लॉकडाउन : डॉक्टर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रथम कड़ी के सैनिक : उपायुक्त


जिला में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के दृष्टिगत उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय को बनाया गया नोडल अधिकारी

डबवाली न्यूज़
कोविड-19 संक्रमण से आज पूरी दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है। संक्रमण के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई में डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी प्रथम श्रेणी के सैनिक के रूप में काम कर रहे हैं। विकट परिस्थितियों के बीच अपनी जान की परवाह किए बगैर डॉक्टर जिस सेवाभाव के साथ लोगों का इलाज कर रहे हैं, वो बेहद ही सराहनीय है।
यह बात उपायुक्त रमेश चंद्र बिढान ने वीरवार को इंडियन मैडिकल ऐसासिएशन की जिला शाखा के साथ बैठक के दौरान कही। इस दौरान एसोसिएशन ने स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसक घटनाओं को रोकने के दृष्टिगत हाल ही में महामारी कानून में सख्त प्रावधान जोड़े जाने बारे लिए निर्णय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने उपायुक्त को कोविड-19 की लड़ाई में प्रशासन का पूर्णतया सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
उपायुक्त ने कहा कि हमारी संस्कृति में डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया गया है। जोखिम भरी परिस्थितियों के बीच कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में डॉक्टर प्रथम कड़ी के योद्धा के रूप में काम कर रहे हैं। इसलिए डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए सरकार द्वारा महामारी कानून में सख्त प्रावधान जोडऩे का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में जिला में डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के दृष्टिगत डीएसपी मुख्यालय (88140-11601) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कोविड-19 के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई के जिस दौर से आज दुनिया गुजर रही है, उसमें डॉक्टर सरकार व प्रशासन के सहयोगी बनकर राष्ट्र एवं जन सेवा करने का यह उत्तम कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों व अन्य को हर संभव आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी तथा किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। एसोसिएशन ने भी उपायुक्त को आश्वस्त किया कि वे कोरोना की लड़ाई में पूर्ण सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।
उपायुक्त ने एसोसिएशन सदस्यों से कहा कि डॉक्टर टेलिमेडिसिन सुविधा को प्राथमिकता दें, ताकि अनावश्यक भीड़ न हो और सोशल डिस्टेंस बनी रहे। डॉक्टर नियमित रूप से आने वाले अपने मरीजों को टेलिफोन पर ही आगे दवाई लेने का सुझाव दें, ताकि उसे अस्पताल में न आना पड़े। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में कोविड-19 के उपाय व सावधानियों का विशेष प्रबंध रखें जाए। अस्पताल में स्टाफ व आने वाले मरीज मॉस्क व अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणोंं का प्रयोग अवश्य करेंं। डॉक्टर संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीज में कोविड-19 संक्रमण के लक्षण दिखते हैं, तो इस बारे सिविल सर्जन को तुरंत सूचित करें। इस बारे सभी अस्पताल को पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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