कोर्ट के पास हाईवे पर दस मिनट तक चला खूनी संघर्ष, फायरिंग से दहशत,साली को भगा ले जाने से बढ़ा विवाद
एक पक्ष ने साली को भगा ले जाना बताया झगड़े का कारण
वारदात | एसडीएम डीएसपी ऑफिस से 100 मीटर दूरी पर घटना, जाम की स्थिति बनी
#dabwalinews.com
उपमंडल सचिवालय के गेट पर कोर्ट और एसडीएम डीएसपी ऑफिस से महज 100 मीटर की दूरी पर कोर्ट पेशी से लौट रहे दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। करीब 10 मिनट तक हाईवे पर सरेआम मारपीट चलती रही, जिसके चलते कोर्ट सहित हाईवे पर आने जाने वाले लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर डीएसपी ऑफिस से पहुंचे पुलिसकर्मियों ने हमलावरों को काबू किया।
कोर्ट ने दोपहर में दोनों पक्षों की पेशी के बाद अगली तारीख 6 सितंबर मुकर्रर कर दी गई। दोनों पक्ष के लोग अपने-अपने वाहनों में आगे पीछे निकले थे। जिले के रोड़ी थाना क्षेत्र के गांव सुरतिया निवासी घायल 45 वर्षीय गुरदास सिंह पुत्र जग्गा सिंह ने बताया कि उनके बेटे रणजीत सिंह की शादी फरवरी 2015 में गांव देसुजोधा के भूरा सिंह की लड़की सुखवीर कौर के साथ की थी।
विवाह के दौरान ही दहेज की बात को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। इस दौरान सुखवीर कौर अपने पीहर गई। उसे वापस लेने गए तो लड़की वालों ने 15 लाख रुपये मांग लिए और मांग पूरी नहीं होने पर उन पर कोर्ट में दहेज का केस दायर कर दिया। इसी केस में बुधवार को कोर्ट में पेशी थी, पहली तारीख पर आए तो उन्हें कोर्ट से 6 सितंबर की अगल तारीख मिली। तारीख मिलने के बाद वे अपनी सुमो गाड़ी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान लड़की के भाई रिछपाल सिंह, बलवंत सिंह निवासी देसुजोधा ने अपने साथियों के साथ कोर्ट परिसर के सामने हाईवे पर उनका घेराव किया और उन्हें सरेआम पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान फायरिंग कर जान से मारने की कोशिश भी की गई। वारदात में लड़का पक्ष गुरदास सिंह पुत्र जग्गा सिंह, उसका भाई रणजीत सिंह बेटा कुलदीप सिंह चोटिल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सिरसा रेफर कर दिया गया है।
डीएसपी ऑफिस से दौड़कर पहुंचे पुलिसकर्मी
कोर्ट के सामने और हाईवे पर वारदात घटित होने पर डीएसपी कार्यालय से रीडर सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, दुर्गा प्रसाद अन्य पुलिस दौड़कर मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों काे काबू करने की कोशिश की लेकिन सभी लोग मौके से फरार हो गए। बाद में शहर थाना पुलिस गश्त पीसीआर मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक हमलावरों में केवल घायल ही बचे थे। जिन्हें पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में भर्ती कराया। इमरजेंसी में भी पुलिसकर्मी लीलूराम ने मौजूद रहकर इलाज के दौरान सुरक्षा कमान संभाली। इस दौरान दोनों पक्षों में एक बार तनाव की स्थिति हो गई लेकिन सभी के रेफर हो जाने से अस्पताल में शांति बहाल हुई।
साली को भगा ले जाने से बढ़ा विवाद
दूसरे पक्ष के घायलों गांव देसुजोधा निवासी रिछपाल सिंह पुत्र भूरा सिंह बलवंत सिंह ने बताया कि उनकी बहन को शादी के बाद सुरतिया निवासी कुलदीप सिंह उसका परिवार दहेज के लिए तंग करते थे जबकि रिछपाल की पत्नी पर भी कुलदीप सिंह की गलत नजर थी। रिछपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को कुलदीप सिंह भगाकर ले गया है इसी के चलते विवाद हो गया था। उसकी बहन ने दहेज प्रताड़ना देने वाले परिवार पर केस किया हुआ है। इसकी तारीख पर वे आए थे। आरोप है कि आरोपी कुलदीप के लोग उनके परिवार को धमकी दे रहे हैं और पेशी के दौरान भी टेढ़ी नजरों से चुनौती दे रहे थे। इसी बीच हाईवे पर गाड़ी पास लगाकर मारपीट शुरू कर दी। घायलों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनकी मारूति कार के शीशे तोड़ दिए और अवैध रिवॉल्वर से उड़ाने का प्रयास भी किया था। उन्होंने अपना बचाव ही किया है। वारदात में करीब 10 मिनट पर सरेआम उनसे हाईवे पर मारपीट कर उक्त लोगों के समर्थक माैके से फरार हो गए हैं। वारदात में गंभीर तौर पर घायल होने से दोनों को सिरसा रेफर कर दिया ।
वारदात | एसडीएम डीएसपी ऑफिस से 100 मीटर दूरी पर घटना, जाम की स्थिति बनी
#dabwalinews.com
उपमंडल सचिवालय के गेट पर कोर्ट और एसडीएम डीएसपी ऑफिस से महज 100 मीटर की दूरी पर कोर्ट पेशी से लौट रहे दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। करीब 10 मिनट तक हाईवे पर सरेआम मारपीट चलती रही, जिसके चलते कोर्ट सहित हाईवे पर आने जाने वाले लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर डीएसपी ऑफिस से पहुंचे पुलिसकर्मियों ने हमलावरों को काबू किया।
कोर्ट ने दोपहर में दोनों पक्षों की पेशी के बाद अगली तारीख 6 सितंबर मुकर्रर कर दी गई। दोनों पक्ष के लोग अपने-अपने वाहनों में आगे पीछे निकले थे। जिले के रोड़ी थाना क्षेत्र के गांव सुरतिया निवासी घायल 45 वर्षीय गुरदास सिंह पुत्र जग्गा सिंह ने बताया कि उनके बेटे रणजीत सिंह की शादी फरवरी 2015 में गांव देसुजोधा के भूरा सिंह की लड़की सुखवीर कौर के साथ की थी।
विवाह के दौरान ही दहेज की बात को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। इस दौरान सुखवीर कौर अपने पीहर गई। उसे वापस लेने गए तो लड़की वालों ने 15 लाख रुपये मांग लिए और मांग पूरी नहीं होने पर उन पर कोर्ट में दहेज का केस दायर कर दिया। इसी केस में बुधवार को कोर्ट में पेशी थी, पहली तारीख पर आए तो उन्हें कोर्ट से 6 सितंबर की अगल तारीख मिली। तारीख मिलने के बाद वे अपनी सुमो गाड़ी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान लड़की के भाई रिछपाल सिंह, बलवंत सिंह निवासी देसुजोधा ने अपने साथियों के साथ कोर्ट परिसर के सामने हाईवे पर उनका घेराव किया और उन्हें सरेआम पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान फायरिंग कर जान से मारने की कोशिश भी की गई। वारदात में लड़का पक्ष गुरदास सिंह पुत्र जग्गा सिंह, उसका भाई रणजीत सिंह बेटा कुलदीप सिंह चोटिल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सिरसा रेफर कर दिया गया है।
डीएसपी ऑफिस से दौड़कर पहुंचे पुलिसकर्मी
कोर्ट के सामने और हाईवे पर वारदात घटित होने पर डीएसपी कार्यालय से रीडर सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, दुर्गा प्रसाद अन्य पुलिस दौड़कर मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों काे काबू करने की कोशिश की लेकिन सभी लोग मौके से फरार हो गए। बाद में शहर थाना पुलिस गश्त पीसीआर मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक हमलावरों में केवल घायल ही बचे थे। जिन्हें पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में भर्ती कराया। इमरजेंसी में भी पुलिसकर्मी लीलूराम ने मौजूद रहकर इलाज के दौरान सुरक्षा कमान संभाली। इस दौरान दोनों पक्षों में एक बार तनाव की स्थिति हो गई लेकिन सभी के रेफर हो जाने से अस्पताल में शांति बहाल हुई।
साली को भगा ले जाने से बढ़ा विवाद
दूसरे पक्ष के घायलों गांव देसुजोधा निवासी रिछपाल सिंह पुत्र भूरा सिंह बलवंत सिंह ने बताया कि उनकी बहन को शादी के बाद सुरतिया निवासी कुलदीप सिंह उसका परिवार दहेज के लिए तंग करते थे जबकि रिछपाल की पत्नी पर भी कुलदीप सिंह की गलत नजर थी। रिछपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को कुलदीप सिंह भगाकर ले गया है इसी के चलते विवाद हो गया था। उसकी बहन ने दहेज प्रताड़ना देने वाले परिवार पर केस किया हुआ है। इसकी तारीख पर वे आए थे। आरोप है कि आरोपी कुलदीप के लोग उनके परिवार को धमकी दे रहे हैं और पेशी के दौरान भी टेढ़ी नजरों से चुनौती दे रहे थे। इसी बीच हाईवे पर गाड़ी पास लगाकर मारपीट शुरू कर दी। घायलों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनकी मारूति कार के शीशे तोड़ दिए और अवैध रिवॉल्वर से उड़ाने का प्रयास भी किया था। उन्होंने अपना बचाव ही किया है। वारदात में करीब 10 मिनट पर सरेआम उनसे हाईवे पर मारपीट कर उक्त लोगों के समर्थक माैके से फरार हो गए हैं। वारदात में गंभीर तौर पर घायल होने से दोनों को सिरसा रेफर कर दिया ।
No comments:
Post a Comment