पानी प्रकृति के द्वारा मानवता के लिये जल एक अनमोल उपहार है
डबवाली न्यूज़
पानी के महत्व पर ध्यान केंद्रित करने और पानी के संसाधनों की स्थाई प्रबंधन की वकालत करने के लिए विश्व जल दिवस हर साल 22 मार्च को आयोजित किया जाता है मिलेनियम स्कूल डबवाली NH-9 मलोट रोड पर स्थित में पानी के महत्व को समझाने के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया जिसमें स्कूल के शिक्षकों ने वैश्विक रचनात्मक मुद्दों पर अपनी रचनात्मक संदेशों और सोच के आधार पर विश्व जल दिवस 2019 मनाने के लिए सहयोगी पोस्टर विकसित किए शिक्षकों ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य हमारे छात्रों को उन समस्याओं के बारे में अधिक जागरूक बनाने में मदद करना है जो कुछ लोग दुनिया भर में सामना करते हैं और पानी के संरक्षण के लिए हम क्या कर सकते हैं पानी बचाने के लिए मिलेनियम स्कूल डबवाली में इस अवसर पर सेमीनार और वाताएं की गई स्वच्छ पीने योग्य पानी को लेकर दुनिया में हालात काफी चिंताजनक है यह भी आप जानते ही हैं कि दुनिया में पीने के लिए भूमि जल का इस्तेमाल कितने बड़े पैमाने पर होता है स्कूल की प्रबंधक ने समझाया जल ही जीवन है और इस मौके पर स्कूल में विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया गया जो पानी के महत्व को प्रदर्शित करती हैं स्कूल के अध्यक्ष ने कहा कि जल संरक्षण तकनीक भी बच्चों को दिखाई जाएगी ताकि वह अपने बचपन से जल संरक्षण सीख सकें और उन्होंने कहा कि विश्व जल दिवस का उद्देश्य पानी बचाने व पानी बर्बाद नहीं करने का संकल्प लेना है विषय में पानी की बर्बादी का स्तर बहुत ज्यादा है इसमें से हर किसी को इस बर्बादी को रोकने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करना चाहिए पानी हमारे जीवन के लिए बहुत जरूरी है उन्होंने कहा कि देश के 100 करोड लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं यह आंकड़ा दुनिया भर में पानी की तंगी झेल रहे लोगों का 25 % है वाटर एड की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के कुल ग्राउंड वाटर का 24% हम इस्तेमाल करते हैं भारत में रोज वाहन धोने में ही करोड़ों लीटर पानी खर्च हो जाता है भारत से महिलाएं पाने के लिए औसतन प्रतिदिन लगभग 6 किलोमीटर का सफर करती हैं दुनिया में सिर्फ पानी भरने में महिलाएं और बच्चे 12.5 करोड घंटे खर्च कर देते हैं 10 में से एक इंसान को पीने लायक साफ पानी नहीं मिल पाता है प्रकृति के द्वारा मानवता के लिये जल एक अनमोल उपहार है। जल की वजह से ही धरती पर जीवन संभव है, लेकिन वर्तमान में भारत के कई राज्य पानी की कमी से बेहाल हैं और स्थिति गंभीर है। भविष्य में जल की कमी की समस्या को सुलझाने के लिये जल संरक्षण ही जल बचाना है। जल की कमी के कारण विभिन्न क्षेत्रों में लोगों द्वारा मुश्किलों का सामना किये जाने के कारण पर्यावरण, जीवन और विश्व को बचाने के लिये जल बचाने और संरक्षण करने के लिये हमें सिखाता है मिलेनियम स्कूल के शिक्षकों ने कहा कि सभी लोगों को यह समझना होगा कि जल सबसे कीमती प्रकृतिक संसाधन है लेकिन वह सीमित मात्रा में है और उसका उपयोग समझदारी और उत्पादक तरीके से करने से ही जीवन खुशहाल हो सकेगा इस अवसर पर स्कूल के शिक्षकों ने तरह-तरह के पोस्टर बनाए और अंत में नारे लगाए जल बचाओ भूमि बचाअो
और इस तरह से नारे लगाकर सभी को जल संरक्षण के तरीके बताएं
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