्रभारी विनोद काजला ने आईओ पालाेरानी के भेजकर रात को ड्यूटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र सिंह के पास पीड़िता के धारा 164 के बयान दर्ज कराए। जिसमें पीड़िता केे बयान के आधार पर मामले में नई धाराएं जोड़ी गईं। इसके बाद पुलिस ने तो आरोपियों को गिरफ्तार किया और ही जांच आगे बढ़ाई।
No comments:
Post a Comment