पटवारियों का टोटा झेल रहा हलका कालांवाली,डेढ़ दर्जन पटवारियों के कंधों पर पांच दर्जन से अधिक गांवों की जिम्मेवारी

Dabwalinews.com
राजस्व के मामलों को निपटाने में अहम भूमिका निभाने वाले पटवारियों के मामले में हलका कालांवाली की उपेक्षा की जा रही है। इस हलका में लगभग 66 गांव है। इन गांवों के राजस्व मामलों को निपटाने की जिम्मेवारी महज डेढ़ दर्जन पटवारियों के कंधों पर डाली गई है। यानि हरेक पटवारी को चार-चार, पांच-पांच गांवों की जिम्मेवारी सौंपी गई है। ऐसे में कालांवाली हलका में लोगों के कामकाज किस रफ्तार से होंगे, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।काम के बोझ तले दबे पटवारियों को लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि पटवारियों का एक पैर किसी गांव में और दूसरा किसी अन्य गांव में रहता है। उन्हें लोगों के कामकाज निपटाने के लिए इधर से उधर दौडऩे पर विवश होना पड़ रहा है। अपने काम के लिए सिलसिले में पटवारियों से संपर्क साधने पर उन्हें दूसरे, तीसरे गांव में होने की सूचना मिलती है। जिसके कारण लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटवारियों की कमी की वजह प्रशासनिक है अथवा राजनीतिक, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। सूत्र बताते है कि चौपटा क्षेत्र में 52 गांव है और इस एरिया में 38 पटवारी नियुक्त है। इसी प्रकार सिरसा सर्कल में 85 गांव है तथा 57 पटवारी नियुक्त है। जबकि कालांवाली को मांग के अनुरूप पटवारी उपलब्ध नहीं करवाए गए है। स्थानीय निवासियों को इस बात को लेकर रोष है कि उनके क्षेत्र की उपेक्षा क्यों की जा रही है ?







No comments:

IMPORTANT-------ATTENTION -- PLEASE

क्या डबवाली में BJP की इस गलती को नजर अंदाज किया जा सकता है,आखिर प्रशासन ने क्यों नहीं की कार्रवाई