प्रोपर्टी में कृत्रिम बूम से संशय में निवेशक,मेडिकल कालेज की घोषणा के साथ ही आया उछाल, प्रोपर्टी डीलरों के कारोबार में आई तेजी
Dabwalinews.com
प्रदेश सरकार की ओर से सिरसा में मेडिकल कालेज की घोषणा के साथ ही सिरसा में आया है। जिसकी वजह से लंबे अरसे से सुने पड़े प्रोपर्टी डीलिंग के कारोबार में रंगत लौटी है।मगर, मेडिकल कालेज के स्थान को लेकर बने संशय की वजह से निवेशक प्रोपर्टी खरीदने में हिचक रहे है। दरअसल, सरकार की ओर से मिनी बाईपास पर सीडीएलयू के सामने वाली जगह मेडिकल कालेज के लिए चिह्नित की गई है। मगर, निवेशकों को इस स्थान को लेकर संशय बना हुआ है। चूंकि बताई जा रही जगह मेडिकल कालेज के हिसाब से मापदंडों पर खरी नहीं उतरती। चूंकि मिनीबाईपास पर चत्तरगढ़पट्टी की ओर रेलवे फाटक है। फाटक पार करते ही राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-9 है। जबकि पूर्व में भगत सिंह कालोनी का रिहायशी एरिया है। दक्षिणी दिशा में पुरानी कचहरी मार्ग है और यहां भी रेलवे फाटक है। ऐसे में मेडिकल कालेज के लिए इस जगह को जानकार उपयुक्त नहीं मानते। उनके अनुसार यह बेहद तंग जगह है और रिहायशी क्षेत्र के बीच आती है। जबकि मेडिकल कालेज के लिए शहर से दूर जगह की जानी चाहिए जोकि भविष्य की जरूरतों को भी पूरा कर सकें। रिहायशी इलाकों से घिरी प्रस्तावित जगह मेडिकल कालेज के हिसाब से अपर्याप्त है। निवेशकों के अनेक ऐसे सवाल है, जोकि अनुतरित्त है, जिसकी वजह से वे प्रोपर्टी खरीदने में हिचक रहे है। हालांकि सोने की कीमतों के आसमान छूने और बैंक ब्याज दरों में गिरावट की वजह से लोग प्रोपर्टी में निवेश करने के इच्छुक बने हुए है। मगर, उनका पिछला अनुभव उन्हें रिस्क लेने से रोक रहा है। चूंकि प्रोपर्टी में आए उछाल के समय जिन लोगों ने प्रोपर्टी में निवेश किया था, उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
बरनाला रोड पर बढ़ी रौनक
इन दिनों बरनाला रोड की रौनक बढ़ी हुई है। यहां प्रोपर्टी के रेटों में भारी उछाल आया है। मेडिकल कालेज की स्थापना को लेकर यहां पर ख्वाब भी बेचे जाने लगे है कि कालेज बनने पर आसपास में ेये सुविधाए मिलेगी। अमुक का कारोबार बढ़ेगा, कालेज के विस्तार के लिए यहां प्रोपर्टी खरीदना सबसे बेहतर विकल्प है। यानि निवेशकों को ख्वाब बेचे जा रहे है। पहले चोट खाए हुए लोग पूंजी निवेश करने से पहले सौदे के बारे में बारिकी से जांच में जुटे हुए है।
प्रोपर्टी कारोबार में अनेक हुए धाराशाही
प्रोपर्टी के दामों में कुछ वर्ष पूर्व आए उछाल के समय अनेक लोग मालामाल हुए और अनेक का दिवालिया ही निकल आया। उछाल के समय जिन लोगों ने अपनी जमापूंजी प्रोपर्टी में निवेश की, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। चूंकि कृत्रिम उछाल के कारण मार्केट में भारी गिरावट आई। करोड़ों के सौदे लाखों के होकर रह गए। प्रोपर्टी के कारोबारी जो आसमान छू रहे थे, वे फर्श पर आ गए। प्रोपर्टी में गिरावट के कारण अनेक घोषित और अघोषित रूप से दिवालिया हो गए।
बदला जा सकता है स्थान!
मेडिकल कालेज के स्थान को लेकर अनेक चर्चाए बनी हुई है, जिनके अनुसार मेडिकल कालेज का स्थान बदला जा सकता है। चूंकि सीडीएलयू बाईपास रिहायशी एरिया से घिरा हुआ है और इसमें अनेक अड़चने भी दिखाई पड़ रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि मेडिकल कालेज का स्थान बदलकर गांव फूलकां हो सकता है। चूंकि फूलकां में सैकड़ों एकड़ भूमि खाली है, जिस पर विवि का रिजलन सेंटर प्रस्तावित था। इसी प्रकार शहर से सटे गांव रामनगरिया अथवा केलनिया में भी कालेज स्थापित किया जा सकता है। इन गांवों की पंचायतों की ओर से जमीन देने का ऑफर पहले ही किया जा चुका है। हालांकि यह भविष्य के गर्भ में है कि इस बारे में क्या निर्णय लिया जाता है।
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