सरकार तुरंत अनुपूरक सूची जारी कर जरुरतमंद परिवारों को मुहैया करवाए राशन- अमित सिहाग

हल्का डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने आज एसडीएम डबवाली को मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम ज्ञापन सौंप कर डिस्ट्रेस राशन टोकन (डीआरटी) में रही खामियों को सही कर हर जरुरतमंद परिवार को राशन मुहैया करवाने की मांग की।विधायक ने कहा की राशन कार्ड का रंग न देखो जरूरत को देखो की जो उनकी मांग थी उसे मुख्यमंत्री ने मान कर एक सर्वे करवा कर हर जरूरतमंद को राशन मुहैया करवाने का प्रयास किया और एक सूची जारी की जिसके लिए वो उनके आभारी हैं पर पहले तो करवाए गए सर्वे में बहुत त्रुटियां हैं जिसके चलते जहां किसी वार्ड या गांव में 200 से ज्यादा परिवार जरूरतमंद हैं वहां केवल 20 जरुरतमंद परिवारों का नाम ही सूची में शामिल किया गया है। और सर्वे में जिन परिवारों को चिन्हित किया गया था सूची में उनका नाम ही नहीं है और कई ऐसे लोगों के नाम सूची में डाल दिए गए जिनको पहले ही राशन मिल चुका है ऐसा करना गरीबों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि सर्वे पहले ही बहुत लेट हुआ है और सर्वे के बाद जरूरतमंद परिवारों को राशन मिलने की उम्मीद जगी थी जो कि त्रुटियों के चलते धुंधली पड़ गई है।
अमित सिहाग ने कहा कि सूची में किसी वार्ड के निवासी जरूरतमंद परिवार का नाम अन्य किसी वार्डों में डाल दिया गया है। सर्वे के चलते पहले ही राशन जरुरतमंद परिवारों तक नहीं पहुंचा था तो अब सर्वे के बाद डिपो पर अभी तक राशन नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद कहती है कि खाद्य सामग्री के भण्डार भरे हुए हैं तो ऐसी आपदा के समय हमारी सोच ये होनी चाहिए कि हर जरुरतमंद परिवार को राशन मुहैया करवाया जाए भले ही किसी को ज्यादा मिल जाए।
विधायक ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की है कारोना के खिलाफ जंग लंबी चलनी है ऐसे में उपरोक्त सभी त्रुटियों को तुरंत सही करवा कर और सर्वे के बिना एक अन्य अनुपूरक सूची जारी कर जरूरतमंद लोगों को राशन मुहैया करवाया जाए ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। तभी ये साबित होगा कि सरकार अन्तोदय की नीति अपना रही है
अन्य राज्यों की तर्ज पर रोज खुलें सभी दुकानों- अमित सिहागविधायक ने दुकानदारों की मांग पर एक अन्य ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से उपायुक्त सिरसा को भेज कर डबवाली में दाएं बाएं के हिसाब से न खोल कर अन्य राज्यों की तरह सभी दुकानों को रोज खोलने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है की अगर अगर दाएं बाएं के हिसाब से दुकानें खुलती हैं तो जहां सामाजिक फासले का पालन ज्यादा भीड़ इकट्ठी होने के कारण नहीं हो पाएगा वहीं कोई किसान या अन्य व्यक्ति अपने वाहन को ठीक करवाने आता है तो बंद दुकानों के चलते एक दिन में वाहन सही नहीं हो पाएगा।अत: सभी दुकानों को हर रोज खोलने की अनुमति दी जाए।
No comments:
Post a Comment