#TractorRally : AAP ने उठाए सवाल उधर संयुक्त किसान मोर्चा व कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की हिंसा की निंदा






दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुए बवाल को लेकर विपक्ष के नेता केंद्र सरकार को नसीहत दे रहे हैं. वहीं किसानों के संयुक्त मोर्चा ने परेड के दौरान हुई हिंसा की निंदा की है.
मोर्चा ने एक बयान जारी कर कहा है, " यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी तमाम कोशिशों के बावजूद कुछ संगठन और कुछ असामाजिक तत्वों ने अब तक शांतिपूर्ण रहे हमारे आंदोलन में घुसपैठ की, रूट का और अनुशासन का उल्लंघन करके निंदनीय कार्य किया है. हमारा हमेशा से मानना रहा है कि शान्ति हमारी सबसे बड़ी शक्ति है. ऐसी हरकतों से आंदोलन को नुक़सान पहुँचता है."
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा, "दिल्ली में चौंकाने वाले दृश्य. कुछ तत्वों की ओर से की गई हिंसा अस्वीकार्य है. शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे किसानों ने जो साख बनाई है, ये उसे नुक़सान पहुंचाएगा. किसान नेताओं ने ख़ुद को इससे अलग कर लिया है और ट्रैक्टर रैली को रोक दिया है. मैं सभी वास्तविक किसानों से दिल्ली खाली करने और सीमाओं पर लौटने की अपील करता हूं."
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है.
उन्होंने सरकार से अपील की है कि वो किसानों की 'बात सुने और देशहित के लिए कृषि-विरोधी क़ानून वापस लें.'
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, "जिस तरह से आज आंदोलन को हैंडल किया गया वो अफ़सोसजनक है. हम सभी विपक्ष में बैठे लोग किसानों का समर्थन करते हैं और मैं अपील करता हूं - अब आप (किसानों) को शांति से अपने-अपने गांव वापस लौट जाना चाहिए और सरकार को आपको दोष देने का कोई अवसर नहीं देना चाहिए."
शरद पवार ने कहा, "आज जो कुछ भी हुआ उसका कोई समर्थन नहीं करेगा लेकिन इसके पीछे की वजह को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. जो लोग शांति से बैठे थे उनमें गुस्सा पनपा, केंद्र ने अपनी ज़िम्मेदारी पूरी नहीं की. सरकार को परिपक्वता से सही निर्णय लेना चाहिए."
शिवसेना नेता और पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादक संजय राउत ने आरोप लगाया है कि सरकार चाहती तो दिल्ली में हो रही हिंसा को रोक सकती थी. उन्होंने सवाल किया है कि क्या कोई अदृश्य राजनीति कर रहा है?
गुजरात कांग्रेस के नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि किसानों को 'बदनाम करने की कोशिश नहीं की जाए.'
हार्दिक पटेल ने ट्विटर पर लिखा है, "किसान बीते दो महीने से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे और किसानों को बदनाम करने की कोशिश न की जाए."
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर किसानों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि अगर कुछ लोग रास्ता भूलकर दिल्ली की ओर चले गए हैं तो वो वापस अपने धरने पर पहुंचे.
वहीं समाचार एजेंसी एएनआई ने राकेश टिकैत के हवाले से कहा है, ''हम उन लोगों को जानते हैं जो व्यवधान पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी पहचान हो गई है. ये लोग राजनीतिक पार्टियों के लोग हैं जो आंदोलन की छवि ख़राब करने की कोशिश कर रहे हैं.''
वहीं योगेंद्र यादव ने भी किसानों से संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से निर्धारित रूट पर ही परेड करने की अपील की है.
आम आदमी पार्टी ने भी किसान परेड में आज हुई हिंसा की निंदा की है. पार्टी ने कहा कि ये अफसोसजनक है कि केंद्र सरकार ने इस हद तक स्थिति को बिगड़ने दिया.
आप पार्टी ने एक बयान में कहा, "आंदोलन बीते दो महीने से शांतिपूर्ण रूप से चल रहा था. किसान नेताओं ने कहा है कि जो लोग आज हिंसा में शामिल थे, वो आंदोलन का हिस्सा नहीं थे और बाहरी तत्व थे. वो जो भी थे, हिंसा ने निश्चित रूप से आंदोलन को कमज़ोर किया है जो इतने शांति से और अनुशासित तरीक़े से चल रहा था."
Source Link - #TractorRally: AAP raised questions, the United Kisan Morcha and Captain Amarinder Singh condemned the violence

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