MHD महिला शिक्षण महाविद्यालय में हुई पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता
ओढ़ा (अशोक गर्ग)
माता हरकी देवी महिला शिक्षण महाविद्यालय ओढ़ां में नेता जी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर बीएड की छात्राध्यापिकाओ के मध्य चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया। इस प्रतियोगिता में सभी छात्राओ ने देशभक्ति से ओतप्रोत सुंदर चित्रकला बनाई।
इस अवसर पर माता हरकी देवी शिक्षण संस्थान के सचिव मन्दर सिंह सरा, प्राचार्या डॉ सुनीता स्याल, डीएड प्राचार्य डॉ सुभाष चन्द्र द्वारा नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया गया। तत्पश्चात प्राचार्या ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897, मृत्यु 18 अगस्त 1945 जो नेता जी के नाम से भी जाने जाते हैं। भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी तथा सबसे बड़े नेता थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने के लिये उन्होंने जापान के सहयोग से आजाद हिन्द फौज का गठन किया था। उनके द्वारा दिया गया जय हिन्द का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया है। संस्था सचिव मन्दर सिंह ने कहा कि आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में शुमार होते हैं जिनसे आज के दौर का युवा वर्ग प्रेरणा लेता है। सिंगापुर के टाउन हाल के सामने सुप्रीम कमांडर के रूप में सेना को संबोधित करते हुए'दिल्ली चलो'का नारा दिया। गांधीजी को राष्ट्रपिता कहकर सुभाष चंद्र बोस ने ही संबोधित किया था। जलियांवाला बाग कांड ने उन्हें इस कदर विचलित कर दिया कि वह आजादी की लड़ाई में कूद पड़े।नेताजी उनके बचपन के दिनों से ही एक विलक्षण छात्र थे और राष्ट्रप्रेमी भी। नेताजी ने आजादी की जंग में शामिल होने के लिए भारतीय सिविल सेवा की आरामदेह नौकरी ठुकरा दी। भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में उनकी रैंक 4 थी।शिक्षण संस्थान में पढ़ रहे बच्चों के बीच नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जीवनी पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया।जिसमें प्रथम स्थान पर सुखरीत कौर, द्वितीय स्थान पर निशा, तृतीय स्थान पर हरप्रीत कौर व सुनीता रानी और बिमलेश को सांत्वना पुरस्कार दे कर पुरुस्कृत किया गया।
Labels:
education
No comments:
Post a Comment