पटवारी ने भर्ष्टाचार की सभी हदें की पार , मुनादी कर मांगी घूस , हुआ सस्पेंड
भ्रष्टाचार के कारण नहीं मिला किसानों को मुआवजा
डबवाली
डबवाली वर्ष 2015 में सफेद मक्खी के कारण खराब हुई नरमा कपास की फसल का मुआवजा किसानों को न मिलने के पीछे भ्रष्टाचार मुख्य वजह है जो कि सरकार की मिलीभगत से हो रहा है। यह आरोप राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भाटी ने मंगलवार को जारी प्रैस बयान में लगाया।उन्होंने कहा कि गांव जंडवाला जाटान में तो भ्रष्टाचार के इस मामले की उस समय पोल खुल गई जब आधा मुआवजा रिश्वत के रूप में देेने के लिए सरेआम मुनादी ही करवा दी गई। जसवीर भाटी ने कहा कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद प्रशासन जानबूझकर कागज पूरे नहीं होने का बहाना लगाकर किसानों का मुआवजा लटका रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तव में इसके पीछे रिश्वत बटोरना ही मुख्य उद्देश्य है। इसलिए अब तक 20 प्रतिशत किसान मुआवजे के हकदार होने के बावजूद मुआवजे से वंचित हैं। उन्होंने मांग उठाई कि जिन किसानों का मुआवजा बाकी है उन्हें सरकार स्पैशल स्टाफ लगाकर एक सप्ताह के अंदर मुआवजा देने की व्यवस्था करे। साथ ही गांव जंडवाला जाटान में जिस पटवारी ने आधा मुआवजा देकर पूरा मुआवजा ले जाने संबंधी मुनादी करवाई है उसे निलंबित कर उसके खिलाफ मामला दर्ज करवा कर ठोस कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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