डबवाली के आधार केंद्र सुविधा की जगह बन गए हैं असुविधा केंद्र, लोगों को मजबूरन जाना पड़ता है पंजाब- अमित सिहाग

डबवाली न्यूज़ डेस्क 
हलका डबवाली के नागरिकों द्वारा डबवाली मे आधार केंद्र पर हो रही असुविधा एवम् जुलाई से नई पैंशन आवेदन मे आ रही समस्या की ओर विधायक अमित सिहाग का ध्यान दिलवाने पर विधायक अमित सिहाग ने इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया।विधायक ने कहा कि कोताही के चलते डबवाली मे आधार कार्ड केंद्र सफेद हाथी का रूप धारण कर चुके हैं, जिसके चलते ये अब सुविधा की जगह असुविधा का कारण बनते जा रहे हैं और लोगों को अपना आधार कार्ड बनवाने हेतु मजबूरन पंजाब के गांव पथराला में जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आधार केंद्र में जो टोकन प्रणाली की व्यस्था है वो भी फेल साबित हुई है जिसके चलते टोकन दस दस दिनों के बाद की तिथि के दिए जाते हैं जिससे इमर्जेंसी जरूरत वाले लोगों को आधार कार्ड बनवाने में परेशानी होती है। विधायक ने कहा कि टोकन में दी तिथि को भी आधार कार्ड नहीं बन पाता और आमजन को बार बार चक्कर काटने पड़ते हैं।सिहाग ने कहा कि कई केंद्रों पर या तो स्टाफ की कमी है या फिर वो उपस्थित नहीं होते, ऐसे में सरकार को चाहिए कि मौजूदा केन्द्रों की व्यस्था को दुरुस्त करने के साथ ही पहले की भांति सीएससी केन्द्रों पर आधार कार्ड बनाने की व्यस्था करे ताकि आमजन को असुविधा न हो।
अमित सिहाग ने नई पेंशन हेतु आवेदन प्रक्रिया में आ रही परेशानियों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विगत जुलाई माह से नई पैंशन आवेदन प्रक्रिया हेतु जो नए नियम बनाते हुए फैमिली आईडी को साथ में संलिप्त करना जरूरी किया है, उसके चलते पेंशन का आवेदन नहीं हो पा रहा, क्योंकि जब ऑनलाइन आवेदन करते समय आवेदक का नाम भरा जाता है तो तकनीकी खामियों के चलते वो नाम सही अंकित नहीं हो रहा और नाम के मिस मैच होने के कारण अधिकतम आवेदन रद्द हो जाता है।
सिहाग ने कहा कि बुढ़ापा पेंशन हेतु सरकार ने नए नियमों के तहत आयु प्रमाण पत्र के तौर पर स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट या मैट्रिक का सर्टिफिकेट आदि जरूरी किया है जो कि सरासर ग़लत है। उन्होंने कहा कि ऐसे बहुत बुजुर्ग हैं जो या तो पढ़े लिखे नहीं है और या विभिन्न कारणों के चलते वो सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं करवा सकते।
सिहाग ने कहा कि बुढ़ापा पेंशन हेतु जो मेडिकल रिपोर्ट की जाती थी उसे भी सरकार द्वारा करोना का हवाला देकर बन्द कर दिया गया है जिससे बुजुर्गों को आवेदन करने में भारी असुविधा हो रही है। उन्होंने विधवा पेंशन आवेदन प्रक्रिया की खामियों को उजागर करते हुए बताया कि नागरिकों ने उन्हे बताया है कि विधवा पेंशन के लिए जब मृत्यु प्रमाण पत्र को पोर्टल में अंकित किया जाता है तो वहां तकनीकी खामियों के चलते वो जन्म प्रमाण पत्र के रूप में पंजीकृत हो जाता है और आवेदन रद्द हो जाता है।
सिहाग ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य, ज़रूरी सुविधाओं को आसानी से ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों को उपलब्ध करवाना होता है न कि असुविधाओं के चलते उन्हें वंशित रखना। उन्होंने सरकार से मांग की है कि तकनीकी खामियों को दुरुस्त करने के साथ साथ सरकार को अपने नियमों में ढील देते हुए स्कूल सर्टिफिकेट की जगह पहले की भांति वोटर कार्ड आदि का प्रयोग कर पैंशन आवेदन प्रक्रिया को चालू करना चाहिए, ताकि सभी लाभार्थियों को अपना हक मिल सके। इसके साथ ही सिहाग ने सरकार से मांग की है कि बुढ़ापा पेंशन हेतु जो मेडिकल जांच सप्ताह में एक बार की जाती थी, उसे करोना काल में अतिरिक्त रियायत देते हुए हर समान्य अस्पताल के स्तर पर बोर्ड का गठन करके पुनः चालू कर प्रतिदिन जांच की जानी चाहिए, जिससे भीड़ की कमी होने के चलते जहां करोना का खतरा कम होगा वहीं बुजुर्ग अपनी पेंशन हेतु आवेदन कर सकेंगे। सिहाग ने कहा कि वो इसके लिए जलद उच्चाधिकारियों से संपर्क करेंगे।
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