चौटाला डबल मर्डर केस | किन्नू प्लांट में हुए हत्याकांड के आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस चौकी के बाहर ग्रामीणों ने दिया धरना
आश्वासन देने पहुंचे डीएसपी एसएचओ को लौटाया वापस
ग्रामीण बोले-अब सिरसा रैली में सीएम के सामने रखेंगे मांग
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गांव चौटाला के किन्नू प्लांट में हुए डबल मर्डर मामले में पुलिसकर्मियों द्वारा कार्रवाई किए जाने पर नाराज ग्रामीणों ने 22 दिनों के बाद दूसरी बार सोमवार सुबह चौकी के आगे धरना देकर रोष जाहिर किया। जहां ग्रामीणों ने रोष स्वरूप अपने बच्चों को 3 दिन तक स्कूल बेचने का निर्णय लिया। वहीं पंच सदस्यों ग्रामीणों की कमेटी गठित कर सिरसा में सीएम रैली के समक्ष समस्या रखे जाने की योजना बनाई ताकि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
डबल मर्डर के आरोपियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने पर ग्रामीणों ने 11 मार्च को धरना दिया था। जहां सदर थाना प्रभारी विनोद काजला ने 20 दिनों के भीतर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। परंतु 22 दिन बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई किए जाने पर ग्रामीणों ने सोमवार सुबह पंचायत घर में बैठक कर 11 बजे चौकी के आगे धरना दिया।
ग्रामीणों पूर्व सरपंच कृष्ण लाल बिश्नोई, आत्माराम छिंपा, विनोद सिहाग, विनोद कुमार सरपंच प्रतिनिधि, धर्मपाल स्वामी, कांग्रेस नेता डॉ. केवी सिंह, आदित्य, प्रेम कुमार, सतीश सहारण, नीरज सहारण, सुरजभाण सहारण, वीरेंद्र, कमल, रविंद्र पूनिया, पप्पू सहारण, संदीप कुमार, रामपाल, पृथ्वीराज, सुभाष कुमार, सीताराम, सुखपाल, विजय सिंह, पवन कुमार ने बताया कि किन्नू प्लाट में मास्टर माइंड तस्कर छोटू भाट के लोगों ने फायरिंग कर दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। जबकि मामले संबंधी पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने उनसे 20 दिनों के कार्रवाई का आश्वासन दिया था। परंतु पुलिस प्रशासन की आरोपियों से मिलीभगत के चलते उन पर कार्रवाई की बजाय उन्हें स्पोर्ट की जा रही है। ऐसे में दोपहर तक ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जाहिर किया। जहां कालांवाली के डीएसपी रतनदीप बाली सदर थाना प्रभारी विनोद काजला ने कहा कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसके लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि डबल मर्डर मामले में 10 आरोपियों में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उनका पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ चुका है।
क्योंकि पहले भी धरने के दौरान पुलिस अपने आश्वासन पर खरा नहीं उतर पाई। जिसके चलते आश्वासन देने पहुंचे डीएसपी एसएचओ को वापिस लौटना पड़ा। ऐसे में ग्रामीणों ने 25 लोगों की कमेटी गठित कर सिरसा में होने वाली रैली में सीएम के सामने समस्या रख मामले संबंधी सीबीआई जांच की मांग करेंगे। इसी तरह ग्रामीणों ने रोष स्वरूप अपने बच्चों को 3 दिन तक स्कूल भेजने का निर्णय लिया।
हमारी कोई दुश्मनी नहीं थी फिर भी परिवार के 2 सदस्यों को खो दिया
मृतक अमित पूनिया के भाई रविंद्र पूनिया ने धरने के दौरान कहा कि मर्डर मामले के मास्टर माइंड छोटू भाट से उनकी कोई दुश्मनी नहीं थी। जबकि 7 साल पहले शराब के ठेकों का व्यापार एक साथ करते थे परंतु उन्होंने अपना कार्य अलग कर लिया। परंतु फिर भी उन्होंने साजिश के तहत उसके भाई को किन्नू प्लांट में फायरिंग कर मरवा दिया। दूसरी ओर 22 दिन बाद उसकी पत्नी अल्का ने भी लाइसेंस बंदूक से अपनी कनपटी पर गोली चलाकर हत्या कर ली। ऐसे में उन्होंने परिवार के 2 सदस्यों को खो दिया परंतु पुलिस प्रशासन द्वारा फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
छोटू भाट सहित 5 आरोपितों पर घोषित हो चुका 50 हजार का इनाम
सदर थाना प्रभारी विनोद काजला ने बताया कि मामले में डबल मर्डर मामले के मास्टर माइंड छोटू भाट के अभियुक्त गंगाजल उर्फ महेंद्र, सुखविंद्र उर्फ बांडी कालु उर्फ मुखराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जबकि मास्टरमाइंड छोटू भाट सहित 5 शूटर विक्की उर्फ कमलजीत, जिम्मी उर्फ जसप्रीत, सुखप्रीत उर्फ बुड्ढा, निशान सिंह, हरसिमरनदीप उर्फ सैमा सिंह को िरफ्तार के लिए छापेमारी की जा रही है। इसी दौरान उन्होंने तस्कर छोटू भाट उसकी पत्नी शकुंतला, विनोद कुमार, रोहताश भारूखेड़ा, बबलू भाट पर 50-50 हजार रुपये का ईनाम रखा हुआ है।
मृतक अमित की बहन ने मांगी सिक्योरिटी
मृतक अमित सहारण की बहन कविता ने धरने के दौरान पुलिस प्रशासन से सिक्योरिटी की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा पीके गोदारा अन्य लोगों की सिक्योरिटी के लिए पुलिस बल तैनात है परंतु उन्हें किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें खतरा बना हुआ है।
चौटाला गांव का दोहरा हत्याकांड
बीती11 जनवरी की रात को पौने 9 बजे इनेलो नेता प्रदीप गोदारा के प्लांट में कार सवार आए शूटरों ने ऑफिस में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की थी। जिसमें जमींदार अमित सहारण सतबीर बिश्नोई के गोलियां लगने पर मौके पर मौत हो गई। जबकि डबल मर्डर के 22 दिन बाद सतबीर पूनिया के छोटे भाई रविंद्र की पत्नी अल्का ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से सिर पर कनपटी से पीछे गोली मार ली।
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