डबवाली अग्निकांड के शहीदों की 25 वीं पुण्यतिथि पर नम: आंखों से अपनों को याद किया स्मारक स्थल पर अर्पित की पुष्पांजलि

डबवाली न्यूज़ डेस्क 
डबवाली अग्निकांड के शहीदों की 25 वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को प्रियजनों ने नम: आंखों से अपनों को याद किया और स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की।
25 वर्ष पूर्व मिले जख्म भले ही वक्त ने भर दिए हों पर आज भी अपनों को खोने का दर्द उनकी आंखों में नजर आता है। अग्निकांड पीडि़त संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में घटनास्थल पर शहर के लोगों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। लोगों ने मृतकों के चित्रों पर पुष्प अर्पित करने के साथ ही सर्व धर्म प्रार्थना सभा में उनकी आत्मिक शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मंच संचालन करते हुए अग्निकांड पीडि़त आचार्य रमेश सचदेवा ने पीडि़तों की मांग रखते हुए कहा कि इस अग्निकांड स्थल को राष्ट्रीश् समारक घोषित किया जाए । इस अवसर पर मोका पर पहुंचे जिला उपायुक्त प्रदीप कुमार ने अग्निकांड पीडि़तो को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह प्रशाससन की और हर सहायता देने का हर सम्भव प्रयास करेंगे। एडीसी उत्तम सिंह के अलावा एसडीएम अश्विनी ने भी अग्निकांड स्मारक स्थल पर पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। अग्नीकाण्ड स्थल पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे हल्का डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने अपने सम्बोधन में कहा कि जिला प्रशासन को चाहिय कि इदस समारक के रखरखाव के पुख्ता इंतजाम करे व इसमें बनी लायब्रेरी के लिए आर्थिक सहयोग करे उन्होने कहा कि अॢ नीकाण्ड समारक को राष्अ्रीय समारक घोषित करवाने के लिए अपने निजि प्रयास करें। इस पर उपायुक्त प्रदीप कुमार ने विश्वास दिलाया कि वह इस समारक को राष्ट्रीय समारक को कघोषिद करवाने का भरकस प्रयास करेंंगेँ। कार्यकर्म के आयोजक विनोद कुमार बांसल ने विधायक अमित सिहाग, जिला उपायुक्त प्रदीप कुमार,एडीसी उत्तम सिंह एसडीएम अश्विनी कुमार को अग्रिी काणड स्थल के अलावा लायब्रेरी का निरिक्षन करवाया व उनके समक्ष समारक व लायब्रेरी के रखरखाव की मांग रखी। 

कैसे हुआ था हादसा :

बता दें कि वर्ष 1995 में चौटाला रोड स्थित राजीव पैलेस में डीएवी स्कूल का सातवां वार्षिकोत्सव था, जिसमें करीब 1500 दर्शक मौजूद रहे। बढ़ती संख्या को रोकने के लिए मेन गेट पर भी ताला जड़ दिया गया। दोपहर 11 बजे समारोह शुरू हुआ। दोपहर एक बजकर 47 मिनट पर मेन गेट के पास अचानक आग भड़क गई और पांच मिनट में पूरा पंडाल दहकती लाशों में बदल गया। हादसे में 388 लोग मौके पर जलकर मौत के आगोश में समा गए, जबकि 54 लोगों ने बाद में दम तोड़ दिया।

ये है अग्निकांड पीडि़तों की मांगेें :

23 दिसंबर को अग्नि सुरक्षा दिवस घोषित किया जाए।

डबवाली में अग्नि पीडि़तों की याद में बने स्मारक को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाए।

जरूरतानुसार पीडि़तों के परिवारों को सरकारी नौकरी व यथोचित सहयोग देकर सरकार अपना दायित्व पूरा करे।

अग्रिकाण्ड समारक में बनी लायब्रेरी के रखरखव के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। 

ये रहे माजूद

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष टेक चंद छाबड़ा,भाजपा नेता देव कुमार शर्मा , सतीश कुमार जग्गा,रामलाल बागड़ी के अलावा अन्य गण्मान्य लोग माजूद थे।

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क्या डबवाली में BJP की इस गलती को नजर अंदाज किया जा सकता है,आखिर प्रशासन ने क्यों नहीं की कार्रवाई