जब तक महिलाओं के प्रति समाज में मानसिकता में बदलाव नहीं होगा तब तक महिलाओं को पूर्ण रूप से सशक्त नहीं किया जा सकता - प्रो. टंकेश्वर कुमार
Dabwalinews.com
सिरसा-महिलाओं का राष्ट्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान है और पिछले कुछ समय के दौरान महिला सशक्तिकरण के लिए भारत में ही नहीं बल्कि विश्वभर में अनेक कानून आये हैं। कानूनी जागरूकता के साथ-साथ पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता में बदलाव करके सकारात्मक पहल कदमियां की जा सकती हैं। जब तक महिलाओं के प्रति समाज में मानसिकता में बदलाव नहीं होगा तब तक महिलाओं को पूर्ण रूप से सशक्त नहीं किया जा सकता। ये विचार गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के युवा कल्याण निदेशालय द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने में शैक्षणिक संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रो. टंकेश्वर ने कहा कि लिंगानुपात की स्थिति में सुधार करना भी समय की मांग है और आंकड़े बताते है कि गांव की तुलना में शहरों में लिंगानुपात की स्थिति चिंतनीय है उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में शैक्षणिक संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहें है।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने की ओर कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने से विद्यार्थियों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है। उन्होने युवा कल्याण निदेशालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के भौतिकी विभाग की प्रो. सुनिता श्रीवास्तव ने इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए कि सभी महिलाएं अच्छी प्रबंधक होती है और समय का सदुपयोग करते हुए पारिवारिक तथा अन्य जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करती है। उन्होंने कहा कि कुदरत ने महिलाओं को एक साथ कई कार्य गुणवत्तापूर्वक करने की क्षमता प्रदान की है। नारी को यदि त्याग की मूर्ति कहा जाये तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया कि परिसर में लिंग संवेदनशीलता तथा कानूनी जागरूकता शिविरों का समय-समय पर आयोजन करवायें ताकि विश्वविद्यालय की छात्राओं को बेहतर माहौल के साथ-साथ उनके अधिकारों के प्रति भी जागृत किया जा सके। इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ से विशिष्ट अतिथि के रूप में नागरिक संसाधन सूचना विभाग तथा वित्त विभाग की सचिव सोफिया दहिया ने शिरकत की और कहा कि राज्य सरकार द्वारा परिवार पहचान पत्र बनाने का कार्य प्रगति पर है और इस के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर महिलाओं से सम्बन्धित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से वे लाभान्वित होगीं। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलसचिव डॉ. अवनीश वर्मा तथा उनकी धर्मपत्नी डॉ. मोनिका नागपाल ने भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की महिला शिकायत समिति की संयोजिका प्रो. प्रियंका सिवाच ने समिति द्वारा लिंग भेद को मिटाने सम्बन्धित कार्यो के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। युवा कल्याण निदेशिका डॉ. मंजू नेहरा ने मुख्य अतिथि तथा अन्य मेहमानों का स्वागत किया और नारी सशक्तिकरण पर स्वयं द्वारा रचित कविता पढ़ कर सब को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रो. मोनिका वर्मा ने मेहमानों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग की प्रो. अनु शुक्ला, सिस्टम मेनेजर डॉ. सरोज मेहता, लाईब्रेरी से डॉ. शर्मिला, सुमिष्ता रानी सहित विद्यार्थियों व ग्राम पंचायतों सहित लगभग 30 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलसचिव डॉ. राकेश वधवा सहित अनेक प्राध्यापक उपस्थित थे। विद्यार्थियों द्वारा रंगा रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मेहमानों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किये गये।
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