वर्तमान सूचना प्रद्यौगिकी के युग में डिजिटल प्रणाली का अहम योगदान है - कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक

Dabwalinews.com
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के अंदर डिजिटलाजेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एकीकृत विश्वविद्यालय प्रबंधन प्रणाली (आईयूएमएस) लागू की जाएगी। इस प्रणाली के लागू होने से विश्वविद्यालय के कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों का सारा डाटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इस प्रणाली से जहां एक ओर पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा वही दूसरी ओर समय तथा धन दोनों की बचत होगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने बताया कि वर्तमान सूचना प्रद्यौगिकी के युग में डिजिटल प्रणाली का अहम योगदान है और विश्वविद्यालय का सम्पूर्ण डाटा आईयूएमएस के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में फाइल ट्रेसिंग सिस्टम होगा, जिससे कार्य समय पर होगा और कार्य समय पर न करने वाले कर्मचारियों व अधिकारीयों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। यह प्रणाली निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी सुदृढ़ करेगी और किसी भी फाइल पर कोई भी निर्णय लेते वक्त किसी भी प्रकार की सूचना व अधिसूचना की जानकारी संबंधित अधिकारी को सिंगल क्लिक पर उपलब्ध होगी। इस प्रणाली के तहत फैकल्टी तथा स्टूडेंट्स के इंटरेक्शन में भी वृद्धि होगी और बेहतर शैक्षणिक माहौल उत्पन्न करने में मील का पत्थर साबित होगी। विद्यार्थी क्लास रूम के बाद में प्राध्यापकों से जुड़े रहेंगे और किसी भी समस्या का समाधान हेतु कक्षाओं के उपरांत भी प्राध्यापकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।कुलपति ने कहा कि पेंडेमिक के दौरान ऑनलाइन शिक्षा के महत्व में वृद्धि हुई है। तकनीक को अपनाए बगैर विद्यार्थियों, कर्मचारियों व प्राध्यापकों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से इस प्रणाली को विश्वविद्यालय में लागू किया जा रहा है और यह विश्वविद्यालय की आईटी (सीआईटीआईटी) सेल की देख-रेख में होगा और इसे पूर्ण रूप से लागू करने के लिए भारत सरकार के आईटीआई लिमिटेड का सहयोग लिया जाएगा और विश्वविद्यालय की आईटी (सीआईटीआईटी) सेल इसे परिसर में क्रियान्वित करेगी और विश्वविद्यालय सहित इससे संबंधित सभी महाविद्यायल भी इससे लाभान्वित होंगे। यह प्रणाली इ-प्रशासन को भी बढ़ावा देगी और बेहतर पारदर्शिता के साथ विश्वविद्यालय के विकास में सहायक सिद्ध होगी। यह प्रणाली विश्वविद्यालय के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की ग्रीवेंसेस की समस्याओं का समाधान भी बेहतर व समयबध तरीके से करेगी। प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने बताया कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा। उनकी सर्विस बुक, ऑफिस प्रंबधन से संबंधित सभी दस्तावेज इस पर उपलब्ध होंगे। विश्वविद्यालय में बेहतर माहौल के लिए डाक्यूमेंट्स प्रबंधन तथा शेयरिंग की सुविधा भी होगी। कर्मचारी छुट्टी, लोन, सैलरी स्लिप, प्रमोशन के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे। इस अवसर पर सेंटर फॉर इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी इम्प्लीमेंटेशन एंड ट्रेनिंग के निदेशक प्रोफेसर विक्रम सिंह ने बताया कि वर्तमान में विद्यार्थियों से फीस ऑनलाइन ली जा रही है और इस प्रणाली के लागू होने के उपरांत ऑनलाइन पंजीकरण होगा और ऑनलाइन ही विद्यार्थी पाठ्यक्रमों का चयन कर पाएंगे। इस वर्चुअल प्लेटफार्म पर विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी चौबीसों घंटे उपलब्ध होगी। अच्छे शोध कार्यों के लिए ई-पुस्तकालय तथा संदर्भ सामग्री की व्यवस्था भी इस माध्यम पर सुनिश्चित की जाएगी। एकीकृत विश्वविद्यालय प्रबंधन प्रणाली की नोडल ऑफिसर डॉ. सरोज मेहता ने बताया कि विभिन्न पाठ्यक्रमों की एसएमएस अलर्ट संबंधित सूचना भी प्रारंभ की जाएगी। ऑनलाइन असाइनमेंट तथा ट्यूटोरिअल के लिंक भी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होंगे। इस मनैजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम से विश्वविद्यालय के विकास द्वार खुलेंगे और मार्च 2021 तक इसे लागू कर दिया जाएगा।
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