आढ़तीया ऐसोसिएशन की बैठक : डीएफएससी के खिलाफ आंदोलन का निर्णय
डबवाली न्यूज़
शनिवार को नई अनाज मंडी स्थित एसोसिएशन के कार्यालय में कच्चा आढ़तीया ऐसोसिएशन कार्यकारिणी की एक बैठक प्रधान गुरदीप कामरा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें डीएफएससी द्वारा धान (पैडी) की दामी व सरसों की अप्रैल माह में किए गए कार्यों की लेबर की पेमेंट अभी तक ना किए जाने पर रोष व्यक्त करते हुए विभाग के खिलाफ आंदोलन किए जाने पर विचार किया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास दामी व लेबर की पेमेंट करने के लिए ही फंड नहीं है तो सरकार गेहूं और सरसों की पेमेंट का भुगतान कैसे करेगी। निर्णय लिया गया कि डीएफएससी के निदेशक व सचिव को पत्र लिखा जाए, यदि 2 तारीख तक पेमेंट नहीं आती तो सिरसा की सभी मंडीयों में हड़ताल रहेगह और ऐसोसिएशन के सभी सदस्य मार्किट कमेटी कार्यालय के सामने धरना देंगे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगें। कामरा ने कहा कि वह फसल की रकम किसान के खाते में सीधा डालने का भी विरोध करेंगे तथा 2.50 प्रतिशत से कम दामी पर कोई फसल नहीं बेचेंगे।
उन्होंने कहा कि यह समझ नहीं आ रहा कि सरकार करना क्या चाहती है, सरकार किसान के खाते में पूरा भुगतान डालना चाहती है जबकि किसान चाहता है कि उसकी फसल का भुगतान आढ़ती के माध्यम से हो। ये कैसा लोकतंत्र है, किसान स्वयं कह रहा है कि वह आढ़ती के माध्यम से ही अपनी फसल बेचना चाहता है तो सरकार धक्का क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यदि एक या दो दिनों में स्थिति स्पष्ट नहीं की तो आढ़तीया ऐसोसिएशन व किसान संगठन मिलकर प्रदर्शन करेंगे एवं धरना देंगे। हमारी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से बात हो गई है, वह संयुक्त रूप से इस पॉलिसी के खिलाफ आंदोलन को तैयार हैं। उन्होंनेे बताया कि डबवाली मंडी की सबसे बड़ी समस्या, जो हरियाणा सरकार पंजाब के किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदने सें इंकार कर रही है, जो कि बिल्कुल गल्त है क्योंकि जब किसान बाकी सारी फसलें यहां बेचता है। जिससे हरियाणा को राजस्व प्राप्त होता है तो अब एमएसपी पर फसल बेचने के लिए कहीं ओर क्यों जाए। यह जो साथ लगते दूसरे राज्य के किसान है वह देश आजाद होने से पहले से इस मंडी में आते हैं और अब कहां जाएं। सरकार द्वारा एकाएक लिया गया निर्णय कि इन किसानों की फसल नहीं खरीदेंगे। सरकार का यह निर्णय अन्यायपूर्ण है। बैठक में विकास बांसल, राजेश जिंदल, तरसेम जिंदल, शाम लाल जिंदल, सुरेंद्र ग्रोवर, रोहित झालरिया, नरेश मित्तल, संदीप फौजी, पंकज मैहता सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।
शनिवार को नई अनाज मंडी स्थित एसोसिएशन के कार्यालय में कच्चा आढ़तीया ऐसोसिएशन कार्यकारिणी की एक बैठक प्रधान गुरदीप कामरा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें डीएफएससी द्वारा धान (पैडी) की दामी व सरसों की अप्रैल माह में किए गए कार्यों की लेबर की पेमेंट अभी तक ना किए जाने पर रोष व्यक्त करते हुए विभाग के खिलाफ आंदोलन किए जाने पर विचार किया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास दामी व लेबर की पेमेंट करने के लिए ही फंड नहीं है तो सरकार गेहूं और सरसों की पेमेंट का भुगतान कैसे करेगी। निर्णय लिया गया कि डीएफएससी के निदेशक व सचिव को पत्र लिखा जाए, यदि 2 तारीख तक पेमेंट नहीं आती तो सिरसा की सभी मंडीयों में हड़ताल रहेगह और ऐसोसिएशन के सभी सदस्य मार्किट कमेटी कार्यालय के सामने धरना देंगे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगें। कामरा ने कहा कि वह फसल की रकम किसान के खाते में सीधा डालने का भी विरोध करेंगे तथा 2.50 प्रतिशत से कम दामी पर कोई फसल नहीं बेचेंगे।
उन्होंने कहा कि यह समझ नहीं आ रहा कि सरकार करना क्या चाहती है, सरकार किसान के खाते में पूरा भुगतान डालना चाहती है जबकि किसान चाहता है कि उसकी फसल का भुगतान आढ़ती के माध्यम से हो। ये कैसा लोकतंत्र है, किसान स्वयं कह रहा है कि वह आढ़ती के माध्यम से ही अपनी फसल बेचना चाहता है तो सरकार धक्का क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यदि एक या दो दिनों में स्थिति स्पष्ट नहीं की तो आढ़तीया ऐसोसिएशन व किसान संगठन मिलकर प्रदर्शन करेंगे एवं धरना देंगे। हमारी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से बात हो गई है, वह संयुक्त रूप से इस पॉलिसी के खिलाफ आंदोलन को तैयार हैं। उन्होंनेे बताया कि डबवाली मंडी की सबसे बड़ी समस्या, जो हरियाणा सरकार पंजाब के किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदने सें इंकार कर रही है, जो कि बिल्कुल गल्त है क्योंकि जब किसान बाकी सारी फसलें यहां बेचता है। जिससे हरियाणा को राजस्व प्राप्त होता है तो अब एमएसपी पर फसल बेचने के लिए कहीं ओर क्यों जाए। यह जो साथ लगते दूसरे राज्य के किसान है वह देश आजाद होने से पहले से इस मंडी में आते हैं और अब कहां जाएं। सरकार द्वारा एकाएक लिया गया निर्णय कि इन किसानों की फसल नहीं खरीदेंगे। सरकार का यह निर्णय अन्यायपूर्ण है। बैठक में विकास बांसल, राजेश जिंदल, तरसेम जिंदल, शाम लाल जिंदल, सुरेंद्र ग्रोवर, रोहित झालरिया, नरेश मित्तल, संदीप फौजी, पंकज मैहता सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।
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