किसानों से हुई धक्केशाही निंदनीय,कांग्रेस सदैव किसानो के साथ- अमित सिहाग
डबवाली न्यूज़ डेस्क
हल्का डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने सरकार द्धारा किसानो से की जा रही धक्केशाही की कड़ी निन्दा करते हुए सरकार को अपना तानाशाही रवैया बदलने को कहा है। विधायक ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि आगामी 26 नवंबर को दिल्ली में कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को देखते हुए सरकार अब धक्केशाही पर उतर आई है व किसानों की आवाज को दबाने की असफल कोशिश कर रही है,रात के अंधेरे में शांतिपूर्वक धरना दे रहे किसानों को जबरदस्ती गिरफ़्तार किया जाना इसका बड़ा उदाहरण है।सिहाग ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसमे हर किसी को अपनी आवाज़ उठाने, शांति पूर्वक प्रदर्शन करने का मौलिक हक है। उन्होने कहा कि महात्मा गांधी जी ने भी हमें ये रास्ता दिखाया था लेकिन मौजूदा सरकार लोकतंत्र में मिले इस मौलिक अधिकार को भी जबरदस्ती छीनने का काम कर रही है। जिसे मैं और कांग्रेस पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। अमित सिहाग ने कहा कि एक तरफ पंजाब में जहां लोकतंत्र की मर्यादा को बहाल रखते हुए वहां की कांग्रेस सरकार किसानों को प्रदर्शन करने दे रही है वहीं हरियाणा सरकार यहां किसानों की आवाज़ को कुचलने के लिए ओछे हथकंडे अपना रही है जिससे सरकार की तानशाही साफ झलक रही है। विधायक ने कहा कि सरकार जिस प्रकार से किसानों को गिरफ्तार कर उनकी आवाज़ को दबाने के प्रयास कर रही है वो बहुत ही निंदनीय है और हम इसकी पुरजोर निन्दा करते हैं। उन्होने सरकार से गिरफ़्तार किए गए किसानों को बिना शर्त तुरंत रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताक़त संवाद है और सरकार को चाहिए कि वो अपना हठ छोड़ कर किसानों से संवाद स्थापित करे।उन्होने कहा कि संवाद स्थापित कर सरकार को किसानो की जायज मांग, जिसमे वो नए कानून में एमएसपी के प्रावधान को लिखीत में मांग रहे हैं, को मानने का काम करना चाहिए।
हल्का डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने सरकार द्धारा किसानो से की जा रही धक्केशाही की कड़ी निन्दा करते हुए सरकार को अपना तानाशाही रवैया बदलने को कहा है। विधायक ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि आगामी 26 नवंबर को दिल्ली में कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को देखते हुए सरकार अब धक्केशाही पर उतर आई है व किसानों की आवाज को दबाने की असफल कोशिश कर रही है,रात के अंधेरे में शांतिपूर्वक धरना दे रहे किसानों को जबरदस्ती गिरफ़्तार किया जाना इसका बड़ा उदाहरण है।सिहाग ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसमे हर किसी को अपनी आवाज़ उठाने, शांति पूर्वक प्रदर्शन करने का मौलिक हक है। उन्होने कहा कि महात्मा गांधी जी ने भी हमें ये रास्ता दिखाया था लेकिन मौजूदा सरकार लोकतंत्र में मिले इस मौलिक अधिकार को भी जबरदस्ती छीनने का काम कर रही है। जिसे मैं और कांग्रेस पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। अमित सिहाग ने कहा कि एक तरफ पंजाब में जहां लोकतंत्र की मर्यादा को बहाल रखते हुए वहां की कांग्रेस सरकार किसानों को प्रदर्शन करने दे रही है वहीं हरियाणा सरकार यहां किसानों की आवाज़ को कुचलने के लिए ओछे हथकंडे अपना रही है जिससे सरकार की तानशाही साफ झलक रही है। विधायक ने कहा कि सरकार जिस प्रकार से किसानों को गिरफ्तार कर उनकी आवाज़ को दबाने के प्रयास कर रही है वो बहुत ही निंदनीय है और हम इसकी पुरजोर निन्दा करते हैं। उन्होने सरकार से गिरफ़्तार किए गए किसानों को बिना शर्त तुरंत रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताक़त संवाद है और सरकार को चाहिए कि वो अपना हठ छोड़ कर किसानों से संवाद स्थापित करे।उन्होने कहा कि संवाद स्थापित कर सरकार को किसानो की जायज मांग, जिसमे वो नए कानून में एमएसपी के प्रावधान को लिखीत में मांग रहे हैं, को मानने का काम करना चाहिए।
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