"अनुशासन का पालन करना कड़वा होता है, लेकिन फल बहुत मीठा होता है" - डॉ दीप्ति शर्मा
डबवाली न्यूज़
गोल्डन एरा मिलेनियम स्कूल NH- 9 किल्लांवाली मलोट रोड पर स्थित में बुधवार को अनुशासन की महत्वता के बारे में बच्चों को बताया गया मिलेनियम स्कूल का मानना है
कि अनुशासन मनुष्य के विकास के लिए बहुत आवश्यक है अनुशासन सफलता की कुंजी है बच्चों को बताया गया कि बिना अनुशासन के कोई भी एक खुशहाल जीवन नहीं जी सकता है अनुशासन सब कुछ है जो हम सही समय पर सही तरीके से करते हैं मिलेनियम स्कूल की सोच है कि जीवन के सभी कार्यों में अनुशासन अत्यधिक मूल्यवान है अनुशासन खुशहाल और शांतिपूर्ण जीवन जीने की सबसे बड़ी जरूरत है अनुशासनहीनता की वजह से जीवन में शांति और प्रगति के बजाय देर सारी परेशानी उत्पन्न हो जाती है आगे कहा गया कि विद्यार्थियों को बचपन से ही अनुशासन में रहना चाहिए मिलेनियम स्कूल में बच्चों को बताया कि विद्यार्थी को चाहिए कि प्रतिदिन प्रात काल उठकर व्यायाम करें अध्यापन करें स्नान आदि करे और विद्यालय के लिए शीघ्र ही तैयार हो जाए समय पर विद्यालय जाएं घर आकर समय पर भोजन करे, समय पर अध्यापन कार्य और खेलने भी जाए रात्रि के भोजन के पश्चात समय पर सोना भी विद्यार्थी के लिए उत्तम रहता है इस तरह का व्यवस्थित जीवन शैली उन्हें तरोताजा रखता है मिलेनियम स्कूल के बच्चों और अध्यापकों ने भी अनुशासन के महत्व पर अपने अपने विचार प्रकट किए बाद में स्कूल अध्यक्ष डॉ दीप्ति शर्मा ने बच्चों को अनुशासन के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि "अनुशासन का पालन करना कड़वा होता है,
लेकिन अनुशासन का पालन करने के बाद मिलने वाला फल बहुत मीठा होता है" एक्सपर्ट ने छात्र-छात्राओं को अनुशासन के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि अनुशासन के माध्यम से ही सफलता पाई जा सकती है। छात्र जीवन में अनुशासन होना बहुत जरूरी है। इसलिए दिन में किए जाने वाले कार्यों के दौरान अनुशासन रखें। वक्ताओं ने कहा कि अगर कोई भी अनुशासनहीनता करता है तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होते। साथ ही उनकी जीवनशैली पर भी इसका असर होता है। इसलिए हमेशा अनुशासन में रहकर कार्य करें। अंत में छात्र-छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर स्कूल के शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे। अनुशासन ही अपने जीवन के उद्देश्य और उपलब्धि के बीच का सेतु है।”
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