गबन पर पर्दा डाला, दी क्लीन चिट! उपभोक्ताओं से वसूले थे 29 लाख 76 हजार 480, सरकारी खजाने में जमा करवाए 13 लाख 65 हजार 85 रुपये
डबवाली न्यूज़ डेस्क
इस प्रकार दी क्लीन चिट
विभागीय अधिकारियों ने सीएम विंडो पर दाखिल शिकायत का यह कहकर निपटारा कर दिया कि 13 हजार पीले, 12700 गुलाबी व 4700 ओपीएच कार्ड गलत पिं्रट होने के कारण वितरित नहीं किए गए। इसलिए उनकी उपभोक्ताओं से राशि भी नहीं वसूली गई। इन कार्डों की त्रुटियां दुुरुस्त करवाकर उन्हें वितरित किया जाएगा और राशि सरकारी खजाने में जमा करवाई जाएगी। सवाल जो अनुतरित्त है कि पिछले तीन वर्षों में बिना कार्डों के हजारों उपभोक्ताओं को आखिर किस आधार पर राशन का वितरण किया जा रहा है?
दो सालों से डकारी जा रही थी राशि
आरटीआई में विभागीय गबन का पर्दाफाश हुआ, अन्यथा राशन कार्ड बनाने की एवज में वसूली गई राशि के गबन का खेल तो पिछले दो वर्षों से जारी था। इस बारे में विभागीय अधिकारियों द्वारा पिछले एक वर्ष से नोटिस देने की नौटंकी भी की जा रही थी। मामले का भंडाफोड़ होने के बाद पैसा जमा करवाने का ड्रामा किया गया है। विभाग द्वारा अब भी यह स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है कि आखिर 16 लाख में से कुल कितनी राशि सरकारी खजाने में जमा करवाई गई है?
राशि जमा करवाने पर क्लीन चिट कैसे?
यदि कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी सरकारी धन का गबन कर लेता है और उसकी चोरी पकड़ी जाती है। तब उसके द्वारा चोरीशुदा राशि को जमा करवा दिया जाता है। ऐसा करने पर वह चोरी के दोष से मुक्त हो सकता है? जिन अधिकारियों ने पिछले दो वर्षों के दौरान पैसा वसूलकर हजम कर लिया और अब मामले का भंडाफोड़़ होने पर यह राशि जमा भी करवा दी तो वे कैसे दोष मुक्त हो गए? जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सिरसा को इसका जवाब देना होगा? आखिर कैसे उन्होंने गबनकत्र्ताओं को क्लीन चिट दे दी? गबन करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की बजाए सीएम विंडो को ही डिस्पोज ऑफ कर दिया?
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