जब हरियाणा के तीनों लाल एक साथ पहुंचे थे लोकसभा


हरियाणा के तीन लाल देवीलाल बंसीलाल और भजनलाल का देश की राजनीति में भी अहम स्‍थान है। तीनों आपस में प्रतिद्वंद्वी रहे। एक बार ऐसा मौका आया कि तीनों लाल एक संग लोकसभा में पहुंचे थे।

गौरव त्रिपाठी। ह‍रियाणा के तीन लालों चौधरी देवीलाल, बंसीलाल और भजनलाल का देश की राजनीति में खास रुतबा और स्‍थान था। तीनाें का हरियाणा की राजनीति में उनके जीवनपर्यंत दबदबा रहा। उस दौरान तीनों की प्रतिद्वंद्विता के इर्द गिर्द ही हरियाणा की राजनीति घूमती रही, लेकिन एक ऐसा मौका आया जब तीनों एक साथ लोकसभा पहुंचे। 1989 के संसदीय चुनाव में जीत हासिल कर तीनों लाेकसभा पहुंचे थे।

1989 में देवीलाल, बंसीलाल और भजनलाल जीते थे लोकसभा चुनाव

17 अक्टूबर 1989 को देश के नौवें लोकसभा चुनाव की घोषणा की गई। इस बार बोफोर्स घोटाले, पंजाब हिंसा समेत अनेक आरोपों में घिरी पिछली कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ी संख्या में क्षेत्रीय दल और निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे थे।

इस चुनाव में 197 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन सरकार बनी 143 सीटें जीतने वाली दूसरे नंबर की पार्टी जनता दल की। जनता दल के नेता वीपी सिंह प्रधानमंत्री बने और उन्हें 88 सीटें जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी और वाम दलों ने भी समर्थन दिया था। इस चुनाव में हरियाणा के तीनों लाल (देवीलाल, बंसीलाल और भजनलाल) चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। चौधरी देवीलाल रोहतक, बंसीलाल भिवानी और भजनलाल ने फरीदाबाद सीट से जीत हासिल की थी।

देवीलाल बने थे उपप्रधानमंत्री, बंसीलाल और धर्मबीर के बीच शुरू हुई थी सियासी प्रतिद्वंद्विता

देश में बनी पहली अल्पमत सरकार के गठन में चौधरी देवीलाल की बड़ी भूमिका थी। सभी दल चौधरी देवीलाल को ही प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन देवीलाल ने प्रधानमंत्री बनने से इन्कार कर दिया और वीपी सिंह का नाम प्रस्तावित किया। देवीलाल उपप्रधानमंत्री बने थे। इसी चुनाव से बंसीलाल और वर्तमान सांसद धर्मबीर के बीच सियासी प्रतिद्वंद्विता शुरू हुई थी। निर्दलीय उम्मीदवार दलबीर को महज 11 वोट मिले थे।
रोहतक लोकसभा क्षेत्र से इस चुनाव में 24 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। इस सीट से 908794 मतदाताओं में से 619262 लोगों ने वोट डाला था। जनता दल के उम्मीदवार चौधरी देवीलाल 64.21 फीसद 390243 वोट पाकर लोकसभा पहुंचे थे लेकिन बाद में यहां से इस्तीफा दे दिया था। वे रोहतक के अलावा सीकर (राजस्थान) से भी जीते थे।

49;80 फीसद वोट पाकर हेतराम बने थे सांसद


सिरसा सीट से 16 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से 11आजाद उम्मीदवार थे। इस सीट पर मुख्य मुकाबला जनता दल और कांग्रेस के बीच था। जनता दल उम्मीदवार हेतराम 49.80 फीसद 304760 वोट हासिल कर लोकसभा पहुंचे थे। कांग्रेस के मनीराम को 43.52 फीसद 266355 वोट मिले थे।


जेपी पहली बार बने थे सांसद


हिसार से 32 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से 28 निर्दलीय थे। यहां से जनता दल के टिकट पर जयप्रकाश (जेपी) चुनाव जीत कर पहली बार संसद पहुंचे थे। जेपी को 291073 (50.72 फीसद) वोट मिले थे। इसके अलावा बाकी सभी प्रत्याशियों को दो फीसद से भी कम वोट मिले थे।

भिवानी से 122 प्रत्याशी थे मैदान में, जीते बंसीलाल


भिवानी लोकसभा सीट से रिकार्ड सर्वाधिक मतदाता चुनाव मैदान में उतरे थे। 122 प्रत्याशियों में से 118 निर्दलीय थे। इस सीट पर कांग्रेस के बंसीलाल 60.13 फीसद मत पाकर विजयी हुए थे। जनता दल के उम्मीदवार धर्मबीर को 33.67 फीसद वोट मिले थे।


credit jagran network 

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