गोल्डन एरा मिलेनियम स्कूल में 'राष्ट्रीय समुद्री दिवस' मनाया
डबवाली न्यूज़
आज गोल्डन एरा मिलेनियम स्कूल NH-9 मलोट रोड पर स्थित में बच्चों को असेंबली में नेशनल मैरिटाइम डे के बारे में बताया गया
बच्चों के ज्ञान के लिए उन्हें बताया गया कि दुनियाभर में हर साल 5 अप्रैल को 'राष्ट्रीय समुद्री दिवस' मनाया जाता हैं. हर साल इस दिन सभी जगहों पर 'राष्ट्रीय समुद्री दिवस' को बहुत ही उत्साह से मनाया जाता हैं. आप सभी को पता हो कि 5 अप्रैल 1919 में सिंधिया स्टीम नेगविगेशन कम्पनी लिमिटेड के पहला स्टीमशिप "एसएसलॉयल्टी" को मुंबई से पहली बार लंदन की समुद्री यात्रा के लिए अंतर्राष्ट्रीय जल में भेजा गया था और समुद्री इतिहास बनाया गया था. इसी कि याद में हर साल 5 अप्रैल 1964 से 'राष्ट्रीय समुद्री दिवस' मनाया जाता हैं. हर साल इसे मनाने के उदेश्य के बारे में बात करें तो कहा जाता है कि हर साल इसे मनाने के पीछे केवल एक ही उद्देश्य हैं और वो ये हैं कि लोगो को भारतीय जहाजरानी उद्योग के प्रति जागरूक किया जा सके, साथ ही उन्हें अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका को बताया जा सके. 'राष्ट्रीय समुद्री दिवस' पांच महासागरों में व्यापार की सुविधा के माध्यम से समुद्री अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान दर्शाता है. आपको पता हो कि भारत सरकार के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की एक प्रयोगशाला भी बनवाई गई है जिसके मुख्यालय को गोवा में स्थित किया गया हैं. सभी का मुख्य उदेश्य उत्तरी हिन्द महासागर के विशिष्ट समुद्रवैज्ञानिक पहलुओं का बहुत ही बारीकी से अध्ययन करना हैं. 'राष्ट्रीय समुद्री दिवस' को हर साल बहुत ही शानदार तरह से मनाया जाता हैं. 'National Maritime Day' को USA में 22 मई को मनाया जाता हैं वहीं भारत में इसे 5 अप्रैल को मनाया जाता हैं. देश में ज्ञात सबसे पुराना बंदरगाह लोथल था। उन्होंने मैरीटाइम सेक्टर के सभी पक्षों से अपील की कि वे मिलकर एक विश्व स्तरीय मैरीटाइम म्यूजियम स्थापित करें, ताकि देश के इतिहास के इस गौरवपूर्ण पहलू को सामने लाया जा सके। बैठक में गडकरी ने प्रधानमंत्री को जहाजरानी क्षेत्र में कौशल विकास की योजनाओं की जानकारी दी।
No comments:
Post a Comment