आज का युवा नशे की राह पर चल पड़ा है जिससे युवा पीढ़ी को बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है - परमजीत कोचर
डबवाली न्यूज़
नेहरु सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रहे एनएसएस के सात दिवसीय शिविर के 5वें दिन 'नशा मुक्त भारत' विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पंजाब नेशनल बैंक फाजिल्का के चीफ मैनेजर परमजीत कोचर मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने माता-पिता का आदर करना चाहिए और एनएसएस भी हमारे मन में यही भावना पैदा करती है। उन्होंने कहा कि आज का युवा नशे की राह पर चल पड़ा है जिससे युवा पीढ़ी को बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों को एजुकेशन लोन की प्रक्रिया के जानकारी देने के साथ-साथ बैंक से संबंधित कई अन्य अहम जानकारियां दी।
बाद में स्वयंसेवकों को डबवाली में स्थित बांसल मनोरोग चिकित्सालय में भी ले जाया गया। वहां उन्हें विभिन्न प्रकार के नशा ग्रस्त रोगियों से मिलवाया। मनोचिकित्सक डा. नितिन बंसल ने नशे के विषय में स्वयंसेवकों को समझाया कि हमे कोई भी नशा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्ति को गर्त की ओर ले जाता है। उन्होंने आज के सबसे बड़े मादक पदार्थ हेरोइन के बारे में भी जानकारी दी और बच्चों को कभी भी इस नशे की तरफ नहीं देखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा नशा है जिसकी आदत एक बार लग जाए तो वह व्यक्ति कभी भी इस नशे को नहीं छोड़ सकता। उन्होंने स्वयंसेवकों को खेल कूद और स्वच्छ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात एनएसएस अधिकारी कुलविंदर सिंह ने कहा कि जिस व्यक्ति का शरीर मादक पदार्थों पर निर्भर हो जाता है उस व्यक्ति के शरीर में अनेक बीमारियां उत्पन्न होने लगती हैं। जैसे हाथ पैर कांपना, शक्तिहीन होना, निद्रा की अनियमित आदत, मादक पदार्थों की इच्छा प्रबल होना आदि लक्षण है जो व्यक्ति को पूर्ण रूप से अपना जीवन यापन करने में मुश्किलें पैदा कर देते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को नशों से दूर रहने की सलाह दी इस मौके पर नेहरु सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निदेशक हरि प्रकाश प्रकाश शर्मा ने नशे की आदत का मुख्य कारण शिक्षा की कमी, कुसंगति, अभिभावकों का ध्यान ना देना, कमजोर मानसिकता आदि को बताया। उन्होंने कहा कि नशा एक बच्चे अथवा युवा को एक ऐसे अंधेरे कुएं में धकेल देता है जिसकी गहराई का एहसास उसे अपने अंतिम समय में लगता है। भारत में 75 प्रतिशत से ज्यादा घरों में कम से कम एक मादक पदार्थों का सेवन करने वाला मौजूद होता है चाहे वह बीड़ी सिगरेट या कोई नशा ही करता हो। यह सब उनके लिए ही नहीं बल्कि उनके परिवार के लिए भी हानिकारक है। इस अवसर पर स्कूल सचिव सुषमा शर्मा , उप प्रधानाचार्य जसविंदर मंकू और उप प्रधानाचार्य दलीप जोयल, अध्यापक ज्योति सिडाना, डिम्पल देवी, लवदीप कुमार, कुदरत सिंह और पुनीत सिंगला उपस्थित थे
बाद में स्वयंसेवकों को डबवाली में स्थित बांसल मनोरोग चिकित्सालय में भी ले जाया गया। वहां उन्हें विभिन्न प्रकार के नशा ग्रस्त रोगियों से मिलवाया। मनोचिकित्सक डा. नितिन बंसल ने नशे के विषय में स्वयंसेवकों को समझाया कि हमे कोई भी नशा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्ति को गर्त की ओर ले जाता है। उन्होंने आज के सबसे बड़े मादक पदार्थ हेरोइन के बारे में भी जानकारी दी और बच्चों को कभी भी इस नशे की तरफ नहीं देखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा नशा है जिसकी आदत एक बार लग जाए तो वह व्यक्ति कभी भी इस नशे को नहीं छोड़ सकता। उन्होंने स्वयंसेवकों को खेल कूद और स्वच्छ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात एनएसएस अधिकारी कुलविंदर सिंह ने कहा कि जिस व्यक्ति का शरीर मादक पदार्थों पर निर्भर हो जाता है उस व्यक्ति के शरीर में अनेक बीमारियां उत्पन्न होने लगती हैं। जैसे हाथ पैर कांपना, शक्तिहीन होना, निद्रा की अनियमित आदत, मादक पदार्थों की इच्छा प्रबल होना आदि लक्षण है जो व्यक्ति को पूर्ण रूप से अपना जीवन यापन करने में मुश्किलें पैदा कर देते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को नशों से दूर रहने की सलाह दी इस मौके पर नेहरु सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निदेशक हरि प्रकाश प्रकाश शर्मा ने नशे की आदत का मुख्य कारण शिक्षा की कमी, कुसंगति, अभिभावकों का ध्यान ना देना, कमजोर मानसिकता आदि को बताया। उन्होंने कहा कि नशा एक बच्चे अथवा युवा को एक ऐसे अंधेरे कुएं में धकेल देता है जिसकी गहराई का एहसास उसे अपने अंतिम समय में लगता है। भारत में 75 प्रतिशत से ज्यादा घरों में कम से कम एक मादक पदार्थों का सेवन करने वाला मौजूद होता है चाहे वह बीड़ी सिगरेट या कोई नशा ही करता हो। यह सब उनके लिए ही नहीं बल्कि उनके परिवार के लिए भी हानिकारक है। इस अवसर पर स्कूल सचिव सुषमा शर्मा , उप प्रधानाचार्य जसविंदर मंकू और उप प्रधानाचार्य दलीप जोयल, अध्यापक ज्योति सिडाना, डिम्पल देवी, लवदीप कुमार, कुदरत सिंह और पुनीत सिंगला उपस्थित थे
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