स्टाफ के अभाव में शहरवासियों के रोजमर्रा के काम अटके, पार्षदों की चेतावनी भी बेअसर

#dabwalinews.com
नगरपरिषद में सालों से अधिकारियों कर्मचारियों की कमी के चलते शहर के विकास कार्यों के साथ शहरवासियाें के रोजमर्रा के काम भी रूके हुए हैं। लोग बार बार नप के चक्कर काटने को मजबूर हैं जबकि प्रशासन पर पार्षदों की चेतावनी का भी असर अब बेअसर होता नजर रहा है। पिछले माह पार्षदों ने हाउस में विरोध प्रस्ताव पास कर अल्टीमेटम भी दिया था लेकिन प्रशासन की चाल पार्षदों पर हावी रही। नप का पूरा काम ऑनलाइन है जबकि यहां ऑपरेटर नियुक्ति की अभी मंजूरी नहीं है। ऐसे में पुराने कॉन्ट्रेक्ट के रिन्यू होने की उम्मीद में एक पुराना ऑपरेटर ही सेवाएं देकर शहरवासियों के कुछ काम रहा है।
नगर परिषद में सरकार के आदेशानुसार लगभग सभी कार्य ऑनलाइन किए जाने हैं लेकिन इसके लिए यहां कोई कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं है। पिछले सालों से अनुबंध के आधार पर ऑपरेटर रखे जाते हैं लेकिन पिछले वर्ष अक्टूबर में नप में रखे गए एकमात्र ऑपरेटर का अनुबंध भी पूरा हो जाने से दिवाली सीजन के दौरान पत्राचार कर जिला प्रशासन से अनुबंध रिन्यू करने की मांग की थी। लेकिन इसके बाद ऑपरेटर का नया कॉन्ट्रेक्ट अलाउ नहीं होने से पुराने कॉन्ट्रेक्ट को रिन्यू करने का वादा कर ऑपरेटर को दोबारा काम पर रखा गया। लेकिन प्रशासन से दिसंबर तक कॉन्ट्रेक्टर बढ़ाने की उम्मीद तब प्रशासन से मिली लेकिन उसका पत्र मंजूरी के साथ सैलरी जारी नहीं होने से ऑपरेटर योगेश गाेयल को अब तक भुगतान नहीं मिला है। नगर परिषद में जन्म प्रमाण पत्र अन्य कार्यों के ऑनलाइन ही कंपल्सरी होने से कम्प्यूटर ऑपरेटर योगेश गोयल ने पार्षदों नप अधिकारियों के आश्वासन पर इस उम्मीद में अपना काम जारी रखा हुआ है। वहीं नप में सचिव कुलदीप मलिक भी इस सप्ताह में अब तक नहीं आए हैं जबकि कार्यकारी एमई जेई भी नहीं पहुंचने से शहर के विकास की कोई योजना बन नहीं रही है। हालांकि शहरवासियों के काम रुकते देख अब आमजन के लिए परेशानी जस की तस है।
नप के ये पद खाली 
शहर में करीब 3 साल पहले नगर पालिका से नगर परिषद बनने के बाद ईआे के पद पर कभी स्थाई नियुक्ति नहीं की गई। फिलहाल यह पद खाली है जबकि अकाउंटेंट, एमई, जेई, सफाई निरीक्षक, 8 क्लर्क, दो कंप्यूटर ऑपरेटर, 3 माली, 5 पियून के अलावा 27 से अधिक सफाई कर्मियों के पद खाली पड़े हैं।
प्रशासन को 3 बार भेज चुके पत्र
इस बारे में चेयरमेन सुमन जोइया ने बताया कि कम्प्यूटर ऑपरेटरों की मंजूरी नहीं मिलने से शहर के कार्य रूके पड़े है। इसके लिए 3 बार प्रशासन को पत्र भेज चुके है परंतु कोई सुनवाई होने के कारण समस्या बनी हुई है। पार्षदों ने विरोध प्रस्ताव पारित कर अल्टीमेटम दिया तो प्रशासन ने उनकी मांग के अनुसार एमई जेई कार्यकारी लगा दिए और ऑपरेटर सहित अन्य स्टाफ लगाने का वादा किया था लेकिन अब तक एेसा नहीं हुआ।
प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में गड़बड़ी से बढ़ी परेशानी 
शहर में कराए गए प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में हुई लापरवाही के चलते शहरवासी हाउस टैक्स भुगतान को लेकर परेशान हैं। शहरवासी अनिल कुमार, सुरेंद्र, प्रेम कुमार, सोहन लाल, रमेश कुमार, जगदीश कुमार, बृजलाल, सुनीता अन्य ने बताया कि नगर परिषद द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स तय है और समय पर भुगतान होने पर सरचार्ज लिया जा रहा है जबकि पिछले वर्ष शहर में कराए गए वार्डों के सर्वे में उनकी प्रॉपर्टी का सही रिकॉर्ड होने से भुगतान ही जमा नहीं हो रहा है। इससे आमजन की सुविधा के लिए पहले मकानों के टैक्स संबंधित पुराने रिकार्ड को दुरुस्त किया जाए। लेकिन नप में स्थाई स्टाफ कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त नहीं होने तक इसके सुधार की उम्मीद नहीं है।

No comments:

IMPORTANT-------ATTENTION -- PLEASE

क्या डबवाली में BJP की इस गलती को नजर अंदाज किया जा सकता है,आखिर प्रशासन ने क्यों नहीं की कार्रवाई