मोदी जी बताएं किस प्रकार से इन कानूनों के माध्यम से किसानों की आमदन दुगनी करेंगें - अमित सिहाग

डबवाली न्यूज़ डेस्क 
हल्का डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने आज किसान जत्थेबंदियों द्वारा किए गए बंद के आह्वान के दौरान पंजाब हरियाणा के विभिन्न किसान धरने प्रदर्शनों में भाग लेकर अपना खुला समर्थन देते हुए सरकार को कृषि विरोधी तीनों काले कानूनों को रदद करने की मांग की।अपने संबधन में विधायक ने कहा कि आज ये आंदोलन केवल किसानों का ही नही रह गया है बल्कि अब ये लोक लहर का रूप धारण कर चुका है। सरकार को चाहिए कि अब अपनी हठ छोड़कर किसानों से संवाद स्थापित कर इन कानूनों को रद्द करने का काम करे। उन्होनें कहा कि मोदी सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है, पहले उन्होंने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की बात कर सत्ता हासिल की और बाद में यू टर्न लेते हुए उसे लागू करने से पीछे हट गए और आज किसानों की आमदन दुगनी करने की बात करते करते किसानों के हकों पर डाका डाला जा रहा है। सिहाग ने कहा कि मोदी जी को जवाब देना चाहिए कि वो किस प्रकार से इन काले कानूनों को लाकर किसानों की आमदन दुगनी करेगें। विधायक ने कहा कि सरकार इन कानूनों के माध्यम से खेती को बड़े उद्योगपतियों के हाथो में सौंप कर किसानों को बर्बाद करना चाहती है जिसे कॉन्ग्रेस पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होनें कहा कि प्रर्दशन करने के साथ ही आज जरूरत है कि जनता अच्छे नुमाइंदे चुन कर लोकसभा व विधानसभा में भेजे जो उनकी आवाज को बुलंद कर उनके हकों की रक्षा कर सके, क्योंकि प्रर्दशन करने से सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है लेकिन कानून तो विधासनसभा या लोकसभा में ही बनाए जाते है और अगर आप ने सही नुमांइदा चुन कर लोकसभा व विधासनसभा में भेजा होगा तो वो आपके हकों की आवाज बुलन्द करने का काम करेगा।विद्यायक ने किसान भाइयों को आगाह करते हुए कहा कि अब सरकार इस आन्दोलन को दबाने के लिए ओछे हथकंडे अपना सकती है इस लिए हमे सचेत रहना होगा कि कोई भी विरोधी अंसर आंदोलन को सरकार के हाथों की कठपुतली न बना सके और आंदोलन की दिशा बदलने का प्रयास न कर सके। सिहाग ने मांग करते हुए कहा कि जनभावना की कद्र करते हुए बिना देरी किए इन काले कानूनों को रद्द करने का काम करना चाहिए ताकि किसान मजदूर कोे उनका हक मिल सके।
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