पार्षद बोले साहब अब कांच की गोलियां निगली नही जाती


दूसरे दिन भी पार्षदों ने सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर की नारेबाजी, एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों ने नगर परिषद में डाला डेरा 


 एसडीएम की टेबल से जब नगर परिषद की फाइल तीन माह बाद जिला उपायुक्त के पास पहुंची तो उसमें लगाए गए आब्जैक्शन के बाद पार्षदों के सब्र का पैमाना छलक उठा और दूसरे दिन भी नगर परिषद के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष सुमन जोइया, उप-प्रधान कृष्णलाल बॉबी, विनोद बांसल, रमेश बागड़ी, रविन्द्र बिंदू, युद्धवीर रंगीला, रविन्द्र बबलू, अंजु बाला, मधु बागड़ी, मनदीप सिंह, प्रवीण सोनी, पूर्व प्रधान एवं पार्षद टेक चंद छाबड़ा, पूर्व प्रधान रणवीर व पार्षद प्रतिनिधि राकेश शर्मा, राकेश बब्बर व राजेन्द्र जोइया सहित अनेक कांग्रेसी नेता व इनेलो नेता मौजूद रहे।
नगर परिषद में तालाबंदी का समाचार प्रशासनिक अमले तक पहुंचा तो एक के बाद एक प्रशासनिक अधिकारी वहां जुटना आरंभ हो गए। सबसे पहले थाना शहर प्रभारी हवा सिंह व उसके बाद डीएसपी किशोरी लाल पहुंचे और प्रदर्शकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शन कर रहे पार्षदों ने कहा कि साहब अब कांच की गोलियां निगली नहीं जाती इसलिए आप यह सब रहने दें। नगर पार्षद विनोद बांसल ने कहा कि हर बार आश्वासन देकर उनके आंदोलन को दबाया जाता रहा है लेकिन अब किसी आश्वासन में न आकर ठोस कार्रवाही करवाई जाएगी। पार्षद रमेश बागड़ी ने कहा कि डबवाली से लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शहर का विकास नहंी करवाना  तो डबवाली की नगर परिषद को भंग कर दिया जाए इसके लिए सभी पार्षद सामूहिक त्यागपत्र देने को तैयार हैं। रविन्द्र बिंदू ने कहा कि सरकास जिन तरह से डबवाली से भेदभाव कर रही है उससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार डबवाली को हरियाणा का हिस्सा नहीं मानती। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो डबवाली को पंजाब का हिस्सा बना दिया जाए यदि वह भी  नहंी हो सकता तो पाकिस्तान को दे देना चाहिए। पार्षदों ने कहा कि छोटे-मोटेे काम भी नहीं हो रहे और सरकार लगातार डबवाली के प्रति लगातार भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाए हुए है। पार्षदों के अतिरिक्त कांग्रेसी नेता पे्रम गर्ग, इनेलो नेता राकेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर झूठ की राजनीति करते हुए सामान विकास का
पार्षद के आगे बेबस नजर आए अधिकार
 पार्षदों की मांगों के समक्ष एसडीएम रानी नागर, इओ विजयपाल यादव, तहसीलदार अजय कुमार व डीएसपी बेबस से नजर आए। एसडीएम ने कहा कि कार्यकारी एमई भानी राम को बुलाया जाए लेकिन वह शहर से बाहर होने के कारण उन्होंने आने में असमर्थता जाहिर की तो एसडीएम ने अपने स्टेनों को एमई की दो दिन की गैर हाजरी लगाने के लिए बोल दिया। एसडीएम रानी नागर ने प्रदर्शनकारियों से बात करने की बजाए उच्चाधिकारियों से ही बात करना जरूरी समझा लेकिन जब कहीं कोई बात नहीं बनी तो अन्य अधिकारियों के साथ नगर परिषद में कुसियां लगाकर बैठ गए और शाम तक बिना किसी नतीजे पर ही वहां विराजमान रही।
सांय चार बजे तक प्रशासनिक अधिकारियों से कोई संतोष जनक जवाब न आने और किसी तरह का ठोस आश्वासन न दिए जाने के कारण एसडीएम रानी नागर सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी नगर परिषद में डेरा डाले रहे। नगर पार्षदों ने यह स्पष्ट कर दिया गया है कि वह अपनी मांगों को पूरा करवाए बिना यहंा से टस से मस नहीं होंगे।  

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