गोल्डन एरा मिलेनियम स्कूल में बैसाखी की धमाल खूब थिरके बच्चे
डबवाली न्यूज़
मलोट रोड डबवाली में स्थित गोल्डन एरा मिलेनियम स्कूल में आज 12 अप्रैल को बैसाखी त्यौहार के उपलक्ष में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया स्कूल के सभी बच्चे सुंदर-सुंदर रंग बिरंगे कपड़े पहनकर स्कूल पहुंचे सभी बच्चों के मुख पर सुंदर मुस्कान थी बच्चे कलरफुल ड्रेसेस में सुंदर लग रहे थे मिलेनियम स्कूल के लड़कों ने एक भंगड़े की पेशकश की व लड़कियों द्वारा गिद्दे की पेशकश की गई बैसाखी का पर्व अप्रैल महीने में आता है और यह एक मौसमी त्यौहार है यह त्यौहार संपूर्ण भारत में मनाया जाता है किंतु पंजाब और हरियाणा में इसका विशेष महत्व है यह त्यौहार सभी धर्मो और जातियों के द्वारा मनाया जाता है वैसाखी मुख्यत: कृषि पर्व है यह त्यौहार फसल कटाई के आगमन के रूप में मनाया जाता है अप्रैल माह में रबी फसल कटकर घर आती है। इसे बेचकर किसान धन कमाते हैं। इसलिए भी बैसाखी का यह पर्व उल्लास का पर्व माना गया है। वैसे तो हर साल बैसाखी के दिन पंजाब में कई मेले लगते हैं। लेकिन जब बैसाखी में कुंभ का मेला भी हो तो इस दिन स्नान करने का महत्व और भी बढ़ जाता है। वैसाखी सिखों का प्रसिद्ध त्योहार है यह त्यौहार सिख भाईचारे और एकता का प्रतीक है वर्ष 1699 में इसी दिन अंतिम सिख गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों को खालसा के रूप में संगठित किया था और आनंदपुर साहब के गुरुद्वारे में पांच प्यारों से वैशाखी पर्व पर ही बलिदान के लिए आह्वान किया गया था। सिख धर्म में वैशाखी को बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार माना गया है। बैसाखी पर्व के दिन समस्त उत्तर भारत की पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्त्व माना जाता है बैसाखी पर्व पर लोग घर में हलवा और अन्य मीठे पकवान बनाते हैं बैसाखी पर्व पर लगने वाला बैसाखी मेला बहुत प्रसिद्ध है बैसाखी के मेले में बहुत भीड़ होती है बैसाखी के अवसर पर बच्चों को wheat फील्ड में ले जाया गया ताकि बच्चों को बताया जा सके कि गेहूं की फसल कैसे पकती है और देखने में कैसी लगती है क्योंकि प्रेक्टिकल किया बच्चों के दिलों दिमाग में जल्दी आ जाता है रंगारंग कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी अपनी आकर्षक पेशकश दी इसी कार्यक्रम के साथ बैसाखी फंक्शन संपन्न हुआ
मलोट रोड डबवाली में स्थित गोल्डन एरा मिलेनियम स्कूल में आज 12 अप्रैल को बैसाखी त्यौहार के उपलक्ष में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया स्कूल के सभी बच्चे सुंदर-सुंदर रंग बिरंगे कपड़े पहनकर स्कूल पहुंचे सभी बच्चों के मुख पर सुंदर मुस्कान थी बच्चे कलरफुल ड्रेसेस में सुंदर लग रहे थे मिलेनियम स्कूल के लड़कों ने एक भंगड़े की पेशकश की व लड़कियों द्वारा गिद्दे की पेशकश की गई बैसाखी का पर्व अप्रैल महीने में आता है और यह एक मौसमी त्यौहार है यह त्यौहार संपूर्ण भारत में मनाया जाता है किंतु पंजाब और हरियाणा में इसका विशेष महत्व है यह त्यौहार सभी धर्मो और जातियों के द्वारा मनाया जाता है वैसाखी मुख्यत: कृषि पर्व है यह त्यौहार फसल कटाई के आगमन के रूप में मनाया जाता है अप्रैल माह में रबी फसल कटकर घर आती है। इसे बेचकर किसान धन कमाते हैं। इसलिए भी बैसाखी का यह पर्व उल्लास का पर्व माना गया है। वैसे तो हर साल बैसाखी के दिन पंजाब में कई मेले लगते हैं। लेकिन जब बैसाखी में कुंभ का मेला भी हो तो इस दिन स्नान करने का महत्व और भी बढ़ जाता है। वैसाखी सिखों का प्रसिद्ध त्योहार है यह त्यौहार सिख भाईचारे और एकता का प्रतीक है वर्ष 1699 में इसी दिन अंतिम सिख गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों को खालसा के रूप में संगठित किया था और आनंदपुर साहब के गुरुद्वारे में पांच प्यारों से वैशाखी पर्व पर ही बलिदान के लिए आह्वान किया गया था। सिख धर्म में वैशाखी को बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार माना गया है। बैसाखी पर्व के दिन समस्त उत्तर भारत की पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्त्व माना जाता है बैसाखी पर्व पर लोग घर में हलवा और अन्य मीठे पकवान बनाते हैं बैसाखी पर्व पर लगने वाला बैसाखी मेला बहुत प्रसिद्ध है बैसाखी के मेले में बहुत भीड़ होती है बैसाखी के अवसर पर बच्चों को wheat फील्ड में ले जाया गया ताकि बच्चों को बताया जा सके कि गेहूं की फसल कैसे पकती है और देखने में कैसी लगती है क्योंकि प्रेक्टिकल किया बच्चों के दिलों दिमाग में जल्दी आ जाता है रंगारंग कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी अपनी आकर्षक पेशकश दी इसी कार्यक्रम के साथ बैसाखी फंक्शन संपन्न हुआ
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