धरना दे रहे तीन किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया,विरोध में टोल प्लाजा पर डबवाली सिरसा हाईवे पर एकत्रित होकर लगा जाम
डबवाली। कृषि कानूनों के विरोध में धरना दे रहे किसान संगठनों द्वारा 26 नवंबर को प्रस्तावित दिल्ली कूच को देखते हुए पुलिस ने स ती बरतनी शुरू कर दी है । इसी कड़ी में सोमवार रात करीब सवा ग्यारह बजे क्षेत्र के खुईयां मलकाना टोल प्लाजा निकट धरना दे रहे तीन किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया । उधर सिरसा के बरनाला रोड पर पक्का मोर्चा बनाकर धरना दे रहे किसानों में से किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है । किसानों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में खुईयां मलकाना टोल प्लाजा तड़के तीन बजे से किसान संगठनों द्वारा जाम लगाया हुआ है, जो अब भी जारी है । जानकारी मुताबिक बीती रात सवा ग्यारह बजे शहर थाना डबवाली पुलिस की टीम ने डबवाली क्षेत्र में खुईयां मलकाना टोल प्लाजा पर धरना दे रहे तीन किसानों हरियाणा किसान एकता मंच से जुड़े एसपी मसीता, गुर प्रेम देसूजोधा और खुशपिंद्र सिंह हेबूआना को हिरासत में लिया। प्रत्यक्षदर्शी किसान मलकीत पन्नीवाला मोरिका व मनदीप ढिल्लो का कहना है कि डबवाली थाना के प्रभारी ईश्वर सिंह रात 11 बजे धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सोए हुए किसानों को उठाया और उन्हें डीएसपी से बात करने की बात कही । बाद में पुलिस तीनों किसान नेताओं को जबरन अगवा कर अपने साथ ले गई। इस मामले में किसान मलकीत सिंह ने सदर डबवाली थाना में इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह के खिलाफ शिकायत भी दी है। उधर किसानों की को हिरासत में लिए जाने के विरोध में टोल प्लाजा पर देर रात्रि में ही किसानों उमडऩे शुरू हो गए और तड़के 3 बजे से उन्होंने डबवाली सिरसा हाईवे पर एकत्रित होकर जाम लगा दिया। सिरसा में भी किसान नेता प्रहलाद सिंह भारू खेड़ा को भी हिरासत में लिया गया है। किसान नेता को हिरासत में लिए जाने के बाद बरनाला रोड स्थित पक्का मोर्चा धरना स्थल पर भी किसान जुटना शुरू हो गए हैं।
आंदोलन को लेकर यूनियन पदाधिकारियों ने बनाई रणनीति
डबवाली। आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी का कहना है कि इस दिल्ली कूच के दौरान तीन कृषि कानूनों और बिजली संशोधन बिल को रद करने के अलावा सभी कृषि उत्पादों की समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग जोरदार ढंग से उठेगी। इस दिल्ली कूच के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ किसान दिल्ली की तरफ बढ़ेंगे और जहां पर रोके जाएंगे वहीं डेरा डाल देंगे। यह आंदोलन अनिश्चितकालीन भी हो सकता है। उधर, 26 नवंबर को ही 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व फेडरेशन के संयुक्त आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल का भी एलान किया गया है। बहादुरगढ़ में एआइयूटीयूसी संगठन इसके लिए तैयारी कर रहा है।
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