हाईवे बन रहा आवार पशुओं का आरामगाह
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सडक़ों-गलियों, माहैल्लों सहित हाइवे पर घूम रहे आवारा मवेशियों के कारण आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। विशेषकर गोल चौक, बस अड्डा परिसर और चौटाला रोड व डबवाली-सिरसा हाईवे पर सडक़ के बीचोबीचआवारा मवेशी आराम फरमाते हैं और भूख लगने प र दुकानों और घरों पर मुंह मारते हैं। नगर परिषद द्वारा लगभग तीन माह पूर्व शहर व अन्य मार्र्गों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ कर नंदीशाला पहुंचाया था लकिन कुछ समय बाद फिर वही हालात बनने लगे हैं।
प्र्रशासनिक अधिकारियों व नगर के समाजसेवियों के सहयोग से सिरसा रोड पर आवारा पशुओं से शहर के लोगों को निजात दिलाने के लिए अस्थाई नंदीशाला स्थापित की गई। कुछ माह तो सब ठीक-ठाक रहा लेकिन अब एक बार फिर से यह समस्या सिर उठाने लगी है। आवारा मवेशियों के झुंड दिनरात शहर की गलियों, सडक़ों यहां तक की हाईवे पर घूमते दिखाई देते हैं।
इसका शिकार नहीं हुआ कोई अच्छी बात,इसे दुरूस्त करेगा कौन
गोल चौक से जैसे ही बठिंडा रोड की ओर टर्न करेंगे तो फुटपाथ पर धूल चाट रहा बिजली का पोल आपको दिखाई देगा। लगभग चार दिन पूर्व एक ओवलोडिंग टै्रक्टर ट्राली इस पोल से टकरा गई थी और इस टकराहट से यह पोल जमीन चाटने लगा था। इस पर लगी मरकरी लाईटें सडक़ पर टूट कर बिखर गई और इसकी वायर भी अपना वजूद खो बैठी। गनीमत यह रही कि उस समय वाहनों की आवाजाही कम थी और किसी की जान माल का नुकसान नहीं हुआ। टूटी-फूूटी लाईटों को कोई उठा ले गया और कीमती तार भी गायब हो गई जिसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। संबंधित विभाग की लापरवाही तो देखिए कि चार दिन बाद भी धूल चाटते इस पोल को फिर से खड़ा करने की जहमत तक नहीं उठाई गई। शायद विभागीय अधिकारियों को अभी किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
सडक़ों-गलियों, माहैल्लों सहित हाइवे पर घूम रहे आवारा मवेशियों के कारण आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। विशेषकर गोल चौक, बस अड्डा परिसर और चौटाला रोड व डबवाली-सिरसा हाईवे पर सडक़ के बीचोबीचआवारा मवेशी आराम फरमाते हैं और भूख लगने प र दुकानों और घरों पर मुंह मारते हैं। नगर परिषद द्वारा लगभग तीन माह पूर्व शहर व अन्य मार्र्गों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ कर नंदीशाला पहुंचाया था लकिन कुछ समय बाद फिर वही हालात बनने लगे हैं।
प्र्रशासनिक अधिकारियों व नगर के समाजसेवियों के सहयोग से सिरसा रोड पर आवारा पशुओं से शहर के लोगों को निजात दिलाने के लिए अस्थाई नंदीशाला स्थापित की गई। कुछ माह तो सब ठीक-ठाक रहा लेकिन अब एक बार फिर से यह समस्या सिर उठाने लगी है। आवारा मवेशियों के झुंड दिनरात शहर की गलियों, सडक़ों यहां तक की हाईवे पर घूमते दिखाई देते हैं।
इसका शिकार नहीं हुआ कोई अच्छी बात,इसे दुरूस्त करेगा कौन
गोल चौक से जैसे ही बठिंडा रोड की ओर टर्न करेंगे तो फुटपाथ पर धूल चाट रहा बिजली का पोल आपको दिखाई देगा। लगभग चार दिन पूर्व एक ओवलोडिंग टै्रक्टर ट्राली इस पोल से टकरा गई थी और इस टकराहट से यह पोल जमीन चाटने लगा था। इस पर लगी मरकरी लाईटें सडक़ पर टूट कर बिखर गई और इसकी वायर भी अपना वजूद खो बैठी। गनीमत यह रही कि उस समय वाहनों की आवाजाही कम थी और किसी की जान माल का नुकसान नहीं हुआ। टूटी-फूूटी लाईटों को कोई उठा ले गया और कीमती तार भी गायब हो गई जिसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। संबंधित विभाग की लापरवाही तो देखिए कि चार दिन बाद भी धूल चाटते इस पोल को फिर से खड़ा करने की जहमत तक नहीं उठाई गई। शायद विभागीय अधिकारियों को अभी किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
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