लोकसभा चुनाव: डबवाली में अभी राजनीतिक सन्नाटे का माहौल, लोगों में उम्मीदवारों को लेकर हो रही चर्चाएं
धड़ों में बंटें हैं मुख्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, स्थिति पर नजर बनाए हैं नेतागण
डबवाली न्यूज़ ,
लोकसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है लेकिन डबवाली में अभी तक राजनीतिक सन्नाटे का माहौल है। इसका कारण यह है कि डबवाली में अधिकांश राजनीतिक दल इस समय बिखराव की स्थिति में है। कार्यकर्ता अलग-अलग धड़ों में बंटे हुए हैं और नेतागण अभी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।जब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो जाती तब तक चुप रहने में ही भलाई समझ रहे हंै। वैसे भी हाइकमान द्वारा जिसे भी उम्मीदवार घोषित किया जाएगा उसकी डुगडुगी सभी को बजानी ही पड़ेगी। सिरसा लोकसभा सीट पर विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं लोगों में भी हो रही है। हालांकि हरियाणा में चुनाव 12 मई को होने हैं और इसमें अभी करीब डेढ़ माह से भी अधिक समय है लेकिन फिर भी आने वाले उम्मीदवारों को लेकर लोगों में उत्सुकता अभी से बनी हुई है।
सत्ताधारी दल भाजपा के उम्मीदवार के बारे में लोग सबसे अधिक चर्चाएं कर रहे हैं। जो नाम अभी तक लिए जा रहे हैं उनमें भाजपा की तेजतर्रार नेत्री सुनीता दुग्गल का नाम सबसे पहले लिया जा रहा है। वह हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम की मौजूदा चेयरपर्सन है और पिछले लंबे अर्से से यहां सक्रिय हैं। डबवाली में भी वह पार्टी के अनेक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेती रही हैं और इस दौरान उन्हें उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट भी किया गया। इससे लोगों को लगता है कि सुनीता दुग्गल भाजपा की सिरसा लोकसभा सीट से उम्मीदवार हो सकती हैं। इसके अलावा भाजपा उम्मीदवार के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे वी कामराज का नाम भी चर्चा में है। वह भी सिरसा व डबवाली तक का दौरा कर चुके हैं। भाजपा की टिकट पर जिन अन्य नामों की चर्चा हो रही है उसमें प्रसिद्ध पंजाबी लोक गायक हंसराज हंस तथा पाकिस्तान में जेल में बंद रहे सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर का नाम भी शामिल है।
वहीं, अगर कांग्रेस पार्टी की बात की जाए तो कुछ दिन पहले तक सिरसा लोक सभा सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा के नाम की भी चर्चा चल रही थी लेकिन अब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक तंवर का नाम यहां से लोकसभा उम्मीदवार के तौर पर तय माना जा रहा है। दूसरी और इनेलो के दो फाड़ होने के कारण भी सिरसा लोकसभा सीट पर राजनीतिक समीकरण बदले नजर आ रहे हैं। पूर्व में इनेलो का संगठन बहुत मजबूत था और पिछली बार इनेलो उम्मीदवार चरणजीत सिंह रोड़ी लोकसभा चुनाव जीत कर सांसद बने थे। लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ अलग हैं। इनेलो के उम्मीदवार को लेकर चरणजीत सिंह रोड़ी के अलावा पूर्व विधायक डा. सीताराम के नाम की चर्चा भी लोग करते हैं ।
इनेलो से टूटकर अलग राजनीतिक पार्टी बनी जेजेपी भी इस लोकसभा चुनावों में पहली बार ताल ठोकेगी इसलिए लोगों में सिरसा लोकसभा सीट से जेजेपी उम्मीदवार को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि अभी तक कोई विशेष नाम या चेहरा सामने नहीं आया है। इनके अलावा बसपा, आप व अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की बातें भी लोग करते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में जल्द ही उम्मीदवारों के नामों को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। बहरहाल उम्मीदवार जो भी हो लेकिन यह तय है कि आगामी लोकसभा चुनावों में सिरसा लोकसभा सीट पर भी लोगों को दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा। क्योंकि भाजपा दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत नेतृत्व के तौर पर आगे करते हुए चुनाव जीतकर सरकार बनाने के लिए ताल ठोक रही है तो कांग्रेस भी राहुल-प्रियंका के सहारे व भाजपा राज में विकास ठप, बेरेाजगारों को नौकरियां नहीं मिलने आदि के मुद्दे उठाकर अपनी चुनावी नैया पार करने के लिए प्रयासरत है। क्षेत्रीय दल भी खुद को राष्ट्रीय पार्टियों के मुकाबले इक्कीस साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। हरियाणा में इनेलो व जेजेपी के बीच चल रही चुनावी खींचतान भी दिलचस्प रूप ले सकती है। अब यह तो भविष्य के गर्भ में हैं कि राजनीति का ऊंट अब किस करवट बैठेगा।
डबवाली न्यूज़ ,
लोकसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है लेकिन डबवाली में अभी तक राजनीतिक सन्नाटे का माहौल है। इसका कारण यह है कि डबवाली में अधिकांश राजनीतिक दल इस समय बिखराव की स्थिति में है। कार्यकर्ता अलग-अलग धड़ों में बंटे हुए हैं और नेतागण अभी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।जब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो जाती तब तक चुप रहने में ही भलाई समझ रहे हंै। वैसे भी हाइकमान द्वारा जिसे भी उम्मीदवार घोषित किया जाएगा उसकी डुगडुगी सभी को बजानी ही पड़ेगी। सिरसा लोकसभा सीट पर विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं लोगों में भी हो रही है। हालांकि हरियाणा में चुनाव 12 मई को होने हैं और इसमें अभी करीब डेढ़ माह से भी अधिक समय है लेकिन फिर भी आने वाले उम्मीदवारों को लेकर लोगों में उत्सुकता अभी से बनी हुई है।
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रवि मोंगा,संपादक पब्लिक मंच |
वहीं, अगर कांग्रेस पार्टी की बात की जाए तो कुछ दिन पहले तक सिरसा लोक सभा सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा के नाम की भी चर्चा चल रही थी लेकिन अब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक तंवर का नाम यहां से लोकसभा उम्मीदवार के तौर पर तय माना जा रहा है। दूसरी और इनेलो के दो फाड़ होने के कारण भी सिरसा लोकसभा सीट पर राजनीतिक समीकरण बदले नजर आ रहे हैं। पूर्व में इनेलो का संगठन बहुत मजबूत था और पिछली बार इनेलो उम्मीदवार चरणजीत सिंह रोड़ी लोकसभा चुनाव जीत कर सांसद बने थे। लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ अलग हैं। इनेलो के उम्मीदवार को लेकर चरणजीत सिंह रोड़ी के अलावा पूर्व विधायक डा. सीताराम के नाम की चर्चा भी लोग करते हैं ।
इनेलो से टूटकर अलग राजनीतिक पार्टी बनी जेजेपी भी इस लोकसभा चुनावों में पहली बार ताल ठोकेगी इसलिए लोगों में सिरसा लोकसभा सीट से जेजेपी उम्मीदवार को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि अभी तक कोई विशेष नाम या चेहरा सामने नहीं आया है। इनके अलावा बसपा, आप व अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की बातें भी लोग करते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में जल्द ही उम्मीदवारों के नामों को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। बहरहाल उम्मीदवार जो भी हो लेकिन यह तय है कि आगामी लोकसभा चुनावों में सिरसा लोकसभा सीट पर भी लोगों को दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा। क्योंकि भाजपा दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत नेतृत्व के तौर पर आगे करते हुए चुनाव जीतकर सरकार बनाने के लिए ताल ठोक रही है तो कांग्रेस भी राहुल-प्रियंका के सहारे व भाजपा राज में विकास ठप, बेरेाजगारों को नौकरियां नहीं मिलने आदि के मुद्दे उठाकर अपनी चुनावी नैया पार करने के लिए प्रयासरत है। क्षेत्रीय दल भी खुद को राष्ट्रीय पार्टियों के मुकाबले इक्कीस साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। हरियाणा में इनेलो व जेजेपी के बीच चल रही चुनावी खींचतान भी दिलचस्प रूप ले सकती है। अब यह तो भविष्य के गर्भ में हैं कि राजनीति का ऊंट अब किस करवट बैठेगा।
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