तर्कशील सोसाइटी पंजाब की तरफ से नेहरू सीनियर सेकडरी स्कूल में विद्यार्थी चेतना परीक्षा का आयोजन
डबवाली न्यूज़
तर्कशील सोसाइटी पंजाब इकाई बठिंडा की तरफ से नेहरू सीनियर सेकडरी स्कूल में विद्यार्थी चेतना परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा दो चरणों में आयोजित की गई। इसमें मिडिल ( 6वीं से 8वीं) और सैकण्डरी ( 9वीं से 10+2) कक्षाओं के बच्चो ने भाग लिया। प्रत्येक चरण में तीन-तीन बच्चो का चयन हुआ। मिडिल लेवल के तीन बच्चो में सेजल प्रथम, साहिल द्वितीय और नितीश तृतीय रहे । इस तरह सैकण्डरी लेवल में प्रथम चाहत, द्वितीय ईशान और तृतीय हरविंदर रहा। उन्हें पुरस्कार स्वरूप 200- 200 रुपए एवं ट्रॉफी दी गयी।
इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल जीवन सिंगला ने कहा की तार्किकता व्यक्ति में सूझबूझ का निर्माण करती है। इसमें एक बच्चे को दो चीजों के बीच तर्क करने की शक्ति व उसको समझने की तथा उसमें विवेकपूर्ण फैसले लेने की क्षमता का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी परीक्षाओं से बच्चों में संवेदनशीलता के साथ साथ मानसिकता सक्रियता का भी विकास होता है
नेहरू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निर्देशक हरि प्रकाश शर्मा ने बच्चों को कहा कि तर्क करना और सोचना समझना व्यक्ति में संयम रखने तथा विवेकपूर्ण ढंग से कार्य करने का विकास करता है। इसके साथ साथ प्रत्यक्षीकरण और संज्ञानात्मकता का भी विकास होता है जो कि हमें अच्छे और बुरे में सही का आभास कराती है। उन्होंने बच्चों को अंधविश्वास को परंपराओं से परे रखकर वैज्ञानिक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर स्कूल सचिव सुषमा शर्मा, वाइस प्रिंसिपल दलीप जोयल, वाइस प्रिंसिपल श्री मति जसविंदर कौर ने भी बच्चों को बधाई दी। इस अवसर पर प्राध्यापक लवदीप सिंह, अश्विनी सेठी,पिंकी वर्मा, व दीक्षा सेठी उपस्थित रहे
तर्कशील सोसाइटी पंजाब इकाई बठिंडा की तरफ से नेहरू सीनियर सेकडरी स्कूल में विद्यार्थी चेतना परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा दो चरणों में आयोजित की गई। इसमें मिडिल ( 6वीं से 8वीं) और सैकण्डरी ( 9वीं से 10+2) कक्षाओं के बच्चो ने भाग लिया। प्रत्येक चरण में तीन-तीन बच्चो का चयन हुआ। मिडिल लेवल के तीन बच्चो में सेजल प्रथम, साहिल द्वितीय और नितीश तृतीय रहे । इस तरह सैकण्डरी लेवल में प्रथम चाहत, द्वितीय ईशान और तृतीय हरविंदर रहा। उन्हें पुरस्कार स्वरूप 200- 200 रुपए एवं ट्रॉफी दी गयी।
इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल जीवन सिंगला ने कहा की तार्किकता व्यक्ति में सूझबूझ का निर्माण करती है। इसमें एक बच्चे को दो चीजों के बीच तर्क करने की शक्ति व उसको समझने की तथा उसमें विवेकपूर्ण फैसले लेने की क्षमता का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी परीक्षाओं से बच्चों में संवेदनशीलता के साथ साथ मानसिकता सक्रियता का भी विकास होता है
नेहरू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निर्देशक हरि प्रकाश शर्मा ने बच्चों को कहा कि तर्क करना और सोचना समझना व्यक्ति में संयम रखने तथा विवेकपूर्ण ढंग से कार्य करने का विकास करता है। इसके साथ साथ प्रत्यक्षीकरण और संज्ञानात्मकता का भी विकास होता है जो कि हमें अच्छे और बुरे में सही का आभास कराती है। उन्होंने बच्चों को अंधविश्वास को परंपराओं से परे रखकर वैज्ञानिक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर स्कूल सचिव सुषमा शर्मा, वाइस प्रिंसिपल दलीप जोयल, वाइस प्रिंसिपल श्री मति जसविंदर कौर ने भी बच्चों को बधाई दी। इस अवसर पर प्राध्यापक लवदीप सिंह, अश्विनी सेठी,पिंकी वर्मा, व दीक्षा सेठी उपस्थित रहे
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