शहर में सफाई का काम ठेके पर देने की तैयारी

बदलाव | नगर परिषद के पास कर्मचारियों का टोटा, सफाई का काम ठेके पर देने के लिए कराए जाएंगे टेंडर 
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मंगलवार को हुई मासिक बैठक में पार्षदों ने सफाई व्यवस्था को ठेके पर देने का प्रस्ताव पास कर दिया है। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालय पार्किंग शुरू किए जाने पर चर्चा की जबकि गलियों को रिपेयर किए जाने के लिए भी प्रस्ताव पास किया गया है। प्रशासनिक अनुमति के बाद इन प्रस्तावों में तय कामों पर टैंडर कराए जाएंगे। शहर में नगर परिषद सफाई व्यवस्था नहीं संभाल पा रही है।
शहर में स्वच्छता को कायम रखने के लिए नप के पास कर्मचारी साधन उपलब्ध ना होने के कारण अस्वच्छता का माहौल बना हुआ है। ऐसे में गलियों, बाजारों सड़कों किनारे डंपिंग स्टेशनों पर कूड़ा जमा रहता है। यहां समय से सफाई ना होने के कारण कूडा सड़कों पर पसरने की समस्या शहरवासियों को रहती है। इससे सभी पार्षद सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर हर मीटिंग में चर्चा करते हैं। हालांकि इस बार बैठक में चर्चा के बाद सफाई व्यवस्था का काम ठेके पर देने का निर्णय लिया गया है। इस पर पार्षदों ने इसके लिए प्रस्ताव पास कर दिया। इससे आगामी माह में प्रशासनिक अनुमति के बाद सफाई का काम ठेके पर दे दिया जाएगा। टेंडर के तहत नप एरिया में सफाई कराने के साथ साथ कूड़ा पूरी तरह साफ कर उठाने डम्पिंग स्टेशनों पर स्वच्छता कायम रखने के साथ साथ सड़कों बाजारों की पूर्ण सफाई का काम शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही कूड़ा डालने की जगह पर भी व्यवस्था बनाई जाएगी।
इसके अलावा बैठक मेें शहर में बेसहारा पशुओं के विचरने से राहगीरों वाहन चालकों को परेशानी का निदान कराने पर चर्चा हुई। पार्षद विनोद बंसल ने कहा कि नप के पास जिन कार्यों के लिए बजट पास हुए थे वह भी सालों से अधूरे पड़े। इन पर काम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में अतिक्रमण समस्या को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड के पीछे पार्किंग स्टेशन बनाया गया था। उसे भी शुरू किए जाना चाहिए।
पार्षदों ने कहा कि अधिकारियों कर्मचारियों की ढिलाई के चलते उक्त कार्य सिरे नहीं चढ़े हैं और पार्किंग शुरू होना तो क्या दीवारें भी तोड़ दी गई हैं। उक्त जगह अब वाहनों की पार्किंग के लिए इस्तेमाल ना होकर कूडा डालने के लिए इस्तेमाल हो रही है। पार्षद रमेश बागड़ी ने बताया कि शहर को शौचमुक्त तभी बनाया जा सकता है जबकि व्यवस्थाएं सही हों और शहर के सार्वजनिक स्थानों पर शौच हों।
बाजार में आने वालों को बाजारों अन्य सार्वजनिक स्थानों पर शौच की सुविधा ना मिलने से उन्हें मजबूरन खुले में जाना पड़ता है। पार्षदों ने कहा कि 2 साल पहले तत्कालीन एसडीएम सतीश कुमार के सामने प्रस्ताव रखने पर शहर में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के पास जनस्वास्थ्य विभाग के साथ तथा अन्य स्थानों पर शौचालय बनाए जाने का निर्णय लिया गया था और दो जगह इन्हें बनाए जाने का काम शुरू कर दिया गया लेकिन पैरवी नहीं होने से काम बंद हो गया।
पार्षद बलजीत सिंह ने बताया कि उनके वार्ड में लाईटिंग व्यवस्था ठीक ना होने के कारण रात के समय अंधेरा छाया रहता है। जिसके कारण चोरी दुर्घटना होने का भय रहता है। परंतु हर बार की तरह स्वच्छता विषय को लेकर चर्चा की गई परंतु समाधान के लिए कोई विचार नहीं किया गया। मौके पर वाइस चैयरमेन कृष्ण बॉबी, बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमित ढांडा, अंजू बाला, रविंद्र, टेकचंद, युद्धवीर रंगीला, मधु बागड़ी, रूपिंद्र सूर्या, उपमा देवी अन्य मौजूद थे।
बचे हुए वार्डों में हो फोगिंग 
शहर में मच्छरं का लारवा बढ़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक वार्ड में खांसी, जुकाम, बुखार टाइफाइड के मरीज पाए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियां हो रही हैं। इसके लिए शहर के आधे वार्डों में फोगिंग होने से लोगों को राहत मिली है, पर बचे आधे वार्डों में फोगिंग प्रक्रिया को रोक दिया गया है। इसके लिए बचे वार्डों में फोगिंग की मांग की।
डीसी को रिमांइडर भेज कर्मचारियों की नियुक्तियों की मांग करेंगे: सचिव 
बैठकमें कार्यकारी सचिव वेदप्रकाश ने कहा कि स्वच्छता कायम रखने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे है। सफाई कर्मचारियों की डीसी को भेजी डिमांड की अनुमति अभी तक नहीं आने से रिमांइडर भेजा जाएगा प्रशासन से बात करके प्रस्तावों पर जल्दी समाधान निकाला जाएगा।
कार्यकारी सचिव पर हुए हमले की बैठक में नहीं हुई चर्चा
नगरपरिषद में पार्षदों ने सफाई और स्वच्छता को लेकर काफी चर्चा की लेकिन नगर परिषद एरिया से अतिक्रमण हटाओ अभियान में कार्यकारी सचिव से हुई मारपीट मामले की किसी ने चर्चा नहीं की। जबकि मीटिंग शुरू होने से पहले और बाद में इसको लेकर आपसी बात चलती रही। हालांकि अामजन को शहर में अब भी अतिक्रमण मुक्त अभियान के अागे बढ़ने की उम्मीद है। 

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