अबूबशहर में किसानों के धरने में बोले अमित सिहाग, राजनीति से ऊपर उठ किसानों के हकों के लिए एकजुट हों राजनीतिक दल

डबवाली न्यूज़ डेस्क
हलका डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने आज गांव अबूबशहर में सरकार द्वारा हाइवे के लिए अधिकृत की भूमि के उचित मुआवजे हेतु किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने में पहुंच कर किसानों की मांग का पुरजोर समर्थन किया।धरने पर अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि हर आदमी रामराज की कल्पना करता है और जब राम नाराज हो जाए तो राज मदद करता है लेकिन ये ऐसा वक्त आया है कि राम और राज दोनों ही नाराज दिखाई पड़ रहे हैं। जहां राम की नाराज़गी के चलते करोना महामारी फैली हुई है और किसानों की फसल भी नष्ट हो गई है, वहीं जब इस मुश्किल घड़ी में किसानों को राज से उम्मीद थी और वो अपना हक मांगने के लिए गए, तो राज वालों ने उल्टा कहर ढाते हुए बरबरता से किसानों पर लाठीचार्ज किया।
अमित सिहाग ने कहा कि मौजूदा सरकार सब का साथ सब का विकास का नारा देती है पर आज हालात ये हैं कि सिरसा से लेकर पलवल तक कहीं किसान, कहीं पीटीआई शिक्षक, कहीं आशा वर्कर, कहीं आढ़ती, मजदूर तो कहीं सफ़ाई कर्मी धरने पर बैठे हैं। जिससे पता चलता है कि विकास केवल नारों में ही रह गया है। उन्होंने कहा कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने के लिए किसानों की जो जमीन अधिकृत कर रही है उसको ओने पोने दामो पर खरीद रही है। जहां सरकार को इस अधिकृत की जा रही भूमि का दाम बाज़ार भाव से चार गुना देना चाहिए था वहीं सरकार किसानों द्वारा उचित मुआवजे के लिए दिए जा रहे धरने की तरफ ध्यान न करके उनकी मांगों को अनसुनी कर रही है।
विधायक सिहाग ने कहा कि ये लड़ाई हमे संगठित होकर राजनीतिक, प्रशासनिक और कानूनी रूप में लड़नी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप में लड़ाई में हमें सब को धरने प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बीजेपी- जेजेपी गठबंधन सरकार है,केंद्र में बीजेपी की सरकार है और हमारी सांसद भी बीजेपी से हैं, और अगर गठबंधन सरकार की मंशा सही है तो राजस्व विभाग उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास है, जिसके चलते वो मुआवजे का उचित मूल्य निर्धारित कर सकते हैं और सांसद केंद्र से मुआवजा राशि ला सकती है, लेकिन सरकार इस और ध्यान देना ही नहीं चाहती।
विधायक ने कहा कि जहां तक प्रशासनिक लड़ाई की बात है तो वो मेंने शुरू की हुई है और मैं पिछले दिनों उपायुक्त के पास आपकी मांगों को लेकर गया था और उन्होंने हमारी बात को त्वजों देते हुए एनएचएआई के अधिकारियों से संपर्क साध कर उन्हे सर्वे कर उचित कार्यवाही करने को कहा है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद मैं चंडीगढ़ जाकर राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से मुलाकात करूंगा और उचित मुआवजे की मांग रखूंगा।उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांग सरकार ने न मानी तो फिर हमें मजबूरन न्यायलय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
सिहाग ने कहा कि ये लड़ाई हमे संगठित होकर लड़नी होगी क्योंकि जो जमीन अधिकृत की गई है, उस जमीन का मालिक किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित हो सकता है।अत: हमे राजनीति से ऊपर उठकर अपनी आवाज बुलंद करनी है। उन्होंने अन्य राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदों को भी अपील करते हुए किसानों की मांग को पूरा करवाने के लिए एक मंच पर आने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद किसी को नीचा दिखाने का नहीं है बल्कि किसानों की भूमि का उचित मुआवजा दिलवाना है।
अमित सिहाग ने कहा कि वो किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और उनकी मांगों को पूरा करवाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने किसानों की खराब हुई फसल के उचित मुआवजे, पिपली में निहत्थे किसानों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच एवम् किसान विरोधी तीनों अध्यादेशों को वापिस लेने की मांग भी सरकार से की।
Source - Press Release
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