नहरी पानी के लिए किसानों ने दी आत्मदाह की चेतावनी, उपायुक्त से लगाई गुहार
पूर्व मुख्यमंत्री के गांव चौटाला के छह किसानों ने उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र
किसानों की हालत बेहद नाजुक
#Dabwalinews.com
नहरी महकमें से परेशान पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के गांव चौटाला के छह किसान आत्मदाह करने को तैयार है। सोमवार को किसानों ने जिला परिषद सदस्य आदित्य देवीलाल की अगुवाई में आत्मदाह संबंधी चेतावनी पत्र उपायुक्त प्रभजोत सिंह को सौंपा। आत्मदाह की चेतावनी देने वाले किसानों में दया राम, लीलाधर, अनिल, विनोद, अश्विनी, रामकुमार शामिल हैं।
किसानों के अनुसार चौटाला माइनर के मोगा नं. 77275/आर की मशीन इसी मोगे के हिस्सेदारानों ने नहरी विभाग के जेई नवीन से मिलीभगत करके उखाड़ दी है। उसकी जगह खुद की बनाई बड़ी मशीन एक बेलदार की मदद से नहर में लगाकर पंद्रह दिनों से पानी चोरी कर रहे हैं। जिसके कारण अंतिम छोर के किसानों को हक का पानी नहीं मिल पा रहा। खेत बंजर पड़े हैं, सरसों, गेहूं की बिजाई नहीं हो पा रही। इस संबंध में शिकायत एसडीओ व जेई को बहुत बार की। लेकिन हमारी समस्या की ओर ध्यान तक नहीं दिया गया। इससे पहले टेल पर पानी की कमी को लेकर किसानों का धरना लगता रहा है। लेकिन पानी पूरा नहीं हुआ। किसानों का आरोप से इतना ही नहीं विभाग ने बुर्जी संख्या 77 से लेकर टेल 80820 तक तीन अवैध पुलों को भी रिश्वत में मोटी रकम लेकर बिना स्वीकृति बनवा डाला। किसानों ने उपरोक्त मामले में शामिल जेई व बेलदार तबादला करने, पानी चोरी करने वालों पर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। किसानों ने मांग पत्र के साथ जिला प्रशासन को चेतावनी पत्र सौंपा है। किसानों के अनुसार अगर 20 दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे उपायुक्त कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करेंगे।
एसडीएम को जांच के आदेश : किसानों की चेतावनी के बाद उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने डबवाली की एसडीएम रानी नागर को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर नहरी विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी नहरों की पेट्रोलिंग पर भेजे गए हैं। किसानों से संपर्क साधकर उन्हें मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
किसानों के अनुसार चौटाला माइनर के मोगा नं. 77275/आर की मशीन इसी मोगे के हिस्सेदारानों ने नहरी विभाग के जेई नवीन से मिलीभगत करके उखाड़ दी है। उसकी जगह खुद की बनाई बड़ी मशीन एक बेलदार की मदद से नहर में लगाकर पंद्रह दिनों से पानी चोरी कर रहे हैं। जिसके कारण अंतिम छोर के किसानों को हक का पानी नहीं मिल पा रहा। खेत बंजर पड़े हैं, सरसों, गेहूं की बिजाई नहीं हो पा रही। इस संबंध में शिकायत एसडीओ व जेई को बहुत बार की। लेकिन हमारी समस्या की ओर ध्यान तक नहीं दिया गया। इससे पहले टेल पर पानी की कमी को लेकर किसानों का धरना लगता रहा है। लेकिन पानी पूरा नहीं हुआ। किसानों का आरोप से इतना ही नहीं विभाग ने बुर्जी संख्या 77 से लेकर टेल 80820 तक तीन अवैध पुलों को भी रिश्वत में मोटी रकम लेकर बिना स्वीकृति बनवा डाला। किसानों ने उपरोक्त मामले में शामिल जेई व बेलदार तबादला करने, पानी चोरी करने वालों पर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। किसानों ने मांग पत्र के साथ जिला प्रशासन को चेतावनी पत्र सौंपा है। किसानों के अनुसार अगर 20 दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे उपायुक्त कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करेंगे।
एसडीएम को जांच के आदेश : किसानों की चेतावनी के बाद उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने डबवाली की एसडीएम रानी नागर को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर नहरी विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी नहरों की पेट्रोलिंग पर भेजे गए हैं। किसानों से संपर्क साधकर उन्हें मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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