पब्लिक हेल्थ विभाग ने साढ़े 4 लाख में खरीदा सफेद हाथी!10 साल पहले लगाया था ट्यूबवेल, आज तक एक बूंद पानी नहीं हुआ इस्तेमाल

गैर-योजनागत कार्यों से जनता के खून-पसीने के पैसे की बर्बादी के दो नमूनें
डबवाली न्यूज़ डेस्क
सरकारी खजाने से पैसे की निकासी की जाती है ताकि जनता को सुविधा हासिल हों। लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी किस लापरवाही से कार्य करते है कि जनता के खून-पसीने के पैसे की बर्बादी होती है, वहीं आम जनता की समस्या जस की तस बनी रहती है। विभिन्न विभागों द्वारा इस तरह के कार्य किए जाते है, जिसकी बानगी इन मामलों में देखी जा सकती है:
गर्मी हो या सर्दी, सिरसा शहर के अनेक एरिया में पेयजल की समस्या बनी रहती है। पब्लिक हेल्थ विभाग की ओर से पहले तो समस्या को अनसुना किया जाता है, जब कभी इस दिशा में कदम उठाए भी जाते है तो इस प्रकार के कार्य किए जाते है कि उसका लाभ पब्लिक को नहीं मिलता।
विभाग की ओर से लगभग 10 वर्ष पूर्व माल गोदाम रोड पर ट्यूबवेल स्थापित किया गया। ताकि सुभाष बस्ती व आसपास की कालोनियों के लोगों की पेयजल समस्या का समाधान हो सकें। लगभग साढ़े 4 लाख रुपये ट्यूबवेल लगाने पर खर्च डालें गए, लेकिन इन 10 वर्षों में जनता को इस ट्यूबवेल का एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हुआ।
दरअसल, विभाग द्वारा गैर-योजनागत ढंग से किए गए कार्य की वजह से पब्लिक का साढ़े 4 लाख रुपये डूब गया। चूंकि इस ट्यूबवेल को आज तक बिजली का कनेक्शन ही नसीब नहीं हुआ। बिजली कनेक्शन न होने के कारण यह ट्यूबवेल चला ही नहीं और पानी की एक बूंद मिली नहीं। विभाग द्वारा जनता के पैसे की यूं बर्बादी का खुलासा गांव सुचान निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट मदन लाल पुत्र फूला राम द्वारा किया गया। पब्लिक हेल्थ विभाग ने आरटीआई के जवाब में बताया कि माल गोदाम रोड पर जो ट्यूबवेल लगाया गया व रेलवे लाइन साथ होने के कारण कनेक्शन की मंजूरी नहीं मिली। जिसके कारण कनेक्शन नहीं मिल सका और ट्यूबवेल चालू नहीं हो सका। अब विभागीय अधिकारी बताए कि क्या ट्यूबवेल के बाद रेलवे लाइन को उस दिशा में लगा दिया गया था? जनता के खून-पसीन के पैसे की बर्बादी के लिए किसे जिम्मेवार ठहराया जाएगा? विभाग ने पूरे मामले में पर्दा डाल दिया। न पब्लिक को पानी मिला और न किसी जिम्मेवार की जवाबदेही तय की गई?

ट्रेड टॉवर में ट्यूबवेल को भी कनेक्शन का इंतजार
सिरसा रोड़ी गेट स्थित नगर परिषद के पुराने भवन के स्थान पर बनें टे्रड टॉवर में भी इसी प्रकार पैसे की बर्बादी की गई है।यहां पर भी ट्यूबवेल लगाया गया, जिस पर लाखों रुपये फूंके गए।
लेकिन इसका पानी आजतक नसीब नहीं हुआ। वैसे तो शहर में लगाए जाने वाले ट्यूबवेल पब्लिक हेल्थ की ओर से लगाए जाते है और उनकी ओर से ही संबंधित विभाग को सुपुर्द किया जाता है। लेकिन ट्रेड टॉवर में लगाए गए ट्यूबवेल से पब्लिक हेल्थ द्वारा पल्ला झाड़ा गया है। आरटीआई में विभाग की ओर से कहा गया कि उनकी ओर से ट्यूबवेल नहीं लगाया गया।
बताया जाता है कि यहां पर मार्केट विकसित करने के लिए नगर परिषद द्वारा अपने स्तर पर लाखों रुपये खर्च करके ट्यूबवेल लगाया गया। लगभग 10 साल का अरसा बीत गया लेकिन इस ट्यूबवेल को भी आज तक कनेक्शन नसीब नहीं हुआ। जिसके कारण मार्केट के दुकानदारों को ट्यूबवेल का पानी नसीब नहीं होता। ट्यूबवेल का पानी न मिलने के कारण मार्केट के शौचालयों में हमेशा पानी की कमी बनी रहती है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय स्तर पर किस प्रकार की लापरवाही बरती जाती है, जिसमें पब्लिक के पैसे को बर्बाद किया जाता है। समस्या जस की तस बनी रहती है और कोई भी जिम्मेवारी लेने को तैयार नहीं होता।

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