सरकार ने स्टोक सीमा समाप्त करके जमाखोरी को बढ़ावा देने का काम किया है- बजरंग गर्ग
Dabwalinews.com
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फैड़ के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने व्यापारियों की मीटिंग लेने के उपरांत कहा कि किसान आंदोलन के समर्थन में 2 दिन का राज्य स्तरीय अनाज मंडी बंद ऐतिहासिक रहा।जिसमें प्रदेशभर के सभी आढ़ती, मजदूर व मुनीम ने बंद में बढ़-चढ़कर भाग लिया। 25 व 26 जनवरी किसान आंदोलन के समर्थन में हरियाणा की सभी मंडियों में हड़ताल रही और पूरे देश में किसान ट्रैक्टर रैली ऐतिहासिक रही। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार जब तक तीन काले कृषि कानून वापिस नहीं लेगी। तब तक किसान, मजदूर व आढ़तियों का आंदोलन जारी रहेगा। तीन कृषि कानून से देश व प्रदेश का किसान, आढ़ती, मजदूर व मुनीम को बड़ा भारी नुकसान होगा और देश में पहले से ज्यादा महंगाई बढ़ेगी और इस कानून से लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। यहां तक कि किसान अपनी ही जमीन में बन्धवा मजदूर बनकर रह जाएगा। इस कानून से सिर्फ बड़ी-बड़ी कंपनियों को लाभ मिलेगा और बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिक जनता को लूटने का काम करेंगे। सरकार ने स्टोक सीमा समाप्त करके पूरी तरह से जमाखोरी को बढ़ावा देने का काम किया है। जिस प्रकार अडानी -अंबानी फल व सब्जियों का स्टोक करके सब्जियों पर 15 गुना मुनाफा खाकर आम जनता की जेबों में ढ़ाका डाल रहे हैं। उसी प्रकार किसान की फसल एडवांस में ही औने-पौने दामों में खेतों में ही खरीद कर अनाज की जमाखोरी करके जो गेहूं 19 रुपए किलो है, उसे 50 रुपए किलों बेचकर आम जनता को लूटने का काम करेंगे। तीन कृषि कानून अभी तक देश में पूरी तरह लागू नहीं हुआ है उससे पहले ही अडानी व अंबानी ने हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में सैकड़ों एकड़ जमीन में वेयरहाऊस बनाकर, उसमें अनाज का स्टोक करने के लिए बड़ी-बड़ी स्टील की टंकियां बना ली है। इससे साफ सिद्ध होता है कि तीन कृषि कानून केंद्र सरकार ने किसानों से बातचीत करने की बजाए अडानी व अंबानी से बातचीत करके लागू किए है। जो देश के किसान, आढ़ती व आम जनता के साथ बड़ा भारी धोखा है। सरकार को अडानी व अंबानी की तरफ ना देख कर देश के किसान, आढ़ती व आम जनता के हित में तीन कृषि कानूनों को वापिस लेना चाहिए।
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