मिलेनियम स्कूल में हिंदी वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
डबवाली न्यूज़
मिलेनियम स्कूल में हिंदी वाद -विवाद प्रतियोगिता करवाई गई जिसमें बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया वाद विवाद का शीर्षक था शिष्टाचार व स्वस्थ जीवन शैली जोकि तीसरी से पांचवीं कक्षा के बच्चों के लिए था इन विषयों पर बच्चों ने अपने सुंदर सुंदर भाव रखें कि शिष्टाचार क्या है तथा यह क्यों जरूरी है शिष्ट और सभ्य व्यक्ति ही समाज और देश की उन्नति में अपना योगदान दे सकता हैशिष्टाचार बह नीव हैl
जिस पर सफलता की मजबूत इमारत बनाई जा सकती है शिष्टाचार की शिक्षा सबसे पहले बच्चों को अपने माता-पिता से मिलती है उसके बाद अध्यापकों से बच्चा शिष्टाचार के गुण सीखता चला जाता है विद्यार्थी जीवन में शिष्टाचार की बहुत आवश्यकता होती है जैसा बच्चा घर आए मेहमान का आदर से अभिवादन करता है प्यार से बात करता है तो मेहमान यह पूछने पर मजबूर हो जाता है कि बेटा कौन से स्कूल में पढ़ते हो ?यह सब अपने परिवार में अपने अध्यापकों से विद्यालय में सीखता है छठी लेकर आठवीं तक के बच्चे सोशल मीडिया,अंग्रेजी की आवश्यकता क्यों? विषय पर पक्ष और विपक्ष में बोले बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था l इस प्रतियोगिता में सभी विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर भाग लियाl प्रतियोगिता के नतीजे कुछ इस तरह रहेl जिसमें तीसरी कक्षा के विद्यार्थी हरप्रीत कौर ने पहला स्थान,चौथी कक्षा के विद्यार्थी गुरशरण ने दूसरा स्थान तथा पांचवी क्लास के विद्यार्थी सक्षम मूंगा तीसरा स्थान प्राप्त कियाlदूसरी ओर छठी कक्षा के विद्यार्थी सिमरन ने पहला स्थान, सातवीं कक्षा के विद्यार्थी मिलन प्रीत ने दूसरा, सातवीं कक्षा के विद्यार्थी नवजोत कौर ने तीसरा स्थान प्राप्त करके इस इस प्रतियोगिता में सातवीं कक्षा के विद्यार्थी अदिति ,आठवीं कक्षा के विद्यार्थी हर्ष को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गयाl स्कूल के अध्यक्ष डॉ दीप्ति शर्मा ने बच्चों की भावनाओं की भूरी भूरी प्रशंसा की तथा उन्हें हर गतिविधि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि अगर विद्यार्थी जीवन होते हुए उसे किसी के सामने बोल नहीं सकता,अपने विचार प्रकट नहीं कर सकता तो ऐसे ज्ञान का क्या लाभ ?अत:हमें आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रकट करने के लिए योग्य होना चाहिए
मिलेनियम स्कूल में हिंदी वाद -विवाद प्रतियोगिता करवाई गई जिसमें बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया वाद विवाद का शीर्षक था शिष्टाचार व स्वस्थ जीवन शैली जोकि तीसरी से पांचवीं कक्षा के बच्चों के लिए था इन विषयों पर बच्चों ने अपने सुंदर सुंदर भाव रखें कि शिष्टाचार क्या है तथा यह क्यों जरूरी है शिष्ट और सभ्य व्यक्ति ही समाज और देश की उन्नति में अपना योगदान दे सकता हैशिष्टाचार बह नीव हैl
जिस पर सफलता की मजबूत इमारत बनाई जा सकती है शिष्टाचार की शिक्षा सबसे पहले बच्चों को अपने माता-पिता से मिलती है उसके बाद अध्यापकों से बच्चा शिष्टाचार के गुण सीखता चला जाता है विद्यार्थी जीवन में शिष्टाचार की बहुत आवश्यकता होती है जैसा बच्चा घर आए मेहमान का आदर से अभिवादन करता है प्यार से बात करता है तो मेहमान यह पूछने पर मजबूर हो जाता है कि बेटा कौन से स्कूल में पढ़ते हो ?यह सब अपने परिवार में अपने अध्यापकों से विद्यालय में सीखता है छठी लेकर आठवीं तक के बच्चे सोशल मीडिया,अंग्रेजी की आवश्यकता क्यों? विषय पर पक्ष और विपक्ष में बोले बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था l इस प्रतियोगिता में सभी विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर भाग लियाl प्रतियोगिता के नतीजे कुछ इस तरह रहेl जिसमें तीसरी कक्षा के विद्यार्थी हरप्रीत कौर ने पहला स्थान,चौथी कक्षा के विद्यार्थी गुरशरण ने दूसरा स्थान तथा पांचवी क्लास के विद्यार्थी सक्षम मूंगा तीसरा स्थान प्राप्त कियाlदूसरी ओर छठी कक्षा के विद्यार्थी सिमरन ने पहला स्थान, सातवीं कक्षा के विद्यार्थी मिलन प्रीत ने दूसरा, सातवीं कक्षा के विद्यार्थी नवजोत कौर ने तीसरा स्थान प्राप्त करके इस इस प्रतियोगिता में सातवीं कक्षा के विद्यार्थी अदिति ,आठवीं कक्षा के विद्यार्थी हर्ष को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गयाl स्कूल के अध्यक्ष डॉ दीप्ति शर्मा ने बच्चों की भावनाओं की भूरी भूरी प्रशंसा की तथा उन्हें हर गतिविधि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि अगर विद्यार्थी जीवन होते हुए उसे किसी के सामने बोल नहीं सकता,अपने विचार प्रकट नहीं कर सकता तो ऐसे ज्ञान का क्या लाभ ?अत:हमें आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रकट करने के लिए योग्य होना चाहिए
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