भाजपा सरकार युवाओं को इंजीनियर बनाने की बजाय इंजीनियर कॉलेजों को ही गौशाला बनाने पर तुली: दिग्विजय चौटाला
डबवाली न्यूज़
भाजपा सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के चलते सिरसा जिले का एकमात्र पन्नीवाला मोटा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज बंद होने की कगार पर है।
इस कॉलेज से छात्रों को अलग-अलग जिलों में शिफ्ट करने के विरोध में आज धरने पर बैठे छात्रों को जेजेपी नेता एवं इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने समर्थन दिया। इस दौरान इनेसो ने छात्रों के साथ मिलकर कॉलेज परिसर में नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को कॉलेज प्रशासन के समक्ष रखा। वहीं दिग्विजय चौटाला ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि इनसो किसी भी सूरत में जिले के एकमात्र इंजीनियरिंग कॉलेज को बंद नहीं होने देगी, इसके लिए चाहे उन्हें कितना भी बड़ा आंदोलन करना पड़े।
दिग्विजय चौटाला ने बताया कि इस कॉलेज का सन 2003 में डॉ अजय सिंह चौटाला के प्रयासों से पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की सरकार में निर्माण करवाया गया था लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार और पूर्व की कांग्रेस सरकार ने इसे लगातार बंद करवाने की कोशिशें की है, जिसका जेजेपी और इनसो कड़ा विरोध करती है। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस कॉलेज का निर्माण यूनिवर्सिटी बनाने के लक्ष्य से किया गया था लेकिन भाजपा सरकार की बेगैरत नीति के चलते आज ये कॉलेज बंद होने की कगार पर खड़ा है।
दिग्विजय ने सरकार की छात्र विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आज भाजपा सरकार युवाओं को इंजीनियर बनाने की बजाय इंजीनियरिंग कॉलेजों को ही गौशाला बनाने पर तुली हैं। उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने इंजीनियर बनने वाले छात्रों को माली, चपरासी बनाया और अब इस तरह से इंजीनियरिंग कॉलेजों को ही टारगेट करके इंजीनियर बनने का सपना देख रहे युवाओं के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है, जिसे इनसो कतई बर्दाशत नहीं करेंगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि वे जल्द से जल्द छात्र हित में धरने पर बैठे छात्रों की मांगों को मानते हुए इस कॉलेज की सुध ले अन्यथा इनसो को मजबूरन बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा।
दिग्विजय चौटाला ने बताया कि इस कॉलेज का सन 2003 में डॉ अजय सिंह चौटाला के प्रयासों से पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की सरकार में निर्माण करवाया गया था लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार और पूर्व की कांग्रेस सरकार ने इसे लगातार बंद करवाने की कोशिशें की है, जिसका जेजेपी और इनसो कड़ा विरोध करती है। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस कॉलेज का निर्माण यूनिवर्सिटी बनाने के लक्ष्य से किया गया था लेकिन भाजपा सरकार की बेगैरत नीति के चलते आज ये कॉलेज बंद होने की कगार पर खड़ा है।
दिग्विजय ने सरकार की छात्र विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आज भाजपा सरकार युवाओं को इंजीनियर बनाने की बजाय इंजीनियरिंग कॉलेजों को ही गौशाला बनाने पर तुली हैं। उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने इंजीनियर बनने वाले छात्रों को माली, चपरासी बनाया और अब इस तरह से इंजीनियरिंग कॉलेजों को ही टारगेट करके इंजीनियर बनने का सपना देख रहे युवाओं के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है, जिसे इनसो कतई बर्दाशत नहीं करेंगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि वे जल्द से जल्द छात्र हित में धरने पर बैठे छात्रों की मांगों को मानते हुए इस कॉलेज की सुध ले अन्यथा इनसो को मजबूरन बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा।
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