रबड़ स्टम्प बनकर रह गए नगर पार्षद , नगर पार्षदों से स्ट्रीट लाईट ठीक करवाने की उम्मीद न करें, उनके बस की बात नहीं
#dabwalinews.com
डबवाली। हरियाणा सरकार जिस तरह के नियम और कानून लागू कर रही है उससे तो अब यह अहसास होने लगा है कि शहर में होने वाले विकास कार्यों का बोझ नगर परिषद व नगर पालिकाओं से हटाकर अपने ऊपर लेना चाहती है और निकायों को केवल एक ढांचा बना देना चाहती है। ऐसे में आम आदमी को मिलने वाली सुविधाएं कैसे मिल पाएंगी इसका अनुमान लगाना तक संभव नही हो पा रहा। नगर परिषद के पास केवल एक ही काम बचेगा वो होगा केवल और केवल आमजन से प्रोपर्टी टैक्स वसूलना। सभी निकायों का मुख्य रूप से इंकम सोर्स केवल प्रोपर्टी टैक्स ही है, जिसके बूते शहर के लोगों को सडक़ और पथप्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। अब हरियाणा सरकार ने स्ट्रीट लाईटें लगवाना और दुरूस्त करवाने का जिम्मा भी अपने पास रख लिया है। डबवाली शहर के पार्षदों के लिए मुश्किल यह है कि प्रत्येक वार्ड केे लोग अकसर स्ट्रीट लाइट ठिक करवाने का जोर केवल पार्षदों पर ही डालते हैं जबकि अब यह काम उनके बस का रहा नहीं। ऐसे में नगर पार्षद वार्ड वासियों की समस्या का समाधान करवाने असहाय हो चले हैं।
स्ट्रीट लाईटों को जिम्मा पहले नगर परिषद के पास था और इसके लिए हर वर्ष ठेका दिया जाता था लेकिन डबवाली नगर परिषद का यह ठेका जुलाई 2017 को समाप्त होने के बाद आगे किसी को इसका ठेका न दिए जाने के कारण स्ट्रीट लाइट व्यवस्था चौपट होकर रह गई है। मुख्य बाजारों की ही नहीं बल्कि गली मौहल्लों की अधिकतर लाईटें खराब हो चुकी है और सांझा ढलते ही शहर अंधकार की आगोश में समा जाता है। आमजन संबंधित पार्षदों से इसकी शिकायत करते हैं तो पार्षद हाथ खड़े कर देते हैं। जिसके चलते आमजन की परेशानी लगातार बढ़ती ही जा रही है तो वहीं वारदातों में लगातार इजाफा होता जा रहा है।
उपायुक्त ने नहीं दी मंजूरी:विनोद बांसल
डबवाली।
नगर पार्षद विनोद बांसल से बात की तो उन्होंने बताया कि स्ट्रीट लाईट का ठेका बीते जुलाई महा में समाप्त हो चुका है और इसके लिए जिला उपायुक्त को प्रस्ताव भेजा गया था कि इस कार्य के लिए पुन:ठेेका जारी किया जाए। जिला उपायुक्त ने नगर परिषद को फिर से ठेका देने की मंजूरी नहीं दी। जिसके कारण शहर की स्ट्रीट लाईट व्यवस्था दम तोड़ रही है। बांसल ने कहा कि अब आगामी बैठक में इस बारे फिर से प्रस्ताव रखा जाएगा।
जल्द सुधरेगी स्ट्रीट लाईट:देव कुमार शर्मा
डबवाली।
भाजपा नेता देव कुमार शर्मा से इस विषय पर बात की तो उन्होंने बताया कि सरकार ने नियमों में कुछ परिवर्तन किया है। शहरों की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है और यह कमेटी अब पुरानी लाईटों को उतारकर एलईडी बल्ब लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार सिरसा जिला के लिए जल्द टैंडर जारी कर ठेके पर देगी। इस कार्य को जल्द ही कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को ठेका मिलले के बाद जिला के सभी शहरों की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को सुधारने का काम किया जाएगा जिसमें डबवाली शहर को विशेष रूप से शामिल किया गया है। शर्मा ने कहा कि इस विषय पर उनकी नगर परिषद के इओ से बात हो गई है और यह कार्य जल्द आरंभ हो जाएगा।
भेदभाव कर रही है सरकार:रंगीला
डबवाली ।
नगर पार्षद युद्धवीर रंगीला ने सरकार पर भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब कालांवाली को जिला उपायुक्त मंजूरी दे सकती है तो फिर डबवाली को क्यों नही? उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइट ठीक करवाने के लिए वार्ड और शहर के लोग पार्षदों पर दबाव बनाते हैं,लेकिन सरकार ने इस कार्य को अपने अधीन रखकर नगर पार्षदों को केवल रबड स्टम्प बनाकर रख दिया है। रंगीला ने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा ही डबवाली की जनता से भेदभावपूर्ण रवैयाा अपनाया है। उन्होंने कहा कि चाहे गलियों के निर्माण का मामला हो या फिर स्ट्रीट लाईट अथवा अन्य जनसुविधाएं किसी भी कार्य को संतोषजनक व समय पर नहीं करवाया गया, जिसके चलते शहर की हालत बदतर होती जा रही है।
डबवाली। हरियाणा सरकार जिस तरह के नियम और कानून लागू कर रही है उससे तो अब यह अहसास होने लगा है कि शहर में होने वाले विकास कार्यों का बोझ नगर परिषद व नगर पालिकाओं से हटाकर अपने ऊपर लेना चाहती है और निकायों को केवल एक ढांचा बना देना चाहती है। ऐसे में आम आदमी को मिलने वाली सुविधाएं कैसे मिल पाएंगी इसका अनुमान लगाना तक संभव नही हो पा रहा। नगर परिषद के पास केवल एक ही काम बचेगा वो होगा केवल और केवल आमजन से प्रोपर्टी टैक्स वसूलना। सभी निकायों का मुख्य रूप से इंकम सोर्स केवल प्रोपर्टी टैक्स ही है, जिसके बूते शहर के लोगों को सडक़ और पथप्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। अब हरियाणा सरकार ने स्ट्रीट लाईटें लगवाना और दुरूस्त करवाने का जिम्मा भी अपने पास रख लिया है। डबवाली शहर के पार्षदों के लिए मुश्किल यह है कि प्रत्येक वार्ड केे लोग अकसर स्ट्रीट लाइट ठिक करवाने का जोर केवल पार्षदों पर ही डालते हैं जबकि अब यह काम उनके बस का रहा नहीं। ऐसे में नगर पार्षद वार्ड वासियों की समस्या का समाधान करवाने असहाय हो चले हैं।
स्ट्रीट लाईटों को जिम्मा पहले नगर परिषद के पास था और इसके लिए हर वर्ष ठेका दिया जाता था लेकिन डबवाली नगर परिषद का यह ठेका जुलाई 2017 को समाप्त होने के बाद आगे किसी को इसका ठेका न दिए जाने के कारण स्ट्रीट लाइट व्यवस्था चौपट होकर रह गई है। मुख्य बाजारों की ही नहीं बल्कि गली मौहल्लों की अधिकतर लाईटें खराब हो चुकी है और सांझा ढलते ही शहर अंधकार की आगोश में समा जाता है। आमजन संबंधित पार्षदों से इसकी शिकायत करते हैं तो पार्षद हाथ खड़े कर देते हैं। जिसके चलते आमजन की परेशानी लगातार बढ़ती ही जा रही है तो वहीं वारदातों में लगातार इजाफा होता जा रहा है।
उपायुक्त ने नहीं दी मंजूरी:विनोद बांसल
डबवाली।
नगर पार्षद विनोद बांसल से बात की तो उन्होंने बताया कि स्ट्रीट लाईट का ठेका बीते जुलाई महा में समाप्त हो चुका है और इसके लिए जिला उपायुक्त को प्रस्ताव भेजा गया था कि इस कार्य के लिए पुन:ठेेका जारी किया जाए। जिला उपायुक्त ने नगर परिषद को फिर से ठेका देने की मंजूरी नहीं दी। जिसके कारण शहर की स्ट्रीट लाईट व्यवस्था दम तोड़ रही है। बांसल ने कहा कि अब आगामी बैठक में इस बारे फिर से प्रस्ताव रखा जाएगा।
जल्द सुधरेगी स्ट्रीट लाईट:देव कुमार शर्मा
डबवाली।
भाजपा नेता देव कुमार शर्मा से इस विषय पर बात की तो उन्होंने बताया कि सरकार ने नियमों में कुछ परिवर्तन किया है। शहरों की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है और यह कमेटी अब पुरानी लाईटों को उतारकर एलईडी बल्ब लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार सिरसा जिला के लिए जल्द टैंडर जारी कर ठेके पर देगी। इस कार्य को जल्द ही कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को ठेका मिलले के बाद जिला के सभी शहरों की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को सुधारने का काम किया जाएगा जिसमें डबवाली शहर को विशेष रूप से शामिल किया गया है। शर्मा ने कहा कि इस विषय पर उनकी नगर परिषद के इओ से बात हो गई है और यह कार्य जल्द आरंभ हो जाएगा।
भेदभाव कर रही है सरकार:रंगीला
डबवाली ।
नगर पार्षद युद्धवीर रंगीला ने सरकार पर भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब कालांवाली को जिला उपायुक्त मंजूरी दे सकती है तो फिर डबवाली को क्यों नही? उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइट ठीक करवाने के लिए वार्ड और शहर के लोग पार्षदों पर दबाव बनाते हैं,लेकिन सरकार ने इस कार्य को अपने अधीन रखकर नगर पार्षदों को केवल रबड स्टम्प बनाकर रख दिया है। रंगीला ने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा ही डबवाली की जनता से भेदभावपूर्ण रवैयाा अपनाया है। उन्होंने कहा कि चाहे गलियों के निर्माण का मामला हो या फिर स्ट्रीट लाईट अथवा अन्य जनसुविधाएं किसी भी कार्य को संतोषजनक व समय पर नहीं करवाया गया, जिसके चलते शहर की हालत बदतर होती जा रही है।
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