रेलवे ओवरब्रिज के लोकार्पण के साथ ही गरमाई सियासत, पुल का नाम बदलने पर कांग्रेसियों ने दी ईंट से ईंट बजाने की चेतावनी
भाजपाइयों-कांग्रेसियों में आरओबी का श्रेय लेने की मची होड़
प्रोजेक्ट पूरा नहीं होेने पर होगा आंदोलन
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तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात रविवार को सुबह से मलोट रोड पर बने आरओबी पर चढ़ने को आमजन उत्सुक होकर पहुंचना शुरू हो गए वहीं सालों पुरानी लंबित मांग पूरी होने की खुशी में श्रेय लेने के लिए भाजपा कांग्रेस नेताओं में होड़ मच गई। इससे सुबह करीब 11 बजे रेल पुल संघर्ष समिति सदस्य आरओबी के पास पहुंचे लेकिन वहां तैनात पुलिस ने किसी को सीएम के लोकार्पण से पहले पुल पर जाने से मना कर दिया। इसके बाद शहर गांवों से कांग्रेस कार्यकर्ता सिरसा रोड पर डाॅ. केवी सिंह के कार्यालय के बाहर एकत्रित होना शुरू हो गए। इसकी रिपोर्ट मिलने पर प्रशासन ने सीएम के लोकार्पण से पहले कांग्रेसियों के पुल पर जाने की आशंका में पुलिस ने जाब्ता लगाकर नायब तहसीलदार संजय बिश्नोई की मौजूदगी में पुल को पूरी तरह कब्जे में ले लिया। इसी बीच माहौल की गंभीरता को समझते हुए एसडीएम संगीता तेत्रवाल तहसीलदार नौरंगदास सहित प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर सुरक्षा सख्त कर दी। एक बार पुल पर चढ़ने को लेकर तनाव की स्थिति हो गई लेकिन पुलिस प्रशासन ने स्थिति काबू में रखी। करीब 12 बजकर 5 मिनट पर ऐलनाबाद रैली में पहुंचे सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पहले आरओबी के लोकार्पण पत्थर का पर्दा हटाया तो प्रशासन ने राहत की सांस ली। इसके बाद एसडीएम ने पुलिस प्रशासन को पुल से बैरिकेडिंग हटाने की इजाजत दे दी। जिसके बाद एक तरफ का रास्ता खोल दिया गया। पुल खुलने पर संघर्ष समिति सदस्यों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे चलाकर खुशी मनाई जबकि भाजपा नेता बलदेव सिंह मांगेआना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एक कार आरओबी पर चढ़ाकर लड्डू बांटकर खुशी जाहिर की। भाजपा नेता ने कहा कि प्रोजेक्ट में जो भी कमी रह गई है उसे पूरा कराया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस नेता डाॅ. केवी सिंह के नेतृत्व में सैकंडों शहरवासियों ने पुल पर पहुंचकर अपना ड्रीम प्रोजेक्ट शुरू होने की शुभकामनाएं देने के साथ साथ शहरवासियों को काम अभी अधूरा होने पर खेद प्रकट किया। डाॅ. केवी सिंह ने कहा कि पुल का नाम फरवरी 2014 में नींव रखते हुए तत्कालीन सीएम ने श्री विश्वकर्मा सेतु तय किया था। सृष्टि के महान आर्किटेक्ट माने जाने वाले भगवान विश्वकर्मा के नाम से बने सेतु का नामकरण करके भाजपा इसे संघ के किसी सदस्य के नामकरण करना चाहती है जो कतई सहन नहीं किया जाएगा। यह डबवाली हलकावासियों भगवान श्री विश्वकर्मा का अपमान होगा। पुल खुल चुका ^पुलका लोकार्पण सीएम साहब काे ऐलनाबाद में करना है। इसलिए इससे पहले किसी को पुल पर जाने की अनुमति नहीं थी। स्थिति को देखते हुए पुलिस सुरक्षा लगाई थी। दोपहर में लोकार्पण होते हुए इसे आमजन के लिए खोल दिया गया। डाॅ.संगीता तेत्रवाल, एसडीएम अभी ये हैं कमियां आरओबी प्रोजेक्ट में रेलवे अंडरब्रिज का काम पूरा नहीं किया गया है। रेलवे ने अंडरब्रिज बना दिया है लेकिन उसे एनएचएआई ने सर्विस रोड से नहीं जोड़ा है। इसी प्रकार रेलवे लाइन पार करने के लिए आरओबी पर जाने वाली सीढ़ियां नहीं बनाई गई है। वहीं रेलवे ओवरब्रिज को भी अभी एक साइड से ही खोला गया। साथ ही तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के श्री विश्वकर्मा सेतु नामकरण का ऐलान करने पर भी इसका नाम द्ज नहीं किया है। डाॅ. केवी सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि सीएम ने डबवाली में आने के बजाय ऐलनाबाद में लोकार्पण कर सरकार की मानसिकता दिखाई है। चूंकि सरकार के पास ऐलनाबाद में इसके अलावा गिनाने को कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं था जबकि डबवाली की जनता से सीएम रूबरू होते तो यहां के लाेगों के सवालों का जवाब उनके पास नहीं था। डाॅ. केवी सिंह ने कहा कि शहरवासियों के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में रखी जा रही कमी को सुधारने के लिए सीएम को पहले अपील की जाएगी और फिर भी काम पूरा नहीं हुआ तो कांग्रेस कार्यकर्ता शहरवासियों को साथ लेकर हक पाने का रास्ता अपनाएगी। इसके बाद शाम तक लोगों ने आरओबी पर चक्कर लगाते हुए शुरुआत का आनंद लिया। सीएम हुड्डा के ओएसडी रहे डाॅ. केवी सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता लोकार्पण रैली निकालते हुए। आरओबी का ऐलनाबाद में लोकार्पण होने की सूचना मिलने पर भाजपा नेता बलदेव सिंह मांगेआना अन्य पुल पर लड्डू बांटकर खुशी मनाते हुए। | ||
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