राशन कार्ड का रंग नहीं आमजन की जरूरत देखे सरकार,बेरोजगारी कहीं भुखमरी का रूप धारण न कर ले- अमित सिहाग




डबवाली न्यूज़
हल्का डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने सरकार से आमजन के हित की बात रखते हुए कहा कि सरकार को आज लॉकडाउन के चलते जो स्तिथि बनी है उसको देखते हुए राशन कार्ड का रंग न देखते हुए व्यक्ति की जरूरत को देखते हुए राशन मुहैया करवाना चाहिए।
विधायक ने कहा कि सरकार को इस आपदा को देखते हुए जो बीपीएल(पीले कार्ड) 2014 के बाद लाखों की संख्या में काटे गए हैं उन्हें लॉकडाउन के चलने तक अस्थाई रूप में चालू कर देने चाहिए ताकि जरूरतमंद परिवारों को राशन आसानी से मिल सके।
अमित सिहाग ने कहा कि ऐसे बहुत से गरीब परिवार हैं जिनका कोई भी किसी प्रकार का राशन कार्ड नहीं बना हुआ है जिसके चलते वो सरकार से मिलने वाले राशन से वांछित रह जाते हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार को उनके लिए भी अस्थाई राशन कार्ड बनाने चाहिए ताकि वो भी सरकार से मिलने वाले राशन को प्राप्त कर अपना जीवन निर्वाह कर सकें।
उन्होंने कहा कि कई ऐसे परिवार भी हैं जिनका एपीएल कार्ड है जिसके चलते उन्हें सरकार से कोई ज्यादा सहूलत नहीं मिलती। लॉकडाउन के चलते ऐसे परिवारों का कामधंधा चौपट हो गया है और इनको अपने जीवन यापन करने में बहुत परेशानी हो रही है। सरकार को चाहिए कि ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उनको भी सहूलत दी जाए ताकि वो भी इस आपदा के समय अपना जीवन निर्वाह कर सकें।
अमित सिहाग ने कहा कि जनहित में सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन का वो स्वागत करते हैं पर सरकार को साथ ही बढ़ती हुई बेरोजगारी दर की और भी ध्यान देना चाहिए जो वर्तमान में बढ़ कर 31% हो गई है। अगर इस और जल्द ध्यान न दिया गया तो कहीं बेरोजगारी भुखमरी का रूप धारण न कर ले क्योंकि पहले ही बेरोजगार अपनी रोजी रोटी नहीं कमा पा रहे थे और अब लॉकडाउन में सरकार से सहायता न मिलने पर उनकी स्तिथि और भी बुरी हो गई है।अत: सरकार को इनके हालातों को देखते हुए तुरंत सक्रात्मक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि अन्न के भंडार भरे हुए हैं और किसी भी परिवार को भूखा नहीं सोने दिया जाएगा, सरकार को धरातल पर उचित कदम उठा कर काम करते हुए जनहित के लिए इन भंडारों के ताले खोल देने चाहिए ताकि आमजन को राहत मिले और सरकार की कथनी भी पूरी हो सके।

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