जोधुपर- जम्मूतवी ट्रेन का ठहराव डबवाली में होने पर से इलाके में रह रहे बिश्राई समाज के लोगों को मिलेगी बड़ी सुविधा
डबवाली
जोधुपर व जम्मूतवी के बीच चलने वाली जम्मूतवी ट्रेन का डबवाली में ठहराव करवाने के लिए बिश्रोई सभा ने भी जोरदार मांग उठाई है। यह जानकारी देते हुए बिश्रोई सभा सचिव इंद्रजीत बिश्रोई ने कहा कि इस ट्रेन का ठहराव डबवाली रेलवे स्टेशन पर होने पर से इलाके में रह रहे बिश्राई समाज के लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि बिश्रोई धर्म प्रवर्तक गुरु जांभो जी का समाधि स्थल नोखा(बीकानेर)के पास स्थित है। वहां साल में दो बड़े मेले लगते हैं व प्रत्येक माह की अमावस्या पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए जाते हैं। इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध खेजड़ली गांव भी जोधपुर के नजदीक स्थित है। उक्त स्थान पर बिश्रोई समाज के 363 लोगों ने एक हरे पेड़ को बचाने के लिए बलिदान दिया था। इस जगह को देखने के लिए भी काफी लोगों का जोधुपर तक आना जाना होता है। वहीं, नागौर के पास रोटू गांव में गुरु जांभो जी ने उमाबाई को बहन बनाकर भात भरा था। उक्त पवित्र स्थल को भी देखने के लिए श्रद्धालुओं को पहले नागौर तक जाना पड़ता है। बिश्रोई का एक मात्र पवित्र स्नान स्थल जंभ सरोवर फलौदी के पास है और वहां जाने के लिए भी बीकानेर के रास्ते जाना पड़ता है। इसके अलावा बिश्रोई समाज के कई अन्य पवित्र स्थल भी इसी मार्ग पर आते हैं। जम्मू तवी ट्रेन का ठहराव डबवाली में होने के बाद पूरे इलाके के लोगों को यहां से बीकानेर, नोखा, नागौर व जोधपुर जाने के लिए सुविधा मिलेगी व यात्रियों की संख्या बढऩे से सरकार को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने बिश्रोई सभा की ओर से रेलमंत्री पीयूष गोयल से मांग की कि उपरोक्त ट्रेन का ठहराव जल्द से जल्द डबवाली में किया जाए। उन्होंने साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि रेल मंत्री ने उनकी यह मांग नहीं मानी तो बिश्रोई समाज के लोग भी इलाके के लोगों द्वारा शुरु किए जाने वाले आंदोलन का समर्थन करते हुए 27 जनवरी को रेलवे स्टेशन पर दिए जाने वाले धरने में सभा प्रधान कृष्ण लाल जादूदा के नेतृत्व में शामिल होंगे।
जोधुपर व जम्मूतवी के बीच चलने वाली जम्मूतवी ट्रेन का डबवाली में ठहराव करवाने के लिए बिश्रोई सभा ने भी जोरदार मांग उठाई है। यह जानकारी देते हुए बिश्रोई सभा सचिव इंद्रजीत बिश्रोई ने कहा कि इस ट्रेन का ठहराव डबवाली रेलवे स्टेशन पर होने पर से इलाके में रह रहे बिश्राई समाज के लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि बिश्रोई धर्म प्रवर्तक गुरु जांभो जी का समाधि स्थल नोखा(बीकानेर)के पास स्थित है। वहां साल में दो बड़े मेले लगते हैं व प्रत्येक माह की अमावस्या पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए जाते हैं। इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध खेजड़ली गांव भी जोधपुर के नजदीक स्थित है। उक्त स्थान पर बिश्रोई समाज के 363 लोगों ने एक हरे पेड़ को बचाने के लिए बलिदान दिया था। इस जगह को देखने के लिए भी काफी लोगों का जोधुपर तक आना जाना होता है। वहीं, नागौर के पास रोटू गांव में गुरु जांभो जी ने उमाबाई को बहन बनाकर भात भरा था। उक्त पवित्र स्थल को भी देखने के लिए श्रद्धालुओं को पहले नागौर तक जाना पड़ता है। बिश्रोई का एक मात्र पवित्र स्नान स्थल जंभ सरोवर फलौदी के पास है और वहां जाने के लिए भी बीकानेर के रास्ते जाना पड़ता है। इसके अलावा बिश्रोई समाज के कई अन्य पवित्र स्थल भी इसी मार्ग पर आते हैं। जम्मू तवी ट्रेन का ठहराव डबवाली में होने के बाद पूरे इलाके के लोगों को यहां से बीकानेर, नोखा, नागौर व जोधपुर जाने के लिए सुविधा मिलेगी व यात्रियों की संख्या बढऩे से सरकार को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने बिश्रोई सभा की ओर से रेलमंत्री पीयूष गोयल से मांग की कि उपरोक्त ट्रेन का ठहराव जल्द से जल्द डबवाली में किया जाए। उन्होंने साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि रेल मंत्री ने उनकी यह मांग नहीं मानी तो बिश्रोई समाज के लोग भी इलाके के लोगों द्वारा शुरु किए जाने वाले आंदोलन का समर्थन करते हुए 27 जनवरी को रेलवे स्टेशन पर दिए जाने वाले धरने में सभा प्रधान कृष्ण लाल जादूदा के नेतृत्व में शामिल होंगे।
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