अनोखी शादी: सिर्फ रात में मिलते है, दिन में अलग हो जाते हैं पति -पत्नी




​अजब शादी: सिर्फ रात में साथ, दिन में अलग हो जाते हैं कपल

चीन के युन्नान, सिचुआन प्रांत और योंगनिंग शहर में रहता है मोजो समुदाय। मोजो समुदाय मातृसत्तात्मक समुदाय है। करीब 56,000 आबादी के साथ मोजो चीन का एक अल्पसंख्यक समुदाय है। उनके यहां शादी बहुत अनोखी होती है जिसे वहां वॉकिंग मैरिज (walking marriage) के नाम से जाना जाता है। इस प्रथा में पुरुष महिला के साथ एक रात गुजारने के बाद अपने घर लौट जाता है और बच्चों को पालने की जिम्मेदारी उसकी नहीं होती है। आइए आज विस्तार से इस बारे में जानते हैं...
(फोटो: साभार Pinterest)

​हुफेंग (Huafang)

मोजो (Mosuo) परिवार में संयुक्त परिवार का सिस्टम पाया जाता है। कई पीढ़ी एक साथ लकड़ी के बड़े घर में रहती है। अकसर वे एक साथ बड़े हॉलनुमा कमरे में रहते हैं जिसमें कोई प्राइवेट बेडरूम नहीं होता है। लेकिन जब मोजो समुदाय की लड़की 13 साल की हो जाती है तो उसको एक अलग प्राइवेट बेडरूम मिलता है। उस कमरे को हुफेंग कहा जाती है। हुफेंग में ही वॉकिंग मैरिज की रस्म को अंजाम दिया जाता है। 
(फोटो: साभार Pinterest)

​कैसे होती है वॉकिंग मैरिज?

वहां ऐसी परंपरा है कि मोजो लड़की अगर किसी पुरुष की ओर आकर्षित होती है तो उसे अपने साथ एक रात गुजारने को आमंत्रित करती है। फिर वह पुरुष रात में हुफेंग में लड़की के साथ रात गुजारता है जिस दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध बनते हैं। सुबह होते ही पुरुष को हुफेंग छोड़कर अपने घर लौट जाना होता है। शुरू में इस तरह के संबंध को गुप्त रखा जाता है। लड़की और लड़का एक-दूसरे को अशिहाउ (Axiao) कहते हैं। जब वे दोनों वाकई में एक-दूसरे को पसंद करने लगते हैं और इस तरह का संबंध बनाना जारी रखना चाहते हैं तो फिर अपने रिश्ते को सार्वजनिक कर देते हैं। वे एक-दूसरे को इसके बाद उपहार भी देना शुरू कर देते हैं। लेकिन हमेशा रात गुजारकर सुबह लड़के को अपने घर लौट जाना होता है। वह सिर्फ रात में ही लड़की के साथ रह सकता है यानी लड़के की भूमिका सिर्फ एक सेक्स पार्टनर की होती है। 
(फोटो: साभार ट्विटर)

​कितने पार्टनर

मोजो समुदाय की महिलाएं अपनी मर्जी से पार्टनर को बदलने के लिए आजाद होती हैं। लेकिन आमतौर पर एक अवधि में उनका सिर्फ एक ही सेक्स पार्टनर होता है और कई मामलों में यह संबंध लंबा चलता है। 
(फोटो: साभार China.org)


​बच्चे पालने की जिम्मेदारी पुरुष की नहीं

जब बच्चे का जन्म होता है तो उसका नाम मां के नाम पर रखा जाता है। बच्चा अपने मां के परिवार के साथ रहता है। बच्चे के पिता का अपनी संतान के पालन-पोषण की कोई जिम्मेदारी नहीं होती है। वास्तव में तो कई बच्चों को यह पता ही नहीं होता कि उसका पिता कौन है। बच्चे को पालने की जिम्मेदारी मां और उसके परिवार के लोगों की होती है। 
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 साभार  TIL NETWORK

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