पंजाब सीएम के गृहक्षेत्र के 78 जलघरों की और 15 करोड़ का बजली बिल बकाया कनेक्शन कटे
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डबवाली: पंजाब में चुनावी नतीजे आने में चार दिन शेष हैं। नतीजों से पहले ही पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड ने झटके देने शुरू कर दिए हैं। पावर दिखाते हुए बिजली कर्मी धड़ाधड़ जलघरों के कनेक्शन काट रहे हैं। शुरुआत मौजूदा पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल के इलाके से हुई है। पब्लिक हेल्थ की मलोट डिविजन में स्थित सभी 78 जलघर डिफाल्टर सूची में शामिल हैं। करीब पंद्रह करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है।
मंडी किलियांवाली स्थित जलघर से दशमेश नगर, अजीत नगर, बादल कॉलोनी, महाशा, धानक मोहल्ला, नरसिंह कलोनी में पेयजल आपूर्ति होती है। उपरोक्त एरिया में महज 982 रेगुलर कनेक्शन है। प्रतिमाह 30 हजार रुपये की रिकवरी होती है। जबकि बिजली बिल 1.80 लाख रुपये आता है। वर्तमान समय में लोगों की ओर करीब 32 लाख रुपये बकाया है। जबकि इस जलघर ने 56 लाख रुपये से ज्यादा बिजली बोर्ड को देने हैं। महकमे का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण रिकवरी कम है। दशमेश नगर निवासी जगतार सिंह, देसराज, सुखमंदर सिंह ने बताया कि पांच दिनों से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। आज जब जलघर में आए तो पता चला कि बिल न भरने के लिए बिजली विभाग ने जलघर का कनेक्शन काट दिया है। लोगों ने सवाल किया कि जब बिल ही नहीं बांटे जाते तो रिकवरी कैसे होगी। इसके लिए महकमे तथा सरकार को जिम्मेवार ठहराया।
सीएम के गृहक्षेत्र लंबी समेत हाकूवाला, घुमियारा, व¨डगखेड़ा, मंडी किलियांवाली, फत्ताकेरा, भुल्लरवाला, मिड्डूखेड़ा, लौहारा, भीटीवाला, तरमाला में स्थित जलघरों के बिजली कनेक्शन काटे जाने से ग्रामीण पेयजल के लिए त्रहि-त्रहि कर रहे हैं। बकाया बिल अदा करने के लिए जलदायी महकमा रिकवरी करने में जुट गया है। महकमे के आला अधिकारियों ने डिफाल्टरों के पेयजल तथा सीवरेज कनेक्शन काटने की हिदायत जारी की है। विरोध होने की संभावना के चलते अधिकारी बैठकें करके मंथन करने में लगे हैं। महकमे की मलोट डिविजन के अधिकारियों के अनुसार 78 जलघर हैं। पंचायतों के अधीन चल रहे जलघरों की ओर बिजली बोर्ड का 11 करोड़ रुपये बकाया है। ये वो जलघर हैं, जिन पर वल्र्ड बैंक का 90 फीसद पैसा खर्च हुआ है। कैंसर जैसी बीमारी को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने संबंधित पंचायत के महज पांच फीसद शेयर से जलघरों का निर्माण किया था। अधिकतर जलघरों का कनेक्शन कट चुका है या फिर कटने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त जो जलघर जलदायी महकमें के जरिए चल रहे हैं, उनकी ओर 4 करोड़ रुपये बकाया खड़ा है।
अब आगे क्या.. : ग्रामीणों के अनुसार टैंकों में स्टोर पानी से पांच दिन जैसे-तैसे कट गए। इसके बाद पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ेगी या फिर घरों में लगी सबमर्सिबल से भूमिगत पानी का दोहन होगा। जमीनी पानी खारा होने की वजह से बीमारियां फैल सकती है।मंडी किलियांवाली स्थित जलघर में काटा गया कनेक्शन दिखाते ग्रामीण। ’
ग्रामीण पानी के लिए तरसे, बिजली निगम ने डिफाल्टरों के कनेक्शन काटने के दिए थे आदेश
बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद जलदायी महकमा बकाया बिल अदा नहीं कर रहा था। ऐसे में कनेक्शन काटे गए हैं। लोगों को जो तकलीफ हो रही है, उसके लिए संबंधित महकमा ही जिम्मेदार है। बिना बिल अदा किए बिजली शुरु नहीं होगी।हरीश कुमार, एक्सइन, पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड, बादल करीब 15 करोड़ रुपये की देनदारी है। लोगों से रिकवरी कर रहे हैं।
बिजली विभाग कोई तरस नहीं खा रहा। पेयजल आपूर्ति ठप होने से लोगों को परेशानी आ रही है। चार दिन बाद बनने वाली सरकार से कयास लगाए जा रहे हैं।-जसवीर सिंह, एक्सइन, पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट, डिविजन मलोट
बकाया कनेक्शन>>>>बकाया हाकूवाला>>>>20.401घुमियारा>>>>32.811व¨डगखेड़ा>>>>36.131मंडी किलियांवाली>>32.821मंडी किलियांवाली>>56.241फत्ताकेरा>>>>08.871भुल्लरवाला>>>>10.481मिड्डूखेड़ा>>>>06.231मिड्डूखेड़ा>>>>16.041लौहारा>>>>12.441व¨डगखेड़ा>>>>19.001
रिकवरी कम, बिल ज्यादा
मंडी किलियांवाली स्थित जलघर से दशमेश नगर, अजीत नगर, बादल कॉलोनी, महाशा, धानक मोहल्ला, नरसिंह कलोनी में पेयजल आपूर्ति होती है। उपरोक्त एरिया में महज 982 रेगुलर कनेक्शन है। प्रतिमाह 30 हजार रुपये की रिकवरी होती है। जबकि बिजली बिल 1.80 लाख रुपये आता है। वर्तमान समय में लोगों की ओर करीब 32 लाख रुपये बकाया है। जबकि इस जलघर ने 56 लाख रुपये से ज्यादा बिजली बोर्ड को देने हैं। महकमे का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण रिकवरी कम है। दशमेश नगर निवासी जगतार सिंह, देसराज, सुखमंदर सिंह ने बताया कि पांच दिनों से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। आज जब जलघर में आए तो पता चला कि बिल न भरने के लिए बिजली विभाग ने जलघर का कनेक्शन काट दिया है। लोगों ने सवाल किया कि जब बिल ही नहीं बांटे जाते तो रिकवरी कैसे होगी। इसके लिए महकमे तथा सरकार को जिम्मेवार ठहराया।
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